Saturday, August 15, 2026
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दुनियाभर में सबसे खराब है दिल्ली की हवा, इन शहरों में खतरनाक स्तर पर AQI

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: भारत में सर्दी के मौसम की शुरुआत के साथ ही वायु गुणवत्ता फिर से खराब होने लगी है। सबसे बुरा हाल उत्तर भारत का है, जहां एक्यूआई लगातार खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। खासकर दिल्ली-एनसीआर के क्षेत्र में तो धुंध और धुएं की घनी चादर में लोगों का सांस लेना तक मुश्किल है। हालांकि, यह हालात सिर्फ दिल्ली तक ही सीमित नहीं हैं। औसत आंकड़ों को देखा जाए तो सामने आता है कि पूरी दुनिया में इस वक्त भारत में प्रदूषण सबसे उच्च स्तर पर है। यहां के अधिकतर शहरों में सुबह एक्यूआई 500 के पार पहुंच गया, जो कि खतरनाक के स्तर से भी ऊपर है।

दुनिया में किन शहरों में हवा की गुणवत्ता सबसे खराब?

पूरी दुनिया की बात करें तो हवा की खराब गुणवत्ता वाले देशों में भारत टॉप पर है। यहां औसत एक्यूआई ही 500 के ऊपर है। सबसे प्रदूषित टॉप शहरों में भारत के चार शहर शामिल हैं। इन शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) लगातार हानिकारक स्तर से ऊपर है। जहां दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में एक्यूआई 500 से 700 के बीच है। तो वहीं नोएडा में इस वक्त एक्यूआई 519, फरीदाबाद में 515 और गाजियाबाद में 493 पर है।

खराब हवा वाले देशों में दूसरा नंबर चीन का है। हालांकि, यहां बाओडिंग (एक्यूआई- 500) को छोड़ दिया जाए, तो किसी भी शहर में एक्यूआई 200 से ज्यादा नहीं है। भारत का ही एक और पड़ोसी बांग्लादेश 170 के औसत एक्यूआई के साथ दुनिया का चौथा सबसे प्रदूषित शहर बना है। हालांकि, यहां भी पलटन और ढाका के अलावा कहीं भी एक्यूआई 200 के पार नहीं है। खराब हवा वाले देशों में पांचवां नंबर पाकिस्तान का है, जहां औसत एक्यूआई – 157 पर है। मौजूदा समय में लाहौर का एक्यूआई 480 और शरकपुर शरीफ का एक्यूआई 247 है। बाकी शहरों में यह आंकड़ा 200 के नीचे है।

भारत में सबसे खराब वायु गुणवत्ता वाले टॉप-10 शहरों में दिल्ली-एनसीआर के अलावा बिहार के कटिहार और आरा भी शामिल हैं। यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स क्रमशः 350 और 448 पर है। इसके अलावा मध्य प्रदेश के भोपाल (एक्यूआई- 468), हरियाणा के सिरसा (एक्यूआई-412) में भी प्रदूषण रिकॉर्ड स्तर पर दर्ज किया गया है।

क्या है उत्तर भारत में प्रदूषण के इस स्तर की वजह?

चौंकाने वाली बात यह है कि खराब वायु गुणवत्ता वाले शहरों में अधिकतर उत्तर भारत के हैं। विश्लेषण के मुताबिक, दिवाली के खत्म होने और सर्दियों की शुरुआत के बीच उत्तर भारत में यह दौर आता है, जब दिल्ली और एनसीआर के आसपास हवा लगातार प्रदूषित होती है। उत्तर, पूर्व, पश्चिम और दक्षिण में ऊंचाई वाले क्षेत्रों से घिरे होने की वजह से उत्तर भारत का एक बड़ा क्षेत्र सर्दियों की शुरुआत में ही चैंबर की तरह काम करता है। हालांकि, यह दौर ज्यादा लंबा नहीं खिंचता, जिसकी वजह से एनसीआर क्षेत्र में औसत स्तर पर वायु गुणवत्ता सामान्य के करीब रहती है।

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