- पांडव टीले पर हो रही खुदाई, टीले का किया जा रहा बारीकी से अध्ययन
जनवाणी संवाददाता |
हस्तिनापुर: कस्बे के पांडव टीले पर अभी तक निकली प्राचीन वस्तुएं और महलों की संरचनाओं को जानने के लिए पुरातत्व विभाग के वैज्ञानिकों ने कई प्रयोग किए। कस्बे के पांडव टीले पर पिछले दो महीने से भी ज्यादा समय से खुदाई का कार्य चल रहा है, जो करीब डेढ़ महीने तक लगातार चला और उसके बाद बंद हो गया, परंतु एक बार फिर करीब दो सप्ताहों से धीरे-धीरे पांडव टीले पर खुदाई की जा रही है और बारीकी से पांडव टीले का अध्ययन किया जा रहा है।
मंगलवार को पुरातत्व विभाग के अधीक्षण पुरातत्वविद डीबी गणनायक के नेतृत्व में प्राचीन पारंपारिक पद्धित ने और संरचनाओं को जानने के लिए कई प्रयोग किए गए। खुदाई के दौरान अभी तक निकले प्राचीन अवशेषों के बारे में और अधिक जानने के लिए पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने चूना मिट्टी, गोबर, गेहूं, चावल के अवशेष सहित प्राचीन समय में प्रचलन वाली वस्तु एकत्रित किया
उसके बाद पांडव टीले पर प्राचीन र्इंटों के साथ पीली मिट्टी, चूना मिट्टी सहित सभी के लेप लगाकर एक अस्थाई दीवार की संरचना बनाई ताकि पुरातात्विक विधि से यह ज्ञात हो सके कि यहां पर जो अवशेष मिले हैं। कितने हजार वर्ष पुराने होंगे। इसके साथ ही किस शासन से जुड़े होंगे और उस समय किन संस्कृतियों के लोगों का यहां निवास रहा होगा और किन-किन वस्तुओं का प्रचलन यहां पर रहा साथ ही खाने पीने में प्राचीन समय में लोगों ने यहां किस चीज का सबसे अधिक इस्तेमाल किया।
इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर प्राचीन पद्धति पर प्रयोग किए गए। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिछले दिनों पांडव टीले पर चली खुदाई के दौरान सैकड़ों प्राचीन अवशेष पुरातत्व विभाग की टीम को प्राप्त हुए हैं। जिनमें से कुछ को लैब में जांच के लिए भेजा गया और कुछ का अध्ययन किया जा रहा है। वहीं, उन्होंने बताया कि पिछले तीन-चार दिनों में खुदाई के दौरान कई महत्वपूर्ण अवशेष मिले हैं। जिनमें तांबे का मनका मिट्टी के मन का सहित प्राचीन काल की मिट्टी और अन्य कई अवशेष प्राप्त हुए हैं। जिनकी जांच की जा रही है।

