Saturday, January 29, 2022
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कोरोना के नए वेरिएंट ‘ओमिक्रॉन’ से भारत सतर्क

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  • 12 देशों के यात्रियों के लिए स्क्रीनिंग किया अनिवार्य

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन ने दुनिया के अन्य देशों के साथ भारत की भी चिंता बढ़ा दी है। इस जानलेवा वेरिएंट को रोकने के लिए भारत सरकार ने दक्षिण अफ्रीका, ब्रिटेन, हांगकांग और बोत्सवाना सहित 12 देशों के नाम जारी किए हैं, जहां से आने वाले हवाई यात्रियों की स्क्रीनिंग अनिवार्य कर दिया गया है। इन सभी यात्रियों को भारत सरकार के द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन करना होगा।

वहीं इससे पहले, स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिवों को लिखे पत्र में कहा था कि राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) द्वारा रिपोर्ट किया गया है कि तीन देशों में कोरोना वेरिएंट बी.1.1 (ओमिक्रॉन) के कई मामले हैं। बोत्सवाना में तीन दक्षिण अफ्रीका में छह और हांगकांग में एक मामले सामने आए हैं।

भारत में जिन 12 देशों से यात्रियों के लिए स्क्रीनिंग अनिवार्य किया गया है  इनमें दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश बोत्सवाना, चीन, मॉरीशस, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे, सिंगापुर, इस्राइल, हांगकांग, ब्रिटेन सहित यूरोप के देश शामिल हैं।

इस वेरिएंट के सामने आने के बाद  वीजा प्रतिबंधो में ढील के साथ अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा प्रारंभ करने पर एक बार फिर से असर पड़ सकता है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अगर सख्ती नहीं बरती गई तो सार्वजनिक स्वास्थ्य पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शुक्रवार कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर एक बैठक की। इसमें दक्षिण अफ्रीका में बड़ी संख्या में पाए गए एक नए कोविड-19 संस्करण ओमिक्रॉन को चिंता के विषय के रूप में नामित किया है। यह पांचवां वैरिएंट है जिसे नाम दिया गया है।

कोरोना के नए B.1.1.529 वेरिएंट का नामकरण हो गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इस वेरिएंट का नाम ओमिक्रॉन रखा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने शुक्रवार को इस वैरिएंट पर चर्चा के लिए बैठक रखी थी, जहां इस कोरोना के प्रकार को नाम दिया गया। इस कोरोना वैरिएंट का नाम भी ग्रीक अल्फाबेट के आधार पर रखा गया है। इससे पहले दिसंबर 2020 के अंत में दुनियाभर में तबाई मचाने वाला डेल्टा वैरिएंट का नाम भी डब्ल्यूएचओ ने रखा था जिसे चिंता के एक प्रकार के रूप में वर्गीकृत किया गया था।

दक्षिण अफ्रीका में इसके पहले कुछ केस सामने आने के बाद एक दिन के अंदर ही यहां संक्रमण दर 93 फीसदी तक बढ़ गई है। स्थानीय वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना का यह वैरिएंट अब तक दक्षिण अफ्रीका के नौ प्रांतों में फैल चुका है और इसके ज्यादातर शिकार युवा हैं।

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