- सीसीटीवी में कैद आरोपी, पुलिस की पकड़ से दूर
- कौन ले गया, कहां है मानवी, क्या वाकई बेच दी गई बेटी?
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: टीपीनगर के मुलताननगर की रहने वाली पांच साल की मानवी, कंकरखेड़ा के लाला मोहम्मदपुर की शबीना और अब लालकुर्ती का सचिन कौन है जो मासूमों को गायब कर रहा है। ऐसा नहीं है कि मासूमों के गायब होने के ये महज तीन ही मामले हैं। इससे पहले भी मासूमों के अचानक गायब होने का सिलसिला जारी था और अब भी जारी है। कौन गायब कर रहा है? मानवी और शबीना जैसी मासूम फूल-सी बेटियों को।
उनका क्या मसद है? मासूमों के गायब होने का कनेक्शन का क्या मानव तस्करी के घिनौने धंधे से है या फिर जो मासूम बेटियां गायब की जा रही हैं। उनके पीछे कोई इंटरनेशनल रैकेट काम कर रहा है, जो ऐसी छोटी बच्चियों से चौराहे पर भीख मंगवाने या फिर जिस्मफरोशी के लिए उन्हें दलालों के हाथों बेच देने के इंसानियत को शर्मसार करने वाले किसी सरगना से जुड़े हैं।
सवाल बहुत हैं, लेकिन इनका जवाब केवल और केवल खाकी दे सकती है, लेकिन मानवी और शबीना की यदि की जाए तो इन दोनों ही मामलों में खाकी लाचार नजर आती है। केवल मासूम बेटियां ही नहीं, बेटे भी रहस्मय परिस्थितयों में गायब हो रहे हैं। ज्यादा पुराना मामला नहीं है टीपीनगर के उमेश बिहार का रहने वाला सचिन भी गत नौ सितंबर से लापता है।
करीब 10 माह पहले पांच जनवरी की वो सर्द स्याह रात जब टीपीनगर के मुलताननगर निवासी वीरेन्द्र की पांच साल की बेटी मानवी ऊर्फ किट्टू अचानक गायब हो गयी थी। उसके गायब होने की पूरी घटना सीसीटीवी में कैद है। टीपी नगर थाना क्षेत्र के मुल्ताननगर से घर से पांच जनवरी की रात 11 बजे निकली पांच साल की बच्ची को एक युवक अपहरण करके ले गया था। जिस वक्त बच्ची गायब हुई उस वक्त बच्ची की मां घर पर नहीं थी। घर में पिता के अलावा कोई नहीं था। करीब दो बजे बच्ची के गायब होने की जानकारी मिली।
उसके बाद सुबह पांच बजे पुलिस को सूचना दी गई। सूचना के बाद आसपास के सीसीटीवी खंगाले गए, जिसमें सामने आया कि घर से निकली बच्ची को युवक अगवाकर अपने साथ ले गया है। वहीं, इस संबंध में इंस्पेक्टर टीपीनगर का कहना है कि पांच साल की मानवी उर्फ किट्टू की गुमशुदगी की तलाश की जा रही है। हालांकि यह मामला कुछ संदिग्ध भी नजर आता है। सीसीटीवी पर काफी कुछ ऐसा है, जिसके बाद कहा जा सकता है कि घटना संदिग्ध है।
अज्ञात युवक उठाकर ले गया मानवी को
मुल्ताननगर निवासी वीरेंद्र कुमार किराए के मकान में रहते हैं। वीरेंद्र ने पास में ही अपना मकान बनवा रहे थे। पांच जनवरी की रात करीब 11 बजे वीरेंद्र की पांच साल की बेटी मानवी उर्फ किट्टो अकेली ही कुंडी खोल कर घर से निकल गई और नये बन रहे मकान की तरफ चली गई। रास्ते में ही मानवी को अज्ञात युवक ने उठा लिया
और अपने साथ ले गया। रात दो बजे वीरेंद्र के परिवार की नींद टूटी। देखा कि बिस्तर पर मानवी नहीं है। उसके बाद मानवी की तलाश की गई। सुबह पांच बजे पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। साढ़े तीन महीने पहले टीपी नगर के मुल्तान नगर में रहस्यमय ढंग से लापता हुई पांच साल की बच्ची को ढूंढ पाने में पुलिस पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है।
टूटी मां-बाप की आस
पुलिस की लाचारी को देखते हुए अब तो मां-बाप ने भी आस छोड़ दी। थाने में आना लगभग बंद कर दिया है। पुलिस इस बच्ची को लेकर अभी तक किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंची है। वहीं पुलिस विभाग मान कर चल रहा है कि परिजनों ने कहीं बच्ची को बेच तो नहीं दिया। बच्ची की खोजबीन के लिये दो महीने तक मां-बाप प्रतिदिन थाने आते रहे थे, लेकिन दो माह में सिर्फ एक बार मां जरूर थाना आकर बच्ची के बारे में पूछने आई थी। या तो मां-बाप ने अपनी बच्ची की आस छोड़ दी है या फिर बच्ची को कहीं रफादफा कर दिया गया है।
लंबी है मासूमों की फेहरिस्त
कंकरखेड़ा के लाला मोहम्मदपुर की पांच साल की शबीना भी कुछ मानवी की तर्ज पर अचानक गायब हो गयी या गायब कर दी गयी। बिहार निवासी शबीना का पिता सलीम मजदूरी कर गुजारा करता था। उसने पुलिस को खबर की, लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ।
बेटियों के गायब होने के सिलसिले की बात करें तो फेहरिस्त काफी लंबी है। परीक्षितगढ़ की शिवांगी का मामला आज भी जहन में ताजा है। इसी साल फरवरी माह में वह अचानक गायब हो गयी थी। इसी साल फरवरी में ही बुनकर नगर के मीट कारोबारी अक्षला भी गायब हो गयी थी। हालांकि कुछ मामले वकैआउट भी किए गए हैं।
आखिर कहां है सचिन?
टीपी नगर थाना क्षेत्र स्थित उमेश बिहार शेखों पेट्रोल पंप ट्रांसपोर्ट नगर निवासी सुरेश कुमार पुत्र तुलसीराम का 18 वर्षीय बेटा सचिन उर्फ यश पिछले माह नौ तारीख को शाम 6:30 बजे घर से चला गया। जिसके एक माह बीतने के बाद भी बेटे का कोई पता नहीं चला। वहीं, परिजनों ने बृहस्पतिवार सुबह टीपी नगर थाने पहुंचकर बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराते हुए बेटे को ढूंढने की गुहार लगाई।
वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि हमारा बेटा पिछले माह शाम को घर से बाहर गया और देर रात तक घर नहीं लौटा। जिसके बाद से पूरा परिवार बेटे की तलाश में इधर-उधर भटक रहा है। सभी रिश्तेदार व सभी जगह पर बेटे को तलाश किया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है।