जनवाणी ब्यूरो |
यूपी: उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों में सचिवों की कमी दूर करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार 13,116 नए ग्राम पंचायत अधिकारी (पंचायत सचिव) के पद सृजित करेगी। पंचायती राज विभाग की बुधवार को हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। भर्ती प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी की जाएगी, जिसमें पहले चरण में 4,372 पदों के सृजन को हरी झंडी मिल गई है।
58 हजार ग्राम पंचायतों के मुकाबले सिर्फ 16 हजार सचिव
प्रदेश में करीब 58 हजार ग्राम पंचायतें हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 16 हजार ग्राम पंचायत अधिकारी ही कार्यरत हैं। ऐसे में लगभग 42 हजार ग्राम पंचायतों का काम अतिरिक्त प्रभार के जरिए संचालित किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक ग्राम पंचायत में अलग पंचायत सचिव की नियुक्ति करना है, ताकि प्रशासनिक और विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।
अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था से मिलेगी राहत
नई नियुक्तियों के बाद पंचायत सचिवों पर अतिरिक्त प्रभार का बोझ कम होने की उम्मीद है। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और ग्रामीणों को सरकारी सेवाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा।
वीपीओ और वीडीओ का कैडर फिलहाल रहेगा अलग
बैठक में ग्राम पंचायत अधिकारी (वीपीओ) और ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) के संवर्गों को मिलाकर एकीकृत (यूनिफाइड) कैडर बनाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी। इसलिए दोनों संवर्ग फिलहाल पहले की तरह अलग-अलग ही कार्य करते रहेंगे।
सरकार का मानना है कि नए पदों के सृजन से पंचायत स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था और मजबूत होगी, विकास कार्यों में गति आएगी और ग्रामीणों तक सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकेगा।

