जनवाणी ब्यूरो |
यूपी: केंद्र सरकार ने देश के बुनियादी ढांचे, औद्योगिक विकास और तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए बड़े निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन निर्णयों की जानकारी दी।
सरकार ने देश को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने और कनेक्टिविटी नेटवर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से कुल 2,19,353 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को हरी झंडी दी है। इन योजनाओं से आर्थिक विकास को गति मिलने और औद्योगिक ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
वाराणसी में दो बड़े एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए दो महत्वपूर्ण एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
एनएच-19 से वाराणसी रिंग रोड तक बनेगा 6 लेन कॉरिडोर
एनएच-19 और वाराणसी रिंग रोड के बीच 14,447.64 करोड़ रुपये की लागत से 6 लेन का ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य शहर में ट्रैफिक दबाव कम करना और यात्रा को अधिक सुगम बनाना है।
वरुणा नदी के किनारे विकसित होगा एलिवेटेड कॉरिडोर
वाराणसी में स्थानीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए वरुणा नदी के किनारे 6 लेन और 4 लेन के एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना के लिए 10,998 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
रेलवे और कृषि क्षेत्र को भी मिला बड़ा पैकेज
कैबिनेट ने परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने और कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं।
यूरिया उत्पादन बढ़ाने के लिए नई नीति
कृषि क्षेत्र में खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय निवेश नीति-2026 को मंजूरी दी गई है। इसके जरिए देश में यूरिया निर्माण क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
रेलवे परियोजनाओं को मिली मंजूरी
- औद्योगिक माल ढुलाई और रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए कई रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
- पारादीप-हरिदासपुर रेल लाइन का दोहरीकरण: इस परियोजना के लिए 2,542 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
- डांगोआपोसी-राजखरसावां चौथी रेल लाइन: व्यस्त रेल मार्ग की क्षमता बढ़ाने के लिए 1,365 करोड़ रुपये की लागत से चौथी लाइन विकसित की जाएगी।
सेमीकंडक्टर और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा
कैबिनेट बैठक में तकनीकी क्षेत्र को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। सरकार ने सेमीकंडक्टर और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी दी है।
इन पहलों का उद्देश्य भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स और तकनीकी निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करना है। सरकार का मानना है कि इन निवेशों से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और देश की विनिर्माण क्षमता में बड़ा विस्तार होगा।

