Tuesday, February 17, 2026
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बिजली चोरों पर मेहरबानी बनी मुसीबत

  • उपभोक्ता परिषद ने नियामक आयोग में जतायी है आपत्ति, सुप्रीम कोर्ट के आदेश का दिया हवाला

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन की ओर से बिजली चोरी करने के मामले में छूट देने के प्रकरण को लेकर अब नए सिरे से बवाल मच गया है। कई ऐसे लोगों को ओटीएस का लाभ दिया जा रहा है, जो करीब चार करोड़ की बिजली चोरी में पकड़े जा चुके हैं। इसमें मेरठ के भी एक ऐसे अफसर शामिल हैं, जो पीवीएनएल के ऊर्जा भवन मुख्यालय में बैठते हैं और उन्होंने सपा के एक नेता के यहां करोड़ों रुपये की बिजली चोरी पकड़ी। इस गुस्ताखी की सजा उन्हें पीवीवीएनएल के ऊर्जा भवन से तबादले के रूप में दी गयी है।

मामला ज्यादा पुराना नहीं है, पिछले माह का है। वहीं, दूसरी ओर यह प्रकरण सामने आने के बाद उपभोक्ता परिषद ने नियामक आयोग पहुंचकर अपनी आपत्ति जता दी है। मांग की है कि बिजली चोरों को छूट दिए जाने से आदर्श उपभोक्ताओं का मनोबल गिरेगा और चोरी की प्रवृत्ति बढ़ेगी। मालूम हो कि पावर कॉरपोरेशन की ओर से बकायेदारों के साथ ही बिजली चोरी करने वालों को 65 फीसदी की छूट दी जा रही है। खास बात यह है कि चोरी करने वालों में सितंबर से अक्तूबर माह में कई तीन से चार करोड़ के बकायेदार हैं। यदि 4 करोड़ वाले को 65 फीसदी की छूट दे दी जाएगी तो उसे सिर्फ 35 फीसदी रकम ही जमा करनी पड़ेगी।

उपभोक्ता परिषद ने विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों से मिलकर तत्काल कार्रवाई की मांग की। तीन से चार करोड़ वाले बकायेदारों को ओटीएस का छूट देने पर आपत्ति भी जताई। तर्क दिया कि जब 4 करोड़ के बकायेदारों को 65 फीसदी की छूट दी जा सकती है तो फिर आदर्श उपभोक्ता नियमित तौर पर बिजली बिल क्यों जमा करेगा, जनहित प्रस्ताव के माध्यम से उपभोक्ता परिषद ने आयोग से बिजली चोरी के जुर्माने का भार 3.35 करोड़ उपभोक्ताओं पर महंगी बिजली करने न डालने की सिफारिश की है। परिषद ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित एक आदेश का हवाला दिया है।

वैसे तो बिजली विभाग हमेशा चोरी के नाम पर हमेशा घाटे की बातें करता रहता है, लेकिन मेरठ में बिजली चोरी पकड़ने वाले एक बड़े अफसर को ही नाप दिया गया है। सूत्रों की माने तो भाजपा के शासन में सपा के एक बड़े नेता जो कि पहले भी कई बार बिजली चोरी करते हुए पकड़े जा चुके हैं, महकमा चलाने वाले बड़े अफसर अब उन पर पूरी तरह से मेहरबान हैं। उनके लिए दरिया दिली दिख रही है और इस दरियादिली से ये भी साफ है कि ऐसा करने वाले कम से कम महकमे का भला तो नहीं कर सकते।

इस मामले में अब बिजली चोरी करने वाले को बचाने के लिए जांच के आदेश दिए गए हैं। हालांकि इससे पहले ऐसा नहीं होता था। चोरी के पकड़े जाने के मामले की जांच कराने को लेकर भी तमाम सवाल उठाए जा रहे हैं। एक चीफ और दो ऐसे एसई की टीम बनाई जो बिजली चोर सपा नेता के फेवर में जांच रिपोर्ट तैयार कर दें। इस सब के पीछे एक खंड के अधिशासी अभियंता का नाम खासा चर्चा में हैं।

इनकी बिजली चोरी करने वाले सपा के नेता से करीब के रिश्ते बताए जाते हैं। इनको लेकर महकमे में यह भी सुना जा रहा है कि जो रिपोर्ट इन्होंने तैयार करायी है। वह बिजली चोरी के आरोपी नेता को बचाने के लिए पर्याप्त है। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला खुला जा हुआ है वो यह कि बिजली चोरी पकड़े वाले जिस अफसर को पहले बड़ी जिम्मेदारी की तैयारी थी, उनके पैरों तले से कालीन खींच लिया गया है।

दलालों का बोलबाला

ऊर्जा विभाग मेरठ के जेल चुंगी स्थित स्टोर रूम में बाबू रूपी दलालों का राज चल रहा है, स्टोर रूम में सामान आता है, लेकिन नियमों के विपरीत मनमाने ढंग से रिश्वत देने वाले चाहे तो को दे दिया जाता है। जबकि बाकी लोग हाथ मलते रह जाते हैं। सूत्रों ने जानकारी दी है कि इस पूरे फर्जीवाड़े के कर्ताधर्ता आॅफिस के एक असिस्टेंट है, जो प्रत्येक जॉब कार्ड पर सामान की राशि का 10% वसूलते बतौर रिश्वत वसूलते हैं और ऊपर तक हिस्सा दिए जाने की बात कहते हैं, कितने ही लोग इनके द्वारा प्रताड़ित होने के शिकार हैं।

बताया जाता है कि ये स्टोर रूम में सामान उपलब्ध होने के बावजूद रिश्वत न मिलने पर उपभोक्ता को सामान नहीं देते हैं। जिससे उत्पीड़न होने पर हताश उपभोक्ता को इन्हें मनमानी रिश्वत देनी पड़ती है। यही नहीं सेवा नियमावली के विरुद्ध ये सालों से स्टोर रूम में जमे हुए हैं, ताकि इनकी काली कमाई जारी रहे, इनकी शिकायत चेयरमैन आशीष गोयल को भेजी गई है।

पहले चरण में पंजीकृत उपभोक्ताओं को मिलेगा ज्यादा लाभ

एक किलोवॉट तक भार वाले उपभोक्ता को प्रथम एवं द्वितीय चरण में पूर्ण भुगतान पर सरचार्ज राशि में 100% की छूट मिलेगी। वहीं, तीसरे चरण में 80% की छूट मिलेगी। इसी तरह प्रथम एवं द्वितीय चरण में 12 किस्तों में भुगतान पर सरचार्ज में 90 प्रतिशत और तृतीय चरण में 70% की छूट मिलेगी। एक किलोवॉट से अधिक भार वाले घरेलू उपभोक्ताओं को एकमुश्त भुगतान के साथ किस्तों में भुगतान के दो विकल्प दिए गए हैं।

नवंबर तक बकाए का पूर्ण भुगतान पर सरचार्ज में 90% की छूट, तीन किस्तों में भुगतान पर 80% की छूट और छह किस्तों में भुगतान पर 70% की छूट मिलेगी। एक से 15 दिसंबर तक पूर्ण भुगतान पर 80% की छूट, तीन किस्तों में भुगतान पर 70% और छह किस्तों में भुगतान पर 60% की छूट, 16 दिसंबर के बाद पूर्ण भुगतान पर 70% की छूट, तीन किस्तों में भुगतान पर 60% और छह किस्तों में भुगतान पर 50% की छूट मिलेगी।

इसी प्रकार तीन किलोवॉट भार तक के वाणिज्यिक उपभोक्ताओं द्वारा 30 नवंबर तक अपने बकाये का पूर्ण भुगतान पर 80% और तीन किस्तों में भुगतान पर 70% की छूट मिलेगी। इसके बाद के चरणों में दोनों विकल्पों में भुगतान पर क्रमश: 10% कम की छूट मिलेगी। इसी प्रकार तीन किलोवॉट से अधिक के भार वाले वाणिज्यिक उपभोक्ताओं द्वारा 30 नवंबर तक पूर्ण भुगतान पर 60% और तीन किस्तों में भुगतान पर 50% की छूट मिलेगी।

अब ये होगा

बिजली उपभोक्ता एक बार फिर एकमुश्त समाधान योजना का लाभ ले सकेंगे। एकमुश्त समाधान योजना 8 नबंबर से 31 दिसंबर 2023 तक तीन खंडों में लागू की जाएगी। योजना का पहला चरण 8 से 30 नवंबर, दूसरा चरण 1 दिसंबर से 15 दिसंबर और तीसरा चरण 16 दिसंबर से 31 दिसंबर तक चलेगा।

30 नवंबर तक ओटीएस में पंजीकरण करवाने वाले उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा। घरेलू, वाणिज्यिक, निजी संस्थान, निजी नलकूप और औद्योगिक श्रेणी के उपभोक्ताओं को सरचार्ज राशि पर अधिकतम 100% की छूट दी जाएगी। उपभोक्ताओं को उनके बकाये पर किश्तों में भुगतान की सुविधा का विकल्प भी दिया गया है।

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