Sunday, June 13, 2021
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किसानों की अनदेखी सरकार को पड़ेगी भारी: नरेश

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  • भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने सिसौली से गाजीपुर बॉर्डर पर जाते समय की बातचीत
  • बागपत के राष्ट्रवंदना चौक पर शहीदों की प्रतिमाओं पर किया माल्यार्पण, सरकार पर साधा निशाना

मुख्य संवाददाता |

बागपत: भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि सरकार बड़ी हठधर्मिता पर अड़ी है। वर्तमान में कोरोना बड़ी बीमारी है और सरकार भी बड़ी जिद पर है। किसानों की समस्या का समाधान करने की बजाय उनकी अनदेखी कर रही है। अभी आंदोलन को छह माह से अधिक हो गए हैं।

आगामी विधानसभा चुनाव से पहले एक साल हो जाएगा तो यह आंदोलन पूरे देश में बड़ा रूप ले लेगा। उस समय किसान अपना गुस्सा जाहिर करने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि किसान की अनदेखी सरकार को भारी पड़ेगी। उधर, नरेश टिकैत ने एक महिला द्वारा लगाए गए जमीन कब्जाने के आरोपों को निराधार बताया है।

गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन स्थल पर शुक्रवार को जाते समय भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने बागपत के राष्ट्रवंदना चौक पर शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। उन्होंने बताया कि किसान आंदोलन में वह बीच-बीच में जाते रहते हैं।

आज भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत का जन्मदिन है। उसे वहीं मनाया जाएगा। नरेश टिकैत ने कहा कि तीन कृषि कानूनों को लेकर, एमएसपी पर कानून बनाने की मांग आदि समस्याओं को लेकर किसान आंदोलित है। आंदोलन को छह माह से अधिक समय हो गया है। सरकार किसानों की मांग मानने को तैयार नहीं है। सरकार बड़ी हठधर्मिता पर अडिग है। कोरोना बहुत बड़ी बीमारी है।

इससे भी बचना है और सरकार के समक्ष लगातार अपनी मांगों को भी रखना है। बीमारी बड़ी है, लेकिन कानून बहुत छोटे हैं। यह बाद में किसान हित के लिए तैयार कर लागू हो सकते हैं, लेकिन सरकार भी बड़ी इठधर्मिता दिखा रही है। सरकार ने जिद कर रखी है कि किसानों की मांग नहीं मानी जाएगी। किसान भी कानूनों को वापस कराकर ही लौटेगा। किसान भी चाहता है कि तीनों कृषि कानून रद हो जाएं और वह अपने घर खुशी-खुशी चला जाए। क्योंकि किसान को मालूम है कि तीनों कृषि कानून किसान विरोधी है।

उन्होंने कहा कि 2022 में आगे विधानसभा चुनाव भी है और आंदोलन को भी एक साल पूरा हो जाएगा। चुनाव से पहले ही आंदोलन को एक साल पूरा हो जाएगा। उस दौरान देशभर में बड़ा आंदोलन सरकार को नजर आएगा। उस समय की तस्वीर अलग होगी। उन्होंने कहा कि किसान की अनदेखी सरकार को भारी पड़ेगी। नरेश टिकैत ने एक महिला द्वारा जमीन कब्जाने के आरोपों को निराधार बताया है।

बता दें कि एक महिला ने उनके परिवार पर जमीन कब्जाने के आरोप लगाए हैं, जिसे नरेश टिकैत ने निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि उस महिला की जमीन को लेकर अधिकारियों से सिफारिश भी की है। जमीन रेलवे के अधिग्रहण में आ गई है। उनका पारिवारिक विवाद है। महिला के जेठ के पास जमीन है। अधिकारियों से कहा गया है कि अगर महिला भी मुआवजे की हकदार है तो उसे भी दिलाया जाए।

उनसे जमीन का कोई मतलब नहीं है। नरेश टिकैत ने बागपत जनपद के एक गांव में प्रेमी युगल के शादी करने के मामले में कहा कि खाप बोलती है तो उच्च न्यायालय भी विरोध करते हैं। खाप हमेशा समाजहित के लिए कार्य करती हैं। इस तरह के मामले समाज में होना गलत है। समाज हमेशा गलत कार्यों का विरोध करता आया है। इस दौरान उनके साथ बागपत जनपद से भी भाकियू कार्यकर्ता गाजीपुर के लिए रवाना हुए।

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