जनवाणी संवाददाता |
रुड़की: मुशायरा और कवि सम्मेलन आपसी भाईचारा तथा राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देते हैं। इससे साहित्य की सेवा के साथ-साथ सौहार्द का वातावरण भी उत्पन्न होता है। उक्त् विचार खानपुर विधायक उमेश कुमार शर्मा ने यहां एक होटल में आयोजित मुशायरे में बतौर मुख्य अतिथि के रुप में बोलते हुए व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि साहित्यकारों का योगदान भुलाया नहीं जा सकता,क्योंकि उन्होंने समाज तथा राष्ट्र की एकता की मजबूती के लिए भाईचारे के साथ ही स्वतंत्रता आंदोलन में भी अपना योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि आज के समय में कवियों व शायरों की बड़ी जिम्मेदारी बढ़ गई है कि वह समाज को सही रास्ता दिखाएं तथा जुल्म व अत्याचार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें।


