Monday, July 22, 2024
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मीटर से कई गुना बढ़े बिलों से किसानों में उबाल

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  • मीटर उखाड़कर जमा कराने वाले किसानों को नोटिस जारी करने को लेकर हंगामा
  • सही साबित होने लगा किसानों का अंदेशा

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: नलकूपों पर लगाए गए मीटर के आधार पर जो बिल भेजे गए हैं, उनको देखकर किसानों में आक्रोश उत्पन्न हो गया। इसके साथ ऊर्जा निगम की ओर से मीटर जमा कराने वाले किसानों को नोटिस भेजकर एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी भी जारी की गई। इन दोनों मामलों से गुस्साए किसानों ने मंगलवार को डिवीजन कार्यालय पहुंचकर हंगामा किया।

अधीशासी अभियंता से मिले किसानों ने दो टूक कहा कि बिजली के बिल बढ़कर आने का उनका अंदेशा सही साबित हो रहा है। ऐसी स्थिति में कोई भी किसान अपने नलकूप पर मीटर नहीं लगवाएगा। जबकि अधीशासी अभियंता का कहना था कि जिन किसानों ने नलकूपों से मीटर उखाड़कर विभाग के पास जमा कराए गए हैं, उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।

आने वाले समय में किसानों और ऊर्जा निगम के बीच टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है। इसकी बुनियाद तब देखने को मिली, जब जानी क्षेत्र के ग्राम किठौली में नलकूपों से मीटर उखाड़कर डिवीजन में जमा कराने वाले 35 किसानों को विभाग की ओर से नोटिस भेजे गए। इन नोटिस में कहा गया है कि प्रदेश सरकार के विशेष सचिव के निर्देश के अनुपालन में निजी नलकूपों पर मीटर लगाया गया था।

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जिसको नियम विरुद्ध उखाड़कर संबंधित उपकेन्द्र अथवा एसडीओ कार्यालय पर बिना किसी सूचना के जमा कराया गया है। नोटिस में कहा गया कि यह अवगत कराना आवश्यक है कि विभाग निजी नलकूपों पर मीटर लगाकर केवल विभाग की खपत का मापन करना करना चाहता है। उपभोक्ता का बिल पूर्व की भांति फिक्स रेट से बनना है। जबकि शेष खपत के सापेक्ष सरकार की ओर से सब्सिडी के जरिये भुगतान किया जाना है।

अधीशासी अभियंता की ओर से भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि नलकूपों पर लगाए गए मीटर उखाड़कर किसानों ने विद्युत अधिनियम की धाराओं का उलंघन किया है, जो एक दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। किसान से कहा गया कि वह नोटिस मिलने के एक सप्ताह के भीतर अपना पक्ष संबंधित खंड अथवा उपखंड पर प्रस्तुत करे। ऐसा न होने की स्थिति में समुचित धाराओं में विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

इन नोटिसों को लेकर किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल अधीशासी अभियंता प्रथम प्रवीण कुमार से उनके कार्यालय में मिला। जहां नोटिस भेजे जाने को लेकर किसानों और अधीशासी अभियंता के बीच नोकझोंक की नौबत आ गई। किसानों ने बिल प्रस्तुत करते हुए कहा कि जिनके बिल 700 रुपये तक आते थे, उन्हें मीटर के आधार पर पांच से सात हजार तक के बिल भेज दिए गए हैं।

इस पर अधीशासी अभियंता प्रवीण कुमार का कहना था कि जिनके पास ऐसे बढ़े हुए बिल आए हैं, वे संबंधित कार्यालय से संपर्क करके उन्हें ठीक करा सकते हैं। विभाग की ओर से साफ निर्देश हैं कि किसानों से फिक्स रेट के आधार पर ही बिल लिए जाएंगे। किसानों से कहा गया कि वे अपने नलकूपों से उखाड़े गए मीटरों को फिर से लगवा लें, ताकि विभाग को वास्तविक बिजली खर्च का पता लग सके, लेकिन अधिकारी से हुई बातचीत में दिए गए आश्वासन के बावजूद किसान बिल्कुल संतुष्ट नहीं हुए।

उनका कहना था कि भेजे गए बिलों का कई गुना अधिक आना अपने आप में विभाग की मंशा को स्पष्ट करता है। उन्होंने कहा कि वे किसी भी दशा में मीटर नहीं लगवाएंगे। इस पर अधीशासी अभियंता ने एफआईआर कराने की बात कही, लेकिन किसान टस से मस नहीं हुए। किसानों का नेतृत्व कर रहे भाकियू नेता हरेन्द्र सांगवान का कहना था कि इस बारे में संगठन के शीर्ष नेतृत्व को अवगत कराया जाएगा। उनके साथ राज मुकुट, निरंकार सिंह, विवेक कुमार, धर्मेंद्र उर्फ बबलू, विकास कुमार, नवीन प्रधान, किरणपाल आदि मौजूद रहे।

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