Friday, May 1, 2026
- Advertisement -

मेडिकल में 35 रुपये प्रतिदिन पर कैंसर मरीजों के लिए थैरेपी शुरू

  • शुरू हुई कैंसर मरीजों के लिए सिकाई की सुविधा

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: मेडिकल में काफी समय से बंद पड़ी कोबाल्ड थैरेपी गुरूवार को फिर शुरू हो गई। यह थैरेपी कैंसर के उन मरीजों के लिए वरदान है जो बीमारी की लास्ट स्टेज पर पहुंच चुके है। इस दौरान मरीज को रेडियोथैरेपी के जरिए कैंसर से निजात दिलाई जाती है। इस थैरेपी का खर्च निजी अस्पतालों में काफी ज्यादा है जबकि मेडिकल में यह महज 35 रूपये प्रतिदिन पर उपलब्ध है।

मेडिकल के मीडिया प्रभारी डा. वीडी पाण्डेय ने बताया रेडियोथेरेपी विभाग में कोबाल्ट मशीन पर रोगियों का उपचार दोबारा शुरू हो गया है। डा. अजय श्रीवास्तव की नियुक्ति के बाद 10 मार्च को उन्होंने विकिरण सुरक्षा अधिकारी के पद पर अपनी सहमति दी थी। इसके बाद डा. सुभाष सिंह व प्रधानाचार्य डा. आरसी गुप्ता के प्रयास पर 10 अप्रैल को परमाणु ऊर्जा नियामक परिषद (अएफइ) से रोगियों के इलाज की अनुमति मिली।

कैंसर मरीजों के लिए लाभदायक है कोबाल्ड थैरेपी

रेडियोथेरेपी विभाग के एचओडी डा. सुभाष सिंह ने बताया मेडिकल में उपलब्ध कैंसर की सिकाई सुविधा से पउप्र के कैंसर रोगियों को काफी राहत मिलेगी। इस मशीन पर प्रतिदिन मात्र 35 रूपये में रोगियों का विकिरण द्वारा उपचार किया जा सकेगा। इसमें शरीर के अलग अलग अंगो के कैंसर जैसे- मुंह, गला, फेफड़ें, आंत, बच्चेदानी, मलद्वार व स्तन आदि का इलाज हो सकेगा। साथ ही जिन मरीजों की बीमारी ज्यादा बढ़ गई है उन्हें भी राहत के लिए विकिरण चिकित्सा दी जा सकती है।

अंतिम स्टेज के मरीजों को भी राहत

23 9

कोबाल्ड थैरेपी से कैंसर के अंतिम चरण (स्टेज 4) वाले मरीजों को दर्द से राहत के लिए इलाज दिया जा सकता है। मेडिकल के विभिन्न विभागों से कैंसर के मरीज रेडियोथेरेपी विभाग में आ रहे हैं। डा. सुभाष सिंह ने आम जनता से कैंसर मरीजों को इलाज के लिए मेडिकल में भेजने की अपील की है जिससे वह कैंसर की सिकाई का लाभ उठा सके।

नई सिम्युलेटर मशीन भी तैयार

रेडियोथेरेपी विभाग के सहायक आचार्य डा. नलिन गोयल ने कहा यूपी सरकार द्वारा पश्चिमी उत्तर प्रदेश की आम जनता को स्वास्थ्य लाभ मिलने जा रहा है। कैंसर के मरीजों के लिए एक और आधुनिक नई सीटी सिम्युलेटर मशीन विभाग में लगा दी गई है। सीटी सिम्युलेटर मशीन परमाणु ऊर्जा नियामक परिषद से अनुमति मिलते ही शुरू हो जायेगी। इससे मरीजों का और बेहतर तरीके से इलाज किया जा सकेगा।

प्रधानाचार्या डा. आरसी गुप्ता ने कहा रेडियोथेरेपी विभाग मारीजों को सेवा दे रहा है और भविष्य में भी देता रहेगा। रेडियोथेरेपी विभाग में परमाणु ऊर्जा नियामक परिषद् के मानकों के अनुसार संकाय सदस्य (चिकित्सक) उपलब्ध हैं। इनमें विभागाध्यक्ष डा. सुभाष सिंह (रेडिएशन आॅनकोलॉजिस्ट), सहायक आचार्य डा. नलिन गोयल (रेडिएशन आॅनकोलॉजिस्ट) व आचार्य (मेडिकल फिजिक्स) व विकिरण सुरक्षा अधिकारी डा. अजय कुमार श्रीवास्तव, सहायक आचार्य (मेडिकल फिजिक्स) शुभम दास तैनात हैं।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

किसानों के लिए वरदान हैं बैंगन की टॉप 5 किस्में

किसानों के लिए बैंगन की खेती में बेहतर उत्पादन...

धान उगाने की एरोबिक विधि

डॉ.शालिनी गुप्ता, डॉ.आर.एस.सेंगर एरोबिक धान उगाने की एक पद्धति है,...

बढ़ती मांग से चीकू की खेती बनी फायदेमंद

चीकू एक ऐसा फल है जो स्वाद के साथ-साथ...

झालमुड़ी कथा की व्यथा और जनता

झालमुड़ी और जनता का नाता पुराना है। एक तरफ...

तस्वीरों में दुनिया देखने वाले रघु रॉय

भारतीय फोटो पत्रकारिता के इतिहास में कुछ नाम ऐसे...
spot_imgspot_img