- निबाली गांव निवासी एवं भाजपा मंडल अध्यक्ष का मामला
- भाजपाइयों ने तहसील में शुरू किया धरना, कार्यवाही की मांग पर अड़े
मुख्य संवाददाता |
बागपत: तहसील में कागजो के बनवाने के लिए रिश्वत का खेल जारी है। भाजपा के मंडल अध्यक्ष तहसील में एक जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए गए तो लेखपाल ने एक हजार रुपये की डिमांड कर दी।
जिसका विरोध भाजपा नेता ने किया। इस पर लेखपाल व उसके साथियों ने अभद्रता की और कमरे में बंद कर पिटाई कर दी। इसकी सूचना भाजपा नेता ने पार्टी नेताओं को दी। जिसके बाद भाजपाइयों ने तहसील में पहुंचकर हंगामा किया और कार्यवाही की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया है।
निबाली गांव निवासी ओमबीर धामा भाजपा के देहात मंडल अध्यक्ष हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि वह सुबह बागपत तहसील में अपने एक जानकर की बेटी का जाति का पत्र बनवाने के सम्बंध में आये थे।

लेखपाल ने प्रमाण पत्र के सत्यापन के लिए एक हजार रुपये की डिमांड रख दी। उन्होंने इसका विरोध किया और पूछा कि यह रिश्वत क्यों ले रहे हो? इस पर लेखपाल ने अभद्रता की और बाद में कमरे में बंद कर दिया।
आरोप है कि लेखपाल ने अपने साथियों के साथ मिलकर कमरे में बंद कर पिटाई की। आरोप है कि मोबाइल भी छीन लिया व पुलिस को दे दिया। भाजपा नेता ने इसकी सूचना पार्टी नेताओ को दी।
जिसके बाद जिलाध्यक्ष सूरजपाल गुर्जर व बड़ौत चेयरमैन अमित राणा के नेतृत्व में भाजपा नेता तहसील पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। भाजपा नेताओं ने लेखपाल व उसके साथियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है। लेकिन मांग पूरी नहीं हुई।
जिसके बाद भाजपाई तहसील में ही धरने पर बैठ गए। जिलाध्यक्ष ने प्रकरण से प्रभारी मंत्री धर्मसिंह सैनी को भी अवगत कराया और कार्यवाही की मांग की है। इस दौरान काफी संख्या में भाजपाई तहसील में डटे हुए है।

