जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा नेकहा कि प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को सुधारने के लिए ऊर्जा विभाग के सभी विद्युतअभियन्ता लगातार प्राथमिकता के आधार पर कार्य करें, सामनेजो भी कमियां दिखे उसे तत्काल प्रभाव से ठीक करने की कोशिश करें।
उपभोक्ताओं की फरियाद को भी गंभीरता से लेते हुए तत्काल इसके समाधान के प्रयास किये जाने चाहिए। विद्युत दुर्घटनाओं को भी होने से रोकने के लिए प्रोएक्टिव होकर कार्य करना होगा।बेहतर विद्युत व्यवस्था एवं 24X7 आपूर्ति से ही हम प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने में आगे बढ़ सकेंगे और 24 घंटे निर्वाध विद्युत आपूर्ति भी प्रदेश को मिल सकेगी।

ऊर्जा मंत्री मंगलवार को रविन्द्रालय,चारबाग में आयोजित राज विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन के 75वां महाधिवेशन के हीरक जयंती समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि विद्युत अभियन्ता यह सुनिश्चित करें कि जितनी भी बिजली उपभोक्ताओं को दें, उतने की राजस्व वसूली भी करें। प्रदेश में हो रही बिजली चोरी को पूरे प्रयासों के साथ हरहाल में रोकना होगा। तभी हम लाइन लॉस के साथ राजस्व घाटे में कमी ला सकेंगे।
उन्होंने नेवर पेड और नान मीटरउपभोक्ताओं को शीघ्र ही सिस्टम से समाप्त करने को कहा तथा जीर्णशीर्ण लटकते एवं झूलते तारों, बिजली पोल, ट्रांसफार्मर को बदलना होगा तथा इसकी भी निरन्तर निगरानी करनी होगी कि विद्युत दुर्घटनाओं सेकोई भी जन, धन एवं पशु हानि न होने पाये।
एके शर्मा ने कहा कि इस वर्ष 26 हजार मेगावाट से ज्यादा के विद्युत मांग को अभियन्ताओं के सहयोग से पूरा किया गया। व्यापक विद्युतीकरण की प्रक्रिया के कारण प्रदेश की विद्युत मांग बढ़ी है, जिसे पूरा किया जा रहा है। उन्होंने बिलों मेंगड़बड़ी को रोकने के लिए स्वयं उपभोक्ताओं द्वारा मीटर की फोटो खींचकर बिल जमा करनेकी प्रक्रिया को व्यापक बनाने की भी बात कही।
उन्होंने विद्युत कनेक्शन के लिए झटपट पोर्टल को और व्यवहारिक बनाने के लिए कहा। उन्होंने सभी विद्युत अभियन्ताओं को विद्युत व्यवस्था को सुधारने के लिए लगातार उनके द्वारा किये जा रहे कार्यों की प्रशंसा की और कहा कि इस वर्कशाप में प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को सुधारने पर चर्चा होगी औरइसकी चिंता भी सभी करेंगे और सभी अभियन्ता यह संकल्प लेकर जायेंगे कि किसी भी विद्युत कर्मी की मौत विद्युत करंट से न हो, इस कार्य में संवाद को बढ़ाये और किसी भी प्रकार की इसमें लापरवाही न होने पाये।

