Sunday, July 21, 2024
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मूलभूत सुविधाओं के लिए लोगों का प्रदर्शन

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  • आखिरकार अधिकारियों ने की वार्ता, डटे रहे आंदोलनकारी, सौंपा ज्ञापन

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: इंकलाब जिंदाबाद! के बुलंद नारे के साथ वार्ड-15 के लोगों ने मंगलवार को 10 बजे शहर के चौधरी चरण सिंह पार्क में नागरिक मोहित कश्यप की अध्यक्षता में अपने मोहल्ले में मूलभूत सुविधाओं के लिए धरना दिया। महिलाओं, नौजवानों व बुजुर्गों सहित लगभग 300 नागरिक धरना में शामिल हुए।

सत्याग्रहियों का कहना था कि वोट के लिए लोग हाथ जोड़कर आते हैं पर मोहल्ले में सुधार और विकास के लिए कोई आगे नहीं आता। इनकी मांगें हैं बागपत रोड स्थित दिनेश विहार, पुष्प विहार, मोक्षपुरी और शेखपुरा भट्ठा में सड़कों का निर्माण हो, तकनीक का इस्तेमाल कर स्थायी रूप से जलभराव की समस्या का समाधान हो।

इन्होंने जानकारी दी कि गड्ढे भरी सड़कों के गहरे जलभराव में अबतक दो बच्चों की डूबकर मृत्यु हो चुकी है और आलम यह है की ऐसी कुव्यवस्था देखकर कोई इनके घरों में रिश्ता करने को भी तैयार नहीं होता। आज यहां के नागरिकों ने सर्वदलीय रूप में क्रांतिकारी भाव भंगिमा लिए अभूतपूर्व तेवर के साथ अपने-अपने ओजपूर्ण अभिभाषण में कहा कि 2005 से ही वे नगर आयुक्त, स्थानीय जन प्रतिनिधिगण, सांसद, विधायक, सीएम और पीएम तक से गुहार लगाई है पर अबतक कोई सुनवाई नहीं हुई।

इससे क्षुब्ध नागरिकों ने विवश होकर आज पहली बार जनांदोलन का रुख अपनाया है। इन्होने आरोप भी लगाया कि विगत दिनों सौंपे गए ज्ञापनों को कचड़े की टोकरी में फेंक दिया जाता है। मोहित कश्यप कहते हैं कि गड्ढों में सड़कें हैं और घरों के सामने पानी भरा रहता है, गरीबों के समक्ष खाने के भी लाले पड़े हुए हैं, सही ढंग से अनाज भी नहीं मिलता। पैसेवालों का मकान बन रहा है, मोहल्ले के पात्रों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

गरीबों और दिहाड़ी मजदूरों को रोजगार का साधन नहीं है। दूषित पेयजल और मच्छड़ों के प्रकोप से बच्चे-बूढ़े बीमारियों से त्रस्त रहते हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं का अच्छा इंतजाम नहीं। बिजली है पर पोल टेढ़े -मेढ़े हैं, हमेशा दुर्घटना की सम्भावना बनी रहती है। बच्चों के लिए विद्यालय हैं, तो दूर-दूर पर हैं। कोई हमारी सुधि लेने वाला नहीं। आंदोलनकारी लोग मेरठ के जिलाधिकारी से स्वयं चलकर स्थल निरीक्षण की मांग पर आमादा थे।

ह्यआवाज दो हम एक हैंह्ण का नारा देते सामूहिक एकता का परिचय देते उत्साही नौजवानों ने दुर्दशा चित्रित करते कहा कि सरकारी योजनाओं में बिचौलिए आजाद भारत की विडंबना हैं। झुग्गी में रहने वालों ने खुलेआम आरोप लगाया कि कि मकान वास्ते बिचौलिए पहले तीन हजार रुपये मांगते हैं और बाद में 30 हजार रिश्वत देने का वादा करवाते हैं तब जाकर मकान का फॉर्म भरा जाता है, यह गहन जाँच का विषय है। ज्ञात हो केंद्र व राज्य की सरकार हर गरीब को पक्का मकान देने की प्रतिबद्धता प्रदर्श करती रही है।

दोपहर बाद जुलूस और प्रदर्शन में धरना हुआ तब्दील

लगभग 12. 40 बजे भारत माता की जयघोष के साथ आंदोलनकारी जुलूस की शक्ल में डीएम आॅफिस की ओर चल पड़े। पहुँचने पर अर्दली ने खबर की कि डीएम साहब मुख्य सचिव के साथ व्यस्त हैं पर सभी उनसे मिलने की मांग पर अडिग रहे।

डटे रहे आंदोलनकारी

सभी का कहना था कि डीएम से मिलकर ही जाएँगे। सबका साथ सबका विकास का नारा देनेवाली डबल इंजन सरकार उपेक्षित वार्ड 15 का भी विकास करे। स्वच्छ भारत की दुहाई देनेवाले लोग हमें गंदगी से उबारें। बड़े कातर स्वर में माईक से आर्तनाद भरी आवाज गूंज रही थी कि क्या हम आत्महत्या को विवश हो जाएं?

बेतहाशा गर्मी में मूर्छित हुए बुजुर्ग पुरुष, महिलाएं

चिलचिलाती तीखी धूप झेलते 77 वर्षीय बुजुर्ग मुन्नालाल प्रजापति बेसुध हो गए, जब पानी पिलाकर उन्हें होश में लाया गया तो बताया कि 15 -20 वर्षों से गुहार लगाते हम सभी बेदम हो चुके हैं, पर जीते जी विकास पाने के लिए संघर्ष करते रहेंगे।

भोजन बनाने का भी इंतजाम लाए थे साथ

ह्यमांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगाह्ण, का आह्वान करते सभी लोग डीएम कार्यालय के द्वार पर दरी बिछाकर डट गए और नोडल अधिकारी के सन्देश को भी अनसुनी कर दी। तिरंगा लगे ट्रैक्टर से भोजन बनाने का सामान भी लाया गया था। आंदोलनकारियों ने वहां खिचड़ी भी खाई।

पुलिस अधिकारी रमेश चंद्र शर्मा के काफी समझाने बुझाने पर आंदोलन ने शांतिपूर्ण सत्याग्रह का रूप ले लिया। थोड़ी देर बाद एक मर्यादित शिष्टमंडल एडीएम कार्यालय गया और अंतत: अधिकारियों ने स्थल पर पहुँचकर वार्ता की।

अधिकारियों ने दिया आश्वासन, आंदोलनकारियों ने सौंपा ज्ञापन

तकरीबन ढाई घंटे की जद्दोजहद के बाद सिटी एडीएम और अपर नगर आयुक्त ने वार्ता की और दो दिन में स्थल निरीक्षण कर प्राथमिकता पर समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन दिया। पैसों की कमी की भी चर्चा हुई। अवस्थापना निधि और राज्य योजना निधि का भी हवाला दिया गया। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर एक माह के अंदर समस्याओं का समाधान न हुआ तो शांतिपूर्ण लोकतंत्रात्मक तरीके से उग्रतर आंदोलन चलाया जाएगा और सारी जवाबदेही शासन-प्रशासन की होगी।

धरने में ये हुए शामिल

मोहित कश्यप के नेतृत्व में जयकुमार प्रजापति, शम्मी पाल, रोहित प्रजापति, डा. विजय कश्यप, संजय ठाकुर, सुरेंद्र वर्मा, ललिता देवी, बाला, सीमा, बबली समेत वार्ड-15 के काफी नौजवान आंदोलन में शामिल रहे तथा सैकड़ों नागरिकों का हस्ताक्षर युक्त मांगपत्र सौंपा गया।

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