Sunday, June 4, 2023
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मेरठ की बेटियों ने किया कमाल, देश में लहराया परचम

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  • आइसीएसई में काजल, आइएससी में अमृषा बनीं जिला टॉपर
  • काजल ने देश में पाया दूसरे स्थान, सोफिया से ही निकली 10वीं, 12वीं की टॉपर

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ:  काउंसिल फार द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन यानी सीआइएससीई की ओर से रविवार को कक्षा आइसीएसई-दसवीं और आइएससी-बारहवीं का परिणाम जारी किया गया। इस वर्ष जिले की दोनों टॉपर सोफिया गर्ल्स स्कूल से ही निकली हैं। कक्षा दसवीं में काजल गोयल को 99.6 प्रतिशत अंक मिले हैं।

काजल काउंसिल की आल इंडिया टाप-थ्री सूची में दूसरे स्थान पर हैं। काउंसिल की दसवीं के परिणाम में सर्वश्रेष्ठ अंक 99.8 प्रतिशत, दूसरे स्थान पर 99.6 प्रतिशत और तीसरे स्थान पर 99.4 प्रतिशत है। वहीं कक्षा बारहवीं में भी सोफिया गर्ल्स स्कूल की अमृषा 98.25 प्रतिशत अंक के साथ जिले की टॉपर हैं।

इस वर्ष जिले में काउंसिल से मान्यता प्राप्त सात स्कूलों के परिणाम जारी हुए हैं। सेंट मेरीज एकेडमी, सोफिया गर्ल्स स्कूल, सेंट थॉमस इंग्लिश मीडियम स्कूल, आल सेंट स्कूल में कक्षा दसवीं व बारहवीं दोनों के परीक्षार्थी थे। वहीं, सेंट पैट्रिक्स एकेडमी, सेंट जेम्स और सेंट फ्रांसिस कान्वेंट के कक्षा 10वीं के परीक्षार्थी रहे।

पहले परिणाम में टॉप पर रहा सेंट पैट्रिक्स

सेंट मेरीज एकेडमी प्रबंधन के दूसरे स्कूल सेंट पैट्रिक्स एकेडमी ने पहले ही दसवीं के परिणाम में टॉपर दिया हैै। स्कूल में कक्षा दसवीं की टापर वंशिका को 99 प्रतिशत अंक मिले हैं। वह संयुक्त रूप से जिले में दूसरे स्थान पर हैं। इनके अलावा कक्षा दसवीं में सेंट मेरीज एकेडमी के वेदांश को 99 प्रतिशत अंक मिले हैं।

तीसरे स्थान पर सेंट मेरीज एकेडमी के विशेष अग्रवाल और पार्थ अश्वलायन 98.8 प्रतिशत अंक पर हैं। वहीं कक्षा बारहवीं में दूसरे स्थान पर सेंट मेरीज एकेडमी के आर्यमन सुवक्ष और वत्सल त्यागी 98 प्रतिशत पर और तीसरे स्थान पर सेंट मेरीज के ही सत्यम शर्मा और सोफिया गर्ल्स स्कूल की अदिति जैन को 97.75 प्रतिशत अंक मिले हैं।

एसएमएस से नहीं मिला रिजल्ट

काउंसिल ने पिछले कुछ कुछ सालों में परीक्षार्थियों को एसएमएस के जरिए भी परीक्षा परिणाम देने की शुरुआत की थी जिसे इस वर्ष बंद कर दिया। हालांकि काउंसिल की वेबसाइट पर ही विद्यार्थियों के लिए परिणाम निकालने की सुविधा थी। वहीं स्कूलों के परिणाम अलग पोर्टल पर एकमुस्त निकले। इससे स्कूलों को भी मेधावियों के परिणम निकालने में समय नहीं लगा। काउंसिल का सर्वर इस वर्ष ठीक रहने से रिजल्ट निकालने में वेबसाइट एक बार भी नहीं अटकी।

कक्षावार जिले के टॉपर्स की लिस्ट

  • 10वीं

नाम अंक प्रतिशत स्कूल

काजल गोयल 498 99.60 सोफिया गर्ल्स स्कूल

वेदांश गर्ग 495 99.0 सेंट मेरीज एकेडमी

वंशिका 495 99.0 सेंट पैट्रिक एकेडमी

विशेष अग्रवाल 494 98.8 सेंट मेरीज एकेडमी

पार्थ 494 98.8 सेंट मेरीज एकेडमी

  • 12वीं

अमरीशा सिंह 393 98.25 सोफिया गर्ल्स स्कूल

आर्यमन सुवक्ष 392 98.0 सेंट मेरीज एकेडमी

वत्सल त्यागी 392 98.0 सेंट मेरीज एकेडमी

सत्यम शर्मा 391 97.75 सेंट मेरीज एकेडमी

अदिति जैन 391 97.75 सोफिया गर्ल्स स्कूल

आर्यमन को पसंद है फाइनेंस का क्षेत्र

सेंट मेरीज एकेडमी के बारहवीं छात्र आर्यमन ने 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। वह अब आईआइटी से इंजीनियरिंग करनी चाहते हैं, जिसके लिए उन्होंनेकंप्यूटर साइंस को चुना है। जेईई मेन में आर्यमन की 6788 रैंक थी। अब एडवांस की तैयारी कर रहा है।

मेरी रुचि फाइनेंस के क्षेत्र में है। इंजीनियरिंग के बाद इस ओर करियर बनाने की योजना है। इसके लिए एमबीए भी करना है। बोर्ड परीक्षा की तैयारी में पिता से फिजिक्स और मां से गणित की तैयारी में मदद मिली। पिता डॉ. ललित कुमार मेरठ कॉलेज में फिजिक्स के असिस्टेंट प्रोफेसर हैं और मां डॉ. ज्योति चौधरी एसएनपीजी कॉलेज माधवपुरम में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं।

इंजीनियर बनना है सपना

सेंट मेरीज एकेडमी के दसवीं छात्र विशेष अग्रवाल ने 98.8 प्रतिशत अंक पाकर जिले में संयुक्त रुप से दूसरा स्थान प्राप्त किया है। विशेष के पिता डा. अमित अग्रवाल छाती एवं श्वास रोग विशेषज्ञ हैं और माता डा. रुचि अग्रवाल डेंटिस्ट हैं। विशेष ने बताया कि उन्होंने सिर्फ सेल्फ स्टडी ही की और कोचिंग नहीं लिया। स्कूल में जो शिक्षकों ने पढ़ाया उसी पर खास रुप से ध्यान दिया। 11वीं में पीसीएम लेकर भविष्य में इंजीनियर बनना है। पढ़ाई के अलावा स्केटिंग, फुटबॉल और म्यूजिक में रुचि है। फुटबॉल में हाल ही में प्रदेश स्तर पर हिस्सा लिया था।

सत्यम को बनना है कंप्यूटर इंजीनियर

नेहरु रोड निवासी सत्यम शर्मा के पिता डा. सचिन कुमार एएसपीजी कॉलेज मवाना में भौतिक विज्ञान के प्रोफेसर और माता नीलम शर्मा केपी कॉलेज मवाना में अंग्रेजी की एसोसिएट प्रोफेसर हैं। सत्यम का कहना है कि उन्हें कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग करनी है।

जेईई मेंस की परीक्षा में उन्होंने 3143 रैंक हासिल की है और एडवांस के लिए तैयार कर रहे हैं। 10वीं में उन्होंने 98.4 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। पढ़ाई के अलावा उन्हें इलेक्ट्रॉनिक म्यूजिक आर्टिस्ट बनना है। घर पर भी वह ईडीएम बनाते हैं और इंजीनियर के लिए मौका मिलने पर इस क्षेत्र में आगे जाना चाहते हैं।

आईएएस बनना चाहते हैं वेदांश

सेंट मेरीज एकेडमी के दसवीं छात्र वेदांश गर्ग ने 99 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में संयुक्त रूप से दूसरा स्थान प्राप्त किया हैं। वह आगे चलकर आईएएस बनना चाहते हैं। उनके पिता शारदा ग्रुप आॅफ इंस्टीटयूशंस के चेयरमैन सुमित गर्ग हैं और माता कविता गर्ग हैं। वेदांश की सफलता पर परिवार में खुशी का माहौल है।

उन्होंने टॉप सेलिब्रेशन के साथ साथ मदर्स डे भी मनाया साथ ही रिश्तेदारों का भी बधाई का सिलसिला जारी है। इसके अलावा वे कहते हैं कि पढ़ते समय उन्होंने कभी घंटे नही गिने, केवल पढ़ाई की। साथ ही यदि समस्या हुई, तो तुरंत अपने शिक्षक शिक्षिकाओं से बात की।

पीसीएम से करनी है पढ़ाई

मोहनपुरी निवासी पार्थ अश्वलयन सेंट मेरीज एकेडमी कक्षा दसवीं का छात्र है। पार्थ ने 98.8 प्रतिशत अंक लाकर जिले में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। पार्थ के पिता वृषध्वज एमआईईटी में फार्मेसी विभाग में प्रोफेसर हैं और मां डा. दिव्या शर्मा डीएन कॉलेज में कंप्यूटर साइंस विभाग की विभागाध्यक्ष हैं। पार्थ ने बताया कि सिर्फ सेल्फ स्टडी ही किया। 11वीं में पीसीएम लिया है। पढ़ाई के अलावा किताब पढ़ना पसंद है। लॉर्ड आॅफ द रिंग्स और इन्हेरिटेंस साइकिल किताब हाल ही पूरी की है। सोशल मीडिया से अभी दूरी बनाई हुई है।

डाक्टर बन गरीबों की सेवा करेगी काजल

काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन यानि सीआईएससीई की ओर से रविवार को दोपहर तीन बजे दसवीं का परीक्षा परिणाम जारी किया गया। जिसमें सोफिया गर्ल्स स्कूल की 10वीं छात्रा काजल गोयल ने जहां जिला टॉप किया गया हैं, वहीं यूपी की मेरिट में वह दूसरे स्थान पर रही है। काजल ने 99.60 प्रतिशत अंक प्राप्त किए गए।

इस समय काजल नीट की तैयारी करने में लगी हुई और 11वीं में उन्होंने बोर्ड भी चेंज कर लिया है। क्योंकि काजल का सपना डॉक्टर बनने का है। काजल की मां पिंकी गोयल गृहिणी है और पिता संजय गोयल कारोबारी। काजल की इस पोजिशन के लिए स्कूल प्रधानाचार्या व शिक्षिकाओं ने बधाई दी।

जज बनना चाहती है अमृषा

सोफिया गर्ल्स स्कूल की बारहवीं छात्रा अमृषा सिंह ने जिले में प्रथम स्थान प्राप्त कर स्कूल का नाम रोशन किया है। अमृषा ने 98.25 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। अमृषा के पिता डॉ. अनुराग सिंह मेरठ कॉलेज में लॉ के प्रोफेसर है और मां डॉ. अर्चना सिंह हिस्ट्री की प्रोफेसर है। वह अपने पिता से इंस्पायर है इसलिए लॉ कर जज बनना चाहती है।

अमृषा का कहना है कि कानून को लेकर सवाल उठते रहते हैं, लेकिन वह जज बनकर कुछ अलग करना चाहती है। वह सोशल मीडिया से पढ़ाई के समय दूर रहती थी। इस समय वह नीट की तैयारी कर रही है। अगर जज नहीं बन पाती है तो डॉक्टरी में जा सकती है।

एमबीबीएस करने का है सपना

सेंट पैट्रिक्स एकेडमी की दसवीं छात्रा वंशिका सिंघल ने 99 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। कंकरखेड़ा निवासी वंशिका न्यूरोलॉजिस्ट बनना चाहती है। उनके पिता शरद सिंघल फार्मा कंपनी में मैनेजर की पोस्ट पर है और मदर अंजली सिंघल हाउस वाइफ है।

वंशिका फिलहाल अभी नीट की तैयारी कर रही हैं, इस एग्जाम को पूरा करना ही उनकी अगला कदम है। वहीं, उनका कहना है कि पढ़ाई को तनाव लेकर न करें, अगर रेगुलर पढ़ेंगे तो आपको बिल्कुल भी तनाव नहीं होगा आराम से समझ भी आएगा। अब 11वीं कक्षा में वह साइंस लेकर पढ़ाई करना चाहती है।

न्यूरोलॉजिस्ट बनना चाहती है अदिति

सोफिया गर्ल्स स्कूल साइंस वर्ग की बारहवीं कक्षा की छात्रा अदिति जैन ने 97.75 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। अदिति के पिता दीपक जैन बिजनेस करते हैं और मां सीमा जैन हाउस वाइफ है। अदिति मेडिकल लाइन में आगे बढ़ना चाहती है। उनका सपना न्यूरोलॉजिस्ट बनना है।

इसके लिए वह तैयारी कर रही है। अदिति का कहना है कि डॉक्टर को पहले लोग भगवान के रुप में देखते थे, लेकिन आज कुछ बदलाव आया है। मगर मैं ईमानदारी के साथ लोगों की सेवा करना चाहती हूं। मैंने चार से पांच घंटा रोज शुरू से ही सेल्फ स्टडी की है। सोशल मीडिया का केवल पढ़ाई में ही प्रयोग किया है।

वत्सल को बनना है आइएएस आफिसर

सेंट मेरीज एकेडमी कक्षा 12वीं के छात्र वत्सल त्यागी ने 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में संयुक्त रूप से दूसरा स्थान प्राप्त किया है। वत्सल ने दसवीं में भी जिला टॉप किया था। वत्सल अब आईआइटी से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करना चाहते हैं, वहीं उनका कहना हैकि मेरा लक्ष्य आइएएस अफसर बनना है जो इंजीनियरिंग के रास्ते होकर पूरा करूंगा।

बोर्ड परीक्षा और जेईई का सिलेबस लगभग एक जैसा था। वीकेंड में जेईई की कोचिंग की। जेईई में 2984 रैंक थी। इंटरनेट मीडिया पर नहीं रहा। पढ़ाई के अलावा फिटनेस के लिए फुटबाल खेलना पसंद है। मेरे पिता एसके त्यागी बिजनेसमैन हैं और मां डा. कविता त्यागी मेरठ कॉलेज में प्रोफेसर हैं।

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