- दिल्ली-देहरादून हाइवे किसान संघर्ष समिति ने दी चेतावनी
- उचित मुआवजा और समस्याओं के समाधान की मांग
जनवाणी संवाददाता |
शामली: दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून छह लेन एक्सेस कंट्रोल ग्रीन फील्ड इकॉनोमिक कॉरीडोर के निर्माण के लिए अधिग्रहण की जा रही भूमि का उचित मुआवजा और अन्य समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर दिल्ली-देहरादून हाइवे किसान संघर्ष समिति ने जिलाधिकारी को मांग पत्र सौंपा।
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साथ ही, चेतावनी दी कि निर्माण कंपनी के कर्मचारी कई स्थानों पर कार्य के लिए आ चुके हैं। इसलिए कर्मचारी खेतों में न जाए अन्य टकराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसके लिए शासन-प्रशासन जिम्मेदार होगा।
सोमवार को दिल्ली-देहरादून हाइवे किसान संघर्ष समिति के जिला सचिव विदेश मलिक के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी जसजीत कौर से मिला। इस दौरान प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी को एक मांग पत्र सौंपा। जिसमें ज्ञापन में कहा गया कि एनएचएआई के द्वारा दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून छह लेन एक्सेस ग्रीन फील्ड कॉरीडोर का निर्माण किया जा रहा है।
कॉरीडोर से संबंधित विभिन्न समस्याओं को लेकर किसान पिछले 9-10 महीनों से आंदोलनरत हैं। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए आखरी बैठक प्रशासन और एनएचएआई के परियोजना निदेशक के साथ गत 25 फरवरी को हुई थी। यह बैठक बेनतीजा रही थी। उसके बाद कई जगहों पर एनएचएआई और कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारी किसानों के खेतों में विभिन्न कार्यों के लिए आने का प्रयास कर चुके हैं।
जिसके खिलाफ किसानों में काफी रोष व्याप्त है। इसलिए जब तक किसानों की मुआवजे एवं अन्य समस्याओं का समाधान नहीं निकलता है, तब तक कोई कर्मचारी किसी भी कर्मचारी किसी भी कार्य के लिए किसानों के खेतों में न जाए, अन्यथा टकराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। जिसके लिए शासन-प्रशासन जिम्मेदार होगा। इस दौरान बहावड़ी के थांबेदार बाबा श्याम सिंह भी मौजूद रहे।

