- आज अमित शाह का दौरा, कई कार्यक्रमों में करेंगे शिरकत
जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: कर्नाटक में 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए 150 सीटों का लक्ष्य तय करने के ठीक एक महीने बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार देर रात बेंगलुरु पहुंचे। इस बार उनका दौरा राज्य में संभावित नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल में फेरबदल या विस्तार की अटकलों के बीच हो रहा है।
चुनावी तैयारियों की समीक्षा करेंगे अमित शाह
खबरों के मुताबिक, नेता बोम्मई के आवास पर मंगलवार को दोपहर के भोजन पर मिलेंगे और उसके बाद शाम को पार्टी के राज्य मुख्यालय में नेताओं की मुलाकात होगी। विधानसभा चुनाव के लिए एक साल से भी कम समय शेष रहने से पहले हो रहे शाह के इस दौरे को मोटे तौर पर आधिकारिक दौरा ही माना जा रहा है। इस दौरे में शाह द्वारा मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई, वरिष्ठ नेता बीएस येदियुरप्पा सहित अन्य नेताओं से मिलकर पार्टी की चुनाव तैयारियों की समीक्षा करने की संभावना है।
कई कार्यक्रमों में करेंगे शिरकत
शाह के मंगलवार को ‘खेलो इंडिया’ विश्वविद्यालय खेल में सम्मान समारोह में शामिल होने सहित कई कार्यक्रम निर्धारित हैं। वह 12वीं सदी के समाज सुधारक व लिंगायत संत बसवन्ना को भी बसव जयंती के मौके पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। उल्लेखनीय है कि कर्नाटक में लिंगायत को प्रभावशाली समुदाय और भाजपा का मजबूत वोट बैंक माना जाता है।
इसके अलावा वे जिन अन्य कार्यक्रमों में भाग लेने वाले हैं, वे हैं- नृपथुंगा विश्वविद्यालय सहित विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखना, बेल्लारी में फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला का ई-उद्घाटन, बेंगलुरु में राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड (NATGRID) परिसर का उद्घाटन।
मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने की आगवानी
शाह के बेंगलुरु पहुंचने पर उनकी आगवानी एचएएल हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई, उनके मंत्रिमंडल के कई सदस्यों, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और अन्य की ने की।
शाह ने पिछली बार कर्नाटक का दौरा एक अप्रैल को किया था और प्रदेश भाजपा कोर कमेटी की बैठक में हिस्सा लिया था। उस दौरान पार्टी के लिए लक्ष्य तय किया गया था और आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को मजबूत करने के तरीके और अन्य दलों के नेताओं को शामिल करने पर चर्चा की गई थी।
येदियुरप्पा ने शिमोगा में संवाददाताओं से कहा, ‘‘वह (शाह) आ रहे हैं। मैं उनसे मुलाकात करूंगा। वह राज्य की राजनीतिक स्थिति जानने की कोशिश करेंगे। राज्य में चुनाव होने हैं, प्रधानमंत्री और अमित शाह ने कर्नाटक को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। वह संभवत: 150 सीटों के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए सुझाव देंगे जो हमने अगले विधानसभा चुनाव के लिए तय किया है।’’
माना जा रहा है कि बोम्मई पर विधानसभा चुनाव से पहले अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल करने या विस्तार करने को लेकर दबाव है और उन्होंने पहले ही संकेत दिया है कि शाह के इस दौरे के दौरान वह इस मुद्दे पर चर्चा करने की कोशिश करेंगे।
कैबिनेट की कवायद में समय लगने के साथ, सत्तारूढ़ भाजपा के भीतर असंतोष की आवाजें उठने लगी हैं, क्योंकि पार्टी विधायक एमपी रेणुकाचार्य ने हाल ही में कुछ मंत्रियों के काम में देरी और काम करने के बारे में खुलकर नाराजगी व्यक्त की थी। विधायक एमपी रेणुकाचार्य मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव भी हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के कई विधायकों की राय एक जैसी है और उन्हें लगता है कि अगर नए चेहरों को कैबिनेट में शामिल किया जाता है, तो वे आक्रामक तरीके से काम करेंगे और आगे 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और सरकार के लिए एक अच्छा संदेश देंगे।
राज्य मंत्रिमंडल में वर्तमान में पांच पद खाली हैं, जिसमें मुख्यमंत्री सहित 29 मंत्री हैं, जबकि स्वीकृत संख्या 34 है। इसलिए कुछ विधायक विधानसभा चुनाव से पहले नए चेहरों को शामिल करने के लिए जल्द ही कर्नाटक मंत्रिमंडल में गुजरात जैसे बदलाव की वकालत कर रहे हैं।

