Wednesday, April 21, 2021
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जो फिट है, वो हिट है

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उषा जैन ‘शीरीं’


जिमनेजियम और फिटनेस सेंटर आजकल बहुत जबर्दस्त बिजनेस कर रहे हैं। वर्क आउट करना आज जरूरत से ज्यादा फैशन बन गया है, लेकिन फिटनेस के लिए केवल व्यायाम ही काफी नहीं है। कुछ नियमों का पालन और कुछ ऐसी आदतों से दूर भी रहना होगा जो आपके वर्कआउट पर नकारात्मक प्रभाव डालते हों।

फिटनेस गुरू सदाशिव, संचित और रोमा एक स्वर में कहते हैं अगर व्यायाम करते आपने कुछ बातों पर ध्यान नहीं दिया तो आप अपने लिए बैठे बिठाए मुसीबत बुला लेंगे यानी शुरू किया अच्छी हालत में और खत्म हुआ बुरी हालत में। इसलिए सेफ साइड पर चलते हुए आप क्या करें और क्या न करें जरूर ध्यान में रखें।

क्या करे                                                                                        

पहले यह देख लें कि जिम इंस्ट्रक्टर काबिल व्यक्ति है। वो स्वयं आपको आपकी बॉडी में चर्बी की मात्र टैस्ट करके बताएगा। मांसपेशियों हड्डियों के वजन के साथ ही आपके शरीर का लचीलापन, धड़ की, पेट की ताकत के विषय में आपको बताएगा। दिल और फेफड़े कितने फिट हैं, यह भी जानना अहम है। ब्लडप्रेशर चैक करवाना भी जरूरी होगा। वर्क आउट से पहले, बीच में और बाद में काफी पानी पिएं।

आपके शरीर का 85 प्रतिशत भाग पानी है। प्यास का मतलब डिहाइड्रेशन है। जब आप व्यायाम कर रहे होते हैं तो पसीने और यूरिन द्वारा बहुत सा पानी बदन से निकाल देते हैं जिसकी आपूर्ति होनी चाहिए। पानी एक साथ न पीकर थोड़ा-थोड़ा घूंट भर के पिएं। आॅक्सीजनयुक्त पानी पीने जैसी शोबाजी वाली बातों में न पड़ें। इससे न तो आपके खून में आॅक्सीजन पहुंचेगा, न आपकी परफॉर्म करने की क्षमता बढ़ेगी।

ट्रेडमिल पर वर्क आउट करने से पूर्व देख लें कि आपने अभी-अभी लंच, डिनर या ब्रेकफास्ट तो नहीं लिया है, क्योंकि खाने और वर्कआउट के बीच कम से कम दो घंटे का फासला होना चाहिए। प्रतिदिन एक घंटे का व्यायाम जिसमें चालीस मिनट का इंस्ट्रक्टर द्वारा बताया गया व्यायाम, दस मिनट का वॉर्म अप और दस मिनट का रेस्ट (कूलडाउन) व्यायाम के पूर्ण लाभ के लिए आवश्यक है।

जिम जाने से पूर्व विटामिन बी कॉम्पलैक्स और वर्क आउट के बाद विटामिन सी, ई और ए डॉक्टर की सलाह से ही लेना ठीक होगा। वर्क आउट के बाद तीन घंटे तक आपमें इम्युनिटी कम हो जाती है। तब ये विटामिन असरदार एंटीआॅक्सीडेंट का काम करते हैं।

एक्सरसाइज के बाद जो थकान और दर्द की एक कॉमन शिकायत होती है उससे भी निजात मिलती है। आपका वर्क आउट दस मिनट के आराम के बगैर अधूरा है। अगर रेस्ट नहीं करेंगे तो आपको चक्कर से आते हुए महसूस हो सकते हैं क्योंकि आपका खून तेज दौरा करते हुए हथेलियों और पैरों की ओर दौड लगता है।

क्या न करें                                                                                       

व्यायाम कभी भी खाली पेट न करें। व्यायाम से पंद्रह बीस मिनट पूर्व एक फल खा लें जिससे आपको एनर्जी मिल जाए। इसके बगैर आप अपने मसल को डेमेज कर सकते हैं। फल ऐसा खाएं जो पानीदार हो जैसे सेब, मौसमी, संतरा, स्ट्रॉबेरी, तरबूज, खरबूजा आदि। शुरुआत में ही व्यायाम पर बुरी तरह न जुट जाएं। अपने शरीर को पहले इसकी आदत डालने दें। अपनी क्षमता को परखें।

कभी भी जरा भी लगे कि आप अनईजी महसूस कर रहे हैं, व्यायाम आप पर भारी पड़ रहा है या आपको बेचैनी महसूस हो रही है तो तुरंत रुक जाएं। आपका विवेक आपका सबसे बड़ा इंस्ट्रक्टर है। जो आप आराम से कर सकते हैं, वही व्यायाम करें, सजा मानकर नहीं। हमेशा जनरल वार्मअप से शुरू करें। उसके बाद ही अपना खास व्यायाम करें। जरुरी है टीन एजर्स का चैकअप।

कब और कैसे लें संतुलित आहार                                    

शरीर को चुस्त, स्वस्थ और छरहरा रखना सभी को अच्छा लगता है पर यह उतना आसान नहीं है जितना देखने सुनने में लगता है। समस्या आती है कि अपने शरीर को चुस्त, स्वस्थ और छरहरा कैसे बनाएं? उसके लिए जरूरत है संतुलित आहार की जिसमें प्रोटीन, लौह तत्व, कैल्शियम, कार्बोहाइडेÑट आदि सभी हों।

  • आज की अव्यवस्थित दिनचर्या में इन सब बातों पर ध्यान देना और समय पर भोजन लेना कठिन सा होता जा रहा है। आइए देखें किस प्रकार हम संतुलित आहार लें। इसके लिए समय सारिणी बना लें और उनमें फेर बदल कर अपने स्वास्थ्य को ताजगी और स्फूर्ति भरा बना सकें।
  • नाश्ता प्रात: अवश्य लें। दिन भर की भागदौड़ करने वाले को नाश्ता अवश्य लेना चाहिए। नाश्ते का अच्छा समय 8 बजे से 9 बजे तक है। नाश्ते में ध्यान दें कि प्रोटीन की मात्रा अधिक होनी चाहिए जैसे एक गिलास दूध के साथ सैंडविच, कार्नफ्लेक्स, दूध वाला दलिया, अंडा आदि।
  • नाश्ते और खाने के बीच एक हल्की फुल्की सर्विंग और लें। तकरीबन ग्यारह साढ़े ग्यारह बजे फल, सलाद या फलों का ताजा रस एक गिलास लें।
  • दोपहर के भोजन में एक कटोरी दाल, एक कटोरी सब्जी, एक कटोरी दही, सलाद, दो-तीन रोटी या उबले हुए चावल लें। ध्यान दें दाल, सब्जी में वसा की मात्र कम से कम हो।
  • दोपहर के भोजन और रात्रि के भोजन के दौरान शाम के 4-30 से 5-30 बजे के बीच तले हुए स्नैक्स न लेकर अंकुरित दालों की चाट, भेलपुरी, ढोकला, रोस्टेड नमकीन, इडली आदि ले सकते हैं जो पौष्टिक भी हैं और वसारहित भी हैं।
  • रात्रि का भोजन सोने से कम से कम दो घंटे पूर्व लें ताकि खाना पच जाए और पेट में गैस आदि न बने। रात्रि के भोजन में दो रोटी, एक कटोरी दाल, सब्जी, सलाद और एक कटोरी दही लें।
  • इस प्रकार पौष्टिक आहार समय पर लेने से शरीर चुस्त, फुर्तीला और स्वस्थ तो रहता ही है इसके साथ-साथ शरीर पर अतिरिक्त मोटापा भी नहीं चढ़ता।
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