- एक सींचपाल के जिम्मे कई-कई क्षेत्रों का प्रभार
- मेरठ, अनूपशहर खंड में एक भी जिलेदार मौजूद नहीं
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सिंचाई विभाग के महत्वपूर्ण पद जिलेदार से लेकर सींचपाल तक के ज्यादातर पद मेरठ क्षेत्र में खाली चल रहे हैं। एक सींचपाल के जिम्मे कई-कई क्षेत्रों का प्रभार है। वहीं मेरठ, अनूपशहर खंड में एक भी जिलेदार मौजूद नहीं है। यह कार्य पर्यवेक्षकों को प्रभार देकर कराया जा रहा है। गंगनहर डिवीजन का कार्यक्षेत्र भोपा से लगाकर मुरादनगर तक है। जिसके ऊपर 15 रजवाहे और 57 माइनर से जुड़े कृषि क्षेत्र को सिंचित करने का दायित्व है। मेरठ डिवीजन को छह सब डिवीजन में बांटा गया है, जिनमें छह जिलेदार के पद सृजित है, लेकिन यहां इस पद पर एक भी जिलेदार मौजूद नहीं है।
सभी छह सब डिवीजन में कार्यवाहक जिलेदार बनाकर जैसे तैसे काम चलाया जा रहा है। इस डिवीजन के अंतर्गत 160 सींचपाल होने चाहिए, लेकिन केवल 37 रह गए हैं। हालांकि सींचपाल पर्यवेक्षक के पद नियतन 27 के सापेक्ष 25 मौजूद हैं। अनूपशहर डिवीजन की भी यही स्थिति है, जहां 127 के सापेक्ष 42 सींचपाल और पर्यवेक्षक मौजूद हैं। सिंचाई विभाग में जिलेदार से लेकर सींचपाल तक अधिकारियों और कर्मचारियों का एक ऐसा वर्ग है, जिसका जुड़ाव सीधा किसानों से होता है। यही वर्ग किसानों के सिंचित क्षेत्र आबपाशी आदि के कार्य की देखरेख करता है।
किसानों से जुड़े इन जिलेदार, शीशपाल तक के अधिकारियों कर्मचारियों की कमी का सबसे बड़ा कारण यह है कि इनमें से अधिकांश सेवानिवृत हो चुके हैं। जिनके स्थान पर नई भर्तियां नहीं की जा सकी है। इसी कमी के कारण सिंचाई विभाग का कार्य सुचारू रूप से नहीं चल पा रहा है। इसके विपरीत उच्च अधिकारियों से लेकर जेई तक यहां अधिकारियों की एक फौज मौजूद है। वहीं विभाग में पंजीकृत ठेकेदारों के माध्यम से नेहरू की साफ सफाई के काम 12 महीने चलते रहते हैं।
मालगाड़ी में आग लगने की होगी जांच
मेरठ: बीते बुधवार की रात जिला बुलंदशहर के खुर्जा से कोयला लेकर एक इलेक्ट्रिक मालगाड़ी डीएफसी पर खतौली जा रही थी। दौराला स्टेशन पार करने के बाद उसकी दो बोगियों में अचानक आग लग गई थी। ट्रेन के लोका पायलेट ने तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दी। इसके साथ ही मालगाड़ी को रोककर सकौती स्टेशन पर इसकी सूचना दी गई। यहां से थाना दौराला और फायरब्रिगेड को सूचित किया गया था। फायरब्रिगेड ने करीब एक घंटे में आग पर काबू पाया था। क्योंकि कई बार आग बुझने के बाद भी धुंआ उठ जाता था। आग पूरी तरह शांत होने के बाद मालगाड़ी की जांच पड़ताल कर खतौली के लिए रवाना किया गया था। डीएफसी के सूत्रों के अनुसार इस घटना की जांच की जाएगी। आग से कितना नुकसान हुआ इसकी जांच पड़ताल डीएफसी की टीम करेगी।

