- गुर्जर महासभा की पंचायत में लिया गया निर्णय, कृषि कानून का होगा विरोध
- दर्जनों गांव के गुर्जर समाज व अन्य किसान हुए शामिल, भाकियू नेता के हाथ मजबूत करने का निर्णय
जनवाणी संवाददाता |
बागपत: नगर के गुर्जर भवन में मंगलवार को गुर्जर महासभा की एक पंचायत आयोजित की गई। पंचायत में वक्ताओं ने निर्णय लिया कि वह गाजीपुर पहुंचकर आंदोलन को पूरी तरह से मजबूत करेंगे।
भाकियू नेता राकेश टिकैत के हाथ मजबूत किए जाएंगे। जब तक कृषि कानून को वापस नहीं लिया जाता तब तक वह पीछे नहीं हटने वाले है और आंदोलन को तेजी से चलाया जाएगा। पंचायत में एक दर्जन गांवों से गुर्जर समाज व अन्य जाति के किसानों ने हिस्सा लिया।
पंचायत को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि केन्द्र सरकार ने कृषि कानून लाकर किसानों का उत्पीड़न करने का कार्य किया है, जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। यह कानून किसानों को बर्बाद करने वाला है और केन्द्र सरकार को जल्द ही कानून को वापस लेना चाहिए, ताकि किसान आंदोलन समाप्त कर अपने घर आ सकें।
यदि कानून को वापस नहीं लिया जाता है तो आंदोलन को तेजी से चलाया जाएगा। कहा कि वह भाकियू नेता राकेश टिकैत के हाथ मजबूत करने के लिए गाजीपुर बॉर्डर रवाना होंगे। पंचायत में बली, निबाली, बुढेडा, बाघू, निरोजपुर, बिचपडी, बडौली, गोठरा, खैला, गावडी, कैडवा, कमाला, भागौट, अहैडा, पावला, घिटौरा, विनयपुर आदि गांवों के गुर्जर समाज व अन्य जाति के किसानों ने पहुंचे।
इस मौके पर अध्यक्ष करतार पहलवान, देवेन्द्र सिंह, श्योराज सिंह, प्रताप गुर्जर, पूर्व विधायक वीरपाल राठी, लीलू प्रधान, विरेन्द्र बैंसला, संजय प्रधान, हरीश चौधरी, वीरसैन, सतवीर, धर्मदत्त शर्मा, ब्रजपाल, ब्रहमपाल सिंह, योगेन्द्र धामा, ध्यान सिंह, देवेन्द्र प्रधान, रमेश, प्रदीप गुर्जर, संजय प्रधान, श्याम सुंदर भाटी, लीले, विकास राठी, रवि आदि मौजूद रहे।

