- बंधक बनाने का वीडियो वायरल होने पर पुलिस मदद को पहुंची
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: पति और पत्नी के विवाद ने एक परिवार को पूरी तरह से बर्बादी के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। महिला का आरोप है कि उसे ससुराल वाले प्रताड़ित कर रहे हैं और उसकी सारी सुविधाओं पर अंकुश लगा कर एक घर में घुट कर रहने को मजबूर कर दिया है। महिला ने इस बाबत जब अपना वीडियो बनाकर वायरल किया तो पुलिस हरकत में आई और महिला की मदद करने पहुंची लेकिन महिला ने पुलिस से मदद लेने से इंकार करते हुए पति से लड़ाई खुद लड़ने का ऐलान किया।
बुधवार को बागपत रोड स्थित गुलमोहर पार्क के मकान नंबर-15 का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में महिला कह रही है उसे उसके ससुराल वालों ने बंधक बनाकर रखा हुआ है और उसके पास खाने पीने का सामान तक नहीं है। वीडियो वायरल होते ही टीपी नगर इंस्पेक्टर विवेक शर्मा अपने साथ महिला पुलिस को लेकर महिला शिप्रा अग्रवाल पत्नी संदीप अग्रवाल के पास पहुंचे।
महिला ने बताया कि उसकी शादी को पन्द्रह साल हो गए हैं और उसके कोई बच्चे नहीं है इस कारण ससुराल वाले पति संदीप अग्रवाल की तीसरी शादी नोएडा की किसी युवती से कराना चाहते हैं। ससुराल वालों ने पति को अपने कब्जे में किया हुआ है और उनसे बात नहीं करने देते हैं। महिला ने अपने ससुर राजेन्द्र गुप्ता, जेठ राकेश गुप्ता आदि पर आरोप लगाये हैं।

महिला का कहना है कि उसे बंधक नहीं बनाया गया बल्कि उसकी सुविधाओं पर अंकुश लगा दिया गया है। उसके पास न तो सिलेंडर आने दिया जा रहा और न खाने पीने का सामान। सिर्फ मां से ही सहारा है। वहीं पति संदीप अग्रवाल का कहना है पिछले साल जब कोरोना हुआ था तब पत्नी अकेले छोड़ कर चली गई थी। 25 मार्च को पत्नी घर से जेवर और नगदी लेकर चली गई। पत्नी तीसरी शादी का आरोप फर्जी लगा रही है।
अगर उसके साथ ज्यादती हो रही है तो पुलिस में लिखित शिकायत क्यों नहीं कर रही है। वहीं मदद के लिये इंस्पेक्टर टीपी नगर ने महिला से लिखित में शिकायत दर्ज कराने को कहा तो महिला ने साफ मना कर दिया। पुलिस ने उसे घर से सुरक्षित साथ ले जाने को कहा तो महिला ने मना कर दिया और कहा कि वो अपने पति को हासिल करने के लिये लड़ाई लड़ेगी।
धोखाधड़ी के आरोपी पिता-पुत्र की जमानत खारिज
न्यायालय अपर जिला जज कोर्ट संख्या-18 मेरठ रमेश ने धोखाधड़ी कर पैसे हड़पने के आरोप में आरोपी मांगेराम पुत्र खिम्मन व सुनील पुत्र मांगेराम निवासी मुल्ताननगर का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। एडीजीसी क्रिमिनल पंकज भारद्वाज ने बताया की वादी मुकदमा अंकुर चौधरी ने थाना टीपी नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह ट्रांसपोर्टर है एवं ट्रक को खरीदने बेचने का कार्य भी करता है।
उसकी जान पहचान आरोपी के पुत्र विपिन से हुई, जो ग्राहक सेवा केंद्र का संचालन है और बैंक मित्र भी है। आरोपी का परिवार मुनाफा कमाने को लेकर जनता को नई नई स्कीम बताते रहते थे। आरोपी व उनके परिवार द्वारा वर्ष 2020 से लेकर 2021 तक एसबीआई वह एचडीएफसी बैंक में एफडी एवं आरडी में पैसे जोड़ने के नाम से काफी लोगों से पैसे ले रखे थे और लगभग 36 लाख रुपयों की ठगी कर रखी थी।
वादी मुकदमा ने आरोपियों को थोड़े-थोड़े समय पर किस्तों में पैसे दे दिए। पैसे लेते हुए आरोपियों ने कहा कि तुम्हारा पैसा इन्वेस्ट कर दिया है फायदा जब होगा तो तुम्हें मुनाफा भी दे देंगे। उसके बाद आरोपी का पैसा वापस नहीं किया तो वादी मुकदमा ने आरोपीगण के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दी। न्यायालय में आरोपियों ने कहा कि उन्हें झूठा फंसाया जा रहा है। जिसका सरकारी वकील ने कड़ा विरोध किया न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर आरोपियों का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।

