- उत्तर प्रदेश में शामली में सबसे कम 0.31 प्रतिशत मृत्यु दर
- प्रभारी मंत्री ने जनपद में टेस्टिंग रेट बढ़ाए जाने के दिए निर्देश
जनवाणी ब्यूरो |
शामली: उप्र के इलेक्ट्रोनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री तथा जनपद के प्रभारी मंत्री अजीत सिंह पाल ने कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा किए गए की समीक्षा की। इस दौरान जनपद में कोरोना से अब तक 37 लोगों की मृत्यु होने का दावा प्रशासन द्वारा किया गया। दूसरी ओर, प्रभारी मंत्री ने मुख्य चिकित्साधिकारी को टेस्टिंग रेट बढ़ाए जाने के निर्देश दिए।
प्रदेश के राज्यमंत्री अजीत सिंह पाल ने शनिवार को कलक्ट्रेट स्थित सभागार में कोविड-19 की रोकथाम के लिए प्रशासन द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा की। कोविड-19 सैंपलिंग एवं कॉन्ट्रेक्ट ट्रेसिंग के संबंध में सीएमओ डा. संजय अग्रवाल ने प्रभारी मंत्री को अवगत कराया कि कोविड-19 में अब तक 428514 सेंपलिंग हुई जिसमें से 11988 कोरोना पॉजिटिव केस पाए गए।
सीएमओ ने बताया कि जनपद में रिकवरी रेट 88.88 प्रतिशत है। वर्तमान में जनपद में 1294 एक्टिव पॉजिटिव केस हंै जिसमें से 1220 होम आइसोलेशन तथा 74 अस्पताल में भर्ती हंै। सीएमओ के अनुसार, अब तक जनपद में अब तक 37 कोविड-19 रोगियों की मृत्यु हो चुकी है, जो मृत्यु दर प्रदेश में 0.31 प्रतिशत तथा पॉजिटिव रेट 2.77 प्रतिशत है। जनपद में 65 आरआरटी टीम कार्यरत हंै।
प्रभारी मंत्री को सीएमओ ने बताया कि 5 मई से 11 मई तक विशेष अभियान के तहत 904 टीमों ने ग्रामीण क्षेत्रों में 169059 घरों का दौरा किया। इस दौरान 2145 लक्षण युक्त व्यक्ति मिले। सीडीओ शंभूनाथ तिवारी ने बताया कि जनपद के ग्रामीण क्षेत्र के अतिरिक्त नगरीय क्षेत्रों में भी 44529 घरों में सर्वे का कार्य किया गया। इस दौरान 421 व्यक्ति लक्षण युक्त पाए गए।
प्रभारी मंत्री अजीत सिंह पाल ने कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत उपस्थित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा गया कि जिस तरह से कोविड-19 की पहली लहर को अधिकारियों द्वारा पूरी मशक्कत के साथ कंट्रोल किया गया था, उसी तरह कोविड-19 की दूसरी लहर को भी कंट्रोल किए जाने का कार्य अधिकारियों द्वारा निरंतर किया जा रहा है जिसके बेहतर परिणाम भी मिल रहे हैं।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि उक्त कार्य इसी संवेदनशीलता के साथ चलता रहे जिससे कि जल्द से जल्द कोरोना की चैन को तोड़ा जा सके। प्रभारी मंत्री ने कोविड-19 की तीसरी लहर के लिए भी अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि पूरी तैयारी के साथ अलर्ट रहने की जरूरत है ताकि बाद में समस्या उत्पन्न ना हो।
महामारी जल्द से जल्द खत्म हो उसके लिए केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार द्वारा जारी की जाने वाली गाइडलाइन का शत-प्रतिशत रुप से पालन हो अधिक से अधिक प्रचार प्रसार किया जाए। प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्रारंभ में आॅक्सीजन की दिक्कत थी परंतु प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा हर जनपद को आॅक्सीजन दिए जाने का काम किया गया है। बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को कोविड-19 की टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश दिए।
बैठक में सांसद कैराना प्रदीप चौधरी कहा कि जिस तत्परता के साथ अधिकारियों द्वारा कार्य किया जा रहा है, उसी तत्परता के साथ कार्य करने की जरूरत है। सांसद ने कहा कि हॉस्पिटल सेवाएं बेहतर तरीके से चलती रहे। तीसरी लहर के दृष्टिगत अधिकारियों को पहले से ही समस्त सुविधा के साथ अलर्ट रहने की जरूरत है।
बैठक में जिलाधिकारी जसजीत कौर, एसपी सुकीर्ति माधव, सीडीओ शंभूनाथ तिवारी, एडीएम अरविंद कुमार सिंह, सीएमओ डा. संजय अग्रवाल, एएसपी ओपी सिंह, परियोजना निदेशक ज्ञानेश्वर तिवारी, डीपीआरओ आलोक शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष सत्येंद्र तोमर आदि मौजूद रहे।

