जनवाणी संवाददाता |
नजीबाबाद: युग हस्ताक्षर की काव्य गोष्ठी में कवियों ने गजलकार दुष्यंत त्यागी व नव वर्ष के आगमन पर अपनी रचनाओं के माध्यम से अपनी भावनायें व्यक्त की। इस मौके पर जितेन्द्र सिंह कक्कड़,निशा अग्रवाल ने ग़ज़ल सम्राट दुष्यंत त्यागी पर अपने विचार व्यक्त किए।
आदर्शनगर में जयप्रकाश शर्मा के निवास स्थान पर हुयी काव्य गोष्ठी में जय प्रकाश शर्मा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इसके पश्चात काव्य पाठ करते हुए सत्येन्द्र गुप्ता ने कहा कि मुबारक सबको नया साल हो, खुशियों से सब को तरबतर कर दो, या खुदा हम पर इतनी मेहर कर दो।
इसके पश्चात भगीरथ सिंह ने कहा कि लखते जिगर मेरे लालो, तुम्हें धर्म को अपने निभाना है, बनाकर मौत दुल्हन अपनी, गले से अपने लगाना है। कुमुद कुमार ने कहा कि हाथ में कुदाल और माथे पर स्वाभिमान है, इस जग में किसान की अपनी आन बान और शान है।
जितेन्द्र सिंह कक्कड़ ने कहा कि हम हैं परम पुरख को दासां एक की पूजा करते हैं, हम मरजीवडें हैं कौम के, मरने से नहीं डरते।अशोक सविता ने कहा हर पल अनिश्चितता से घिरा है, जिंदगी बैशाखियों पर ठहरी है।
मनोज त्यागी ने कहा कि मन है सूना सूना सा टूटा एक खिलौना है। राजेन्द्र त्यागी ने कहा कि अभागी हो गई है प्यास अपने अधरों की इतनी, समुंदर के किनारे घर, मगर जल को तरसते हैं।
निशा अग्रवाल ने कहा कसम हमें बलिदान की, आओ आरती उतारे भारत देश महान की। अध्यक्षता भागीरथ सिंह ने की। मुख्य अतिथि सत्येंद्र गुप्ता रहे। अध्यक्षता भगीरथ सिंह ने की। संचालन कुमुद कुमार ने किया।

