Wednesday, May 12, 2021
- Advertisement -
HomeUttar Pradesh NewsMeerutअस्पतालों के बाहर रोना बिलखना, आक्सीजन की मारामारी

अस्पतालों के बाहर रोना बिलखना, आक्सीजन की मारामारी

- Advertisement -
0

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: हालात इस कदर खराब है कि अस्पतालों के बाहर लोगों का रोना बिलखना और चीखना ही दिखाई सुनाई दे रहा है। जिसके अपने इस अस्पताल में इलाज के लिए आए है। मनोज की पत्नी केएमसी अस्पताल में भर्ती हैं।हर पल जिंदा रखने के लिए उन्हें आॅक्सीजन चाहिए और अपनी पत्नी के लिए वो हाथ जोड़कर गुहार लगा रहे हैं। केएमसी अस्पताल में हालत इस कदर हो गए हैं कि अस्पताल ने नोटिस बोर्ड लगा दिया है कि उनके पास आॅक्सीजन नहीं है और किसी भी विषम परिस्थिति के लिए वो जिम्मेदार नहीं है। अस्पताल में पिछले 24 घंटों में आठ लोगों की मौत आॅक्सीजन की कमी के चलते हो गई। केएमसी नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल संध्या चौहान ने खुद इसकी पुष्टि की है।

संध्या कहती हैं कि 170 मरीजों का इलाज चल रहा है और हर किसी को आॅक्सीजन की व्यवस्था तो नहीं की जा सकती है। प्रशासन भी आक्सीजन की इतनी आपूर्ति नहीं कर रहा है। रविवार दोपहर संतोष अस्पताल के कर्मचारियों ने तीमारदारों को बुलाकर कहा कि कुछ घंटे बाद आॅक्सीजन खत्म हो जाएगी। ऐसे में बेहतर है कि वे मरीजों को कहीं दूसरी जगह ले जाएं। इससे तीमारदारों में अफरातफरी मच गई।

अस्पताल प्रबंधन ने प्रशासन के अधिकारियों को भी आॅक्सीजन की कमी की जानकारी दी तो मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट कराने की कवायद शुरू हो गई। हालांकि इसके साथ ही आॅक्सीजन की भी व्यवस्था की गई और गंभीर हालत वाले मरीजों को ही दूसरे अस्पताल भेजा गया। देर शाम तक बाकी मरीजों का इलाज यहीं किया जा रहा है। इस बीच कई तीमारदार खुद ही आॅक्सीजन सिलिंडर की तलाश में जुट गए।

कोई बाइक पर तो कोई गाड़ी में सिलेंडर लेने दौड़ पड़ा। कई सिलेंडर लेकर आ गए। कई लोगों ने फोन करके एंबुलेंस बुला ली, दूसरे अस्पतालों में चले गए। दिल्ली से आए रतन जैन और सतपाल जैन ने बताया कि उनकी बहन राजुल जैन की शादी शास्त्री नगर में हुई है। वे यहीं पर भर्ती हैं। कहीं से एक सिलेंडर की व्यवस्था की। अब अस्पताल कर्मचारी कह रहे हैं कि दूसरी जगह ले जाओ। कहां जाएं, हर जगह बेड फुल हैं। सतपाल ने बताया कि वे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवधन के क्षेत्र हैं, लेकिन वहां भी अस्पतालों में बेड नहीं हैं।

नर्सिंग होमों में आॅक्सीजन का संकट, मची अफरातफरी

कोरोना के बढ़ते संक्रमण और आॅक्सीजन की कमी के कारण लगातार हो रही मौतों को देखते हुए दिन भर नर्सिंग होमों में लोग आॅक्सीजन के लिये परेशान भटकते रहे। नर्सिंग होमों के आॅक्सीजन नहीं है के फरमान से परिजनों की नींद उड़ गई। इस कारण गंभीर मरीजों को सांस लेने के लाले पड़ गए। देर रात आॅक्सीजन आपूर्ति सामान्य होने के बाद हालात थोड़े सुधरे।

सोमवार को बागपत रोड स्थित केएमसी अस्पताल में एक बार फिर आॅक्सीजन खत्म होने का फरमान सुना दिया गया। यह सुनकर मरीजों के परिजनों में हाहाकार मच गया। लोग सिलेंडर के लिये इधर-उधर भागने लगे। थोड़ी देर में काफी लोग अस्पताल के बाहर एकत्र हो गए और प्रबंधकों पर आरोप लगाने लगे। रविवार की रात को भी इस अस्पताल में आॅक्सीजन खत्म होने से हाहाकार मच गया था।

मरीजों को सांस लेने में दिक्कतें होने लगी थी। इसी तरह कई नर्सिंग होमों में आक्सीजन कम होने की सूचना मिलते ही हड़कंप मचना शुरू हो जाता था। हर कोई अपने जानने वालों से सिलेंडर दिलाने की गुहार लगाता रहा। गढ़ रोड स्थित संतोष अस्पताल में आॅक्सीजन खत्म होने पर मरीजों को दूसरी जगह ले जाने को कह दिया गया। इसको लेकर परिजनों की अस्पताल के स्टाफ से कहासुनी होने लगी।

इसी तरह न्यूटिमा अस्पताल में भी आॅक्सीजन के संकट ने मरीजों की सांस खतरे में डाल दी थी। जिस रफ्तार से प्राइवेट अस्पतालों में गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ रही है, उसको देखते हुए प्रशासन भी आॅक्सीजन की व्यवस्था ठीक ढंग से नहीं कर पाया। अपर जिलाधिकारी वित्त को आॅक्सीजन गैस के लिये प्रभारी बनाया गया है। इसको देखते हुए खरखौदा के बिजौली स्थित आॅक्सीजन प्लांट पर सिलेंडर की व्यवस्था कराई गई। मेडिकल कालेज में भी आॅक्सीजन गैस का संकट गहराने की कगार पर पहुंच गया था और जब इसकी जानकारी लोगों को हुई तो अफरातफरी मच गई।

डीएम पहुंचे बिजौली आॅक्सीजन प्लांट

शहर में आॅक्सीजन के भारी संकट और मरीजों को हो रही परेशानी को देखते हुए डीएम के. बालाजी देर रात खरखौदा स्थित बिजौली में स्थित आॅक्सीजन प्लांट देखने गए। डीएम ने प्लांट संचालकों से बात की और आपूर्ति बढ़ाने के लिये कहा। बिजौली आॅक्सीजन प्लांट व अग्रवाल आॅक्सीजन प्लांट में सुबह से आॅक्सीजन लेने वालों की भीड़ जुटनी शुरु हो गई थी। कुछ लोगों को सफलता भी मिली, लेकिन शाम के वक्त आपूर्ति बंद हो जाने से हाहाकार मच गया था। सोमवार की रात 11 बजे से पहल दोनों प्लांट सुचारू रूप से चालू हो गए हैं। देर रात हॉस्पिटलों को आॅक्सीजन की आपूर्ति शुरू हो गई थी। एडीएम फाइनेंस प्रशासन की तरफ से स्वयं आॅक्सीजन आपूर्ति को देख रहे थे।

सांसद ने आॅक्सीजन की कमी को लेकर सीएम से बात की

कोरोना संक्रमण के बढ़ते आंकड़ों और आॅक्सीजन की कमी के कारण लगातार हो रही मौतों को लेकर भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री और प्रभारी मंत्री को पत्र लिखकर आॅक्सीजन सिलेंडरों की व्यवस्था कराने की मांग की है ताकि लोगों को मरने से बचाया जा सके।

सांसद राजेन्द्र अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कहा है कि मेरठ में कोविड और अन्य बीमारियों के मरीज एनसीआर से आते हैं। ऐसे में मेरठ में आॅक्सीजन की बहुत ज्यादा कमी महूसस की जा रही है। इस समय मेरठ में लगभग 35 मीट्रिक टन आॅक्सीजन गैस की आवश्यकता है परन्तु केवल 10 मीट्रिक टन गैस की आपूर्ति हो पा रही है।

जिस तेजी से संक्रमण फैल रहा है उसको देखते हुए आॅक्सीजन की और अधिक जरूरत महसूस की जा रही है। सांसद ने बाद में मुख्यमंत्री से इस संबंध में वार्ता भी की और आॅक्सीजन की व्यवस्था कराने का अनुरोध भी किया। भाजपा महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल ने प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा को पत्र लिखकर कहा है कि मेरठ में रोज डेढ़ हजार से अधिक कोविड मरीज आ रहे हैं।

इस कारण आॅक्सीजन की कमी लगातार बढ़ रही है। इस कारण जनता में जबरदस्त भय बैठ रहा है। एडीएम फाइनेंस इस व्यवस्था को देख रहे हैं, लेकिन वो भी सफल नहीं हो पा रहे हैं। उत्तर प्रदेश श्रम कल्याण परिषद के अध्यक्ष/राज्यमंत्री सुनील भराला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र के माध्यम से कहा की कोरोना की दूसरी लहर से उत्पन्न जनपद की हृदय विदारक व भयावह स्थिति है।

मेरठ के सरकारी निजी अस्पतालों में बेड आॅक्सीजन व रेमडिसिविर जैसे आवश्यक प्राण रक्षक दवाइयों की बहुत बड़ी कमी है, जिसके कारण अब तक लगभग 500 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्यमंत्री ने सीएम से अनुरोध किया है कि मेरठ के अस्पतालों में अतिरिक्त आॅक्सीजन की आपूर्ति, बेड की व्यवस्था व आवश्यक दवाओं की आपूर्ति के लिए दिशा निर्देश देने का करे कष्ट।

सिलेंडर के लिए घंटों प्लांट के बाहर खड़े रहे लोग, आॅक्सीजन प्लांट पर हंगामा

हर ओर हाहाकार मचा है। जहां देखो वहां अपनों की जान बचाने के लिये लोग इस प्रयास में लगे हैं कि कहीं से बस एक आॅक्सीजन सिलेंडर का इंतजाम हो जाए। कुछ ऐसा ही हाल था पूठा रोड स्थित आॅक्सीजन प्लांट का है। यहां आक्सीजन का एक सिलेंडर लेने के लिये लोगों ने घंटों हंगामा किया, लेकिन उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पाया। हालांकि यहां ब्लैक में सिलेंडर बेचे जाने की अफवाह भी उड़ती रही।

किसी को नहीं पता था कि आॅक्सीजन के लिए ऐसे हालात पैदा हो जाएंगे कि लोग घंटों आॅक्सीजन प्लांट के बाहर खड़े रहेंगे और उसे बावबूद उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पायेगा, लेकिन कोरोना महामारी ने लोगों को ऐसा दिन दिखा दिया। शहर में स्थित सभी आॅक्सीजन प्लांट के कुछ ऐसे ही हाल है लोग खाली सिलेंडर लिए खड़े हैं लेकिन आॅक्सीजन नहीं मिल पा रही है।

पूठा रोड स्थित कृष्ण एयर प्रोडक्ट इंडिया की बात करें तो यहां सोमवार सुबह से ही लोग आॅक्सीजन लेने पहुंचे। कोई एम्बुलेंस में ले जा रहा था तो कोई कार में, लेकिन शाम होते-होते यहां पैर रखने को जगह नहीं बची। लोग दूर-दूर से यहां आॅक्सीजन लेने पहुंचने लगे।

हालात यह हो गये कि यहां एक के ऊपर एक लोग चढ़ने लगे। जिसके बाद यहां हंगामा खड़ा हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को बाहर निकालना शुरू कर दिया जिसके बाद यहां हंगामा खड़ा हो गया। लोग आॅक्सीजन के लिये चीखने चिल्लाने लगे, लेकिन उन्हें आॅक्सीजन नहीं मिल पाई। आखिरकार अंत में यहां आॅक्सीजन खत्म ही हो गई और यहां से लोग ऐसे ही लौट गये।

हालात कुछ ऐसे हो गये हैं कि जिस बीमारी से अपने की जान बचाने के लिये लोग यहां आॅक्सीजन सिलेंडर लेने पहुंच रहे हैं वह यह ही भूल गये हैं कि इस लापरवाही से वह खुद उस बीमारी का शिकार हो सकत हैं। यहां आॅक्सीजन लेने आने लोगों को न तो सॉशल डिस्टेसिंग की चिंता है न मास्क लगाये हैं मास्क उतर कर चेहर पर आ चुका है लेकिन उन्हें बस एक सिलेंडर चाहिए। चाहे किसी भी तरह मिल जाए। इस तरह से वह अपनी जान को ही जोखिम में डाल रहे हैं।

न कोई अमीर, न गरीब सब लगे एक लाइन में

कोरोना महामारी ने अमीर और गरीब का फर्क ही खत्म कर दिया है। यहां आॅक्सीजन प्लांट में आॅक्सीजन लेने पहुंचे लोगों को देखकर ऐसा प्रतीत हुआ। आज करोड़पति और दाहिडी मजदूर सब एक साथ एक आॅक्सीजन सिलेंडर के लिये लाइन में लगे हैं। कोई लाखों रुपये की गाड़ी लेकर एक आॅक्सीजन सिलेंडर लेने प्लांट पर पहुंच रहा है तो रिक्शा में सवार होकर।

लोग साइकिल पर गैस सिलेंडर रखकर घंटों लाइन में लगे हैं आॅक्सीजन लेने के लिये, लेकिन यहां सब एक बराबर है। यहां किसी को आसानी से सिलेंडर नहीं प्राप्त हुआ। जिन लोगों ने पहले सिलेंडर बुक कराया था या प्रशासन की अनुमति के बाद ही लोगों को सिलेंडर दिया जा रहा है। इसके लिये लोगों को अपना पर्चा भी साथ लाना है और एक खाली सिलेंडर।

बिजौली स्थित प्लांट पर भी लगी लाइन

बता दें कि हापुड़ रोड स्थित बिजौली आॅक्सीजन प्लांट पर भी कुछ ऐसा ही हाल देखने को मिला। यहां भी लोग घंटों तक लाइन लगाये खड़े रहे, लेकिन उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिल पाया। यहां प्लांट संचालक ने लोगों को यह कहकर वापस भेज दिया किय बिना जिलाधिकारी की अनुमति के आॅक्सीजन नहीं मिलेगी। जब उनकी अनुमति होगी तब ही गैस दी जाएगी।

What’s your Reaction?
+1
0

+1
0

+1
0

+1
0

+1
0

+1
0

+1
0

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

- Advertisment -

Recent Comments