Wednesday, October 20, 2021
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योगी को बदनाम करने में जुटे मेरठ के अफसर!: खुली पोल, अव्यवस्था पड़ी भरी

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आधा दर्जन छात्रों के मोबाइल, अन्य कागजात चोरी

पहली पाली में 4385 छात्र रहे अनुपस्थित, सामान्य ज्ञान के प्रश्न रहे कठिन


जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: मंगलवार को कड़ी सुरक्षा और कोविड नियमों का पालन कराते हुए उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा आयोग की ओर से पीईटी-2021 यानी प्रारंभिक अर्हता परीक्षा का आयोजन किया गया। कई केंद्रों पर वरिष्ठ अफसरों ने भी दौरा करके सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

मेरठ में 59 केंद्रों पर दो पालियों में यह परीक्षा संपन्न कराई गई। पीईटी परीक्षा में पहली पाली में करीब 31000 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। जिनमें से 4385 छात्र अनुपस्थित रहे। अभ्यर्थियों ने पेपर सामान्य बताया जिसमें गणित का हिस्सा कुछ कठिन था। इसमें 10वीं व 12वीं सफल छात्रों ने हिस्सा लिया।

अभ्यर्थियों को 2 घंटे पहले ही परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के लिए कहा गया था और आधे घंटे पहले एंट्री बंद हो गई थी। हालांकि कुछ लोग अंत में दौड़ते हुए किसी तरह परीक्षा केंद्र पर पहुंच सके। कपिल ने बताया कि अब इस परीक्षा में सफल होने के बाद आगे नियुक्ति की परीक्षाओं में वह और मेहनत करके चयन में स्थान बनाना चाहेंगे।

मायापुरी की अमिता सागर ने भी पेपर को सामान्य बताया और कहा कि इस नई व्यवस्था से नियुक्ति की अगली कड़ी में वही आगे जाएगा जो उसके योग्य होगा। सभी नहीं जाएंगे। वहीं बड़ौत के मुकुल तोमर का कहना है कि पेपर तो सही था, लेकिन इस नई व्यवस्था से बहुत से छात्रों को नुकसान भी होगा।

सामान्य ज्ञान के प्रश्न रहे कठिन

पीईटी परीक्षा में सामान्य ज्ञान के प्रश्न कुछ कठिन रहे जिनको हल करने में छात्र-छात्राओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वही जीआईसी से परीक्षा देकर निकले अनिल ने बताया कि परीक्षा में लेटेस्ट के कई सवाल पूछे गए जैसे कि कोरोना वैक्सीन सबसे पहले किस देश में बनाई गई।

हाल ही में तमिलनाडु में हुए चुनावों में किस पार्टी की सरकार बनी है और हड़प्पा सभ्यता से संबंधित भी कई सवाल पूछे गए। पायल ने बताया कि गणित के सवाल भी कुछ कठिन है, लेकिन ग्राफ को हल करने में कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

देर से पहुंचे परीक्षार्थी, जमकर हुआ हंगामा

पीईटी की परीक्षा में दूसरी पाली में काफी केंद्रों पर परीक्षार्थी देर से पहुंचे। ज्यादा देर होने पर परीक्षार्थियों को केंद्र के अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। इस बीच परीक्षार्थियों ने बहुत प्रयास किया और अंदर घुसने की कोशिश की, लेकिन केंद्र ने पुलिस को बुलाकर सूचित किया।

इसके बाद गेट के बाहर पुलिस ने व्यवस्था को संभाला। यह स्थिति तमाम केंद्रों पर हुई। इसी तरह से शास्त्रीनगर इस्माईल इंटर कालेज में लगभग 40 परीक्षार्थयों ने हंगामा कर दिया। प्रधानाचार्य डॉ. मृदुला शर्मा ने बताया कि परीक्षार्थियों को बहुत ज्यादा देर हो चुकी थी।

चार बजे तक भी परीक्षार्थी आ रहे थे। ऐसे में नियमों का पालन किया गया। वहीं परीक्षार्थियों ने जब अंदर घुसने की कोशिश की, तो पुलिस को सूचित किया गया। बहरहाल बाद में पुलिस ने व्यवस्था को संभाला।

स्कूलों ने रही अव्यवस्था, शिकायत छात्रों के सामान हुए गायब  

पीईटी की परीक्षा को लेकर स्कूलों ने अव्यवस्था की भी शिकायत की। शताब्दी नगर स्थित एक स्कूल ने बताया कि उनके यहां पर दूसरे सेंटर की सामग्री पहुंचा दी गई। इसके बाद उनके सेंटर की परीक्षाएं देर में पहुंची, इससे पहली पाली में देरी हुई। बहरहाल इस तरह की तमाम शिकायतें स्कूलों से मिली कि परीक्षार्थी भी बहुत देर से आए और तमाम तरह की गाइडलाइंस जोकि महत्वपूर्ण थी, वह परीक्षार्थियों को नहीं मालूम थी।


ट्रैफिक पुलिस कब सुधरेगी, शहर की सड़कों पर लगा रहा जाम

मेरठ: मेरठ और आसपास के जिलों में मंगलवार को कड़ी सुरक्षा और कोविड नियमों का पालन कराते हुए उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा आयोग की ओर से पीईटी-2021 यानी प्रारंभिक अर्हता परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा के कारण उमड़ी भीड़ के कारण पूरे दिन शहर में जाम की स्थिति रही। पुलिस अधिकारी पूरे दिन वायरलैस पर जाम खुलवाने के लिए आदेश देते रहे।

मेरठ में परीक्षा 59 केंद्रों पर हुई। दोनों पालियों में कुल 61,948 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। हर पाली में 30,974 अभ्यर्थी थे। पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर तीन से शाम पांच बजे तक हुई। सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले पहुंचने को कहा गया था। दरअसल पूरे वेस्ट यूपी में यह परीक्षा होनी थी।

सुबह से ही सोहराब गेट डिपो और भैंसाली बस अड्डे पर छात्रों और उनके परिजन आने शुरू हो गए थे। इसके अलावा प्राइवेट वाहनों से भी लोग परीक्षा देने आए। 61948 परीक्षार्थियों के अलावा उनके परिजनों के कारण शहर की ट्रैफिक व्यवस्था अचानक चरमरा गई।

दिल्ली रोड पर फुटबाल चौराहे के पास पूरे दिन जाम की स्थिति रही। रैपिड रेल के कारण वैसे ही वन वे कर दी गई दिल्ली रोड पर रोडवेज की बसों के कारण भीषण जाम लगा रहा। बच्चा पार्क से लेकर खैरनगर चौपले तक कारों के कारण लोगों का निकलना दूभर हो गया।

बेगमपुल से लेकर केसरगंज तक हालत बेहद खराब थे। शहर की उन सड़कों पर जाम की समस्या पैदा हुई जिस सड़क पर स्कूल कालेज थे। जीरो माइल चौराहे पर रेपिड के कारण वैसे ही वाहनों का निकलना मुश्किलों भरा हो रहा है ऐेसे में एसएसडी ब्वायज में सेंटर होने के कारण हालत बद से बदतर हो गए।

एसपी ट्रैफिक जितेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि जाम को देखते हुए पुलिसकर्मियों को जगह-जगह पर लगाया गया था। पूरे दिन जाम को खत्म कर ट्रैफिक को नार्मल किया जाता रहा। भीड़ आ जाने से ट्रैफिक प्रभावित हो गया था।

परिवहन निगम की खुली पोल, भैंसाली बस अड्डे पर व्यवस्था चरमराई

मेरठ: पीईटी परीक्षा के लिए रोडवेज ने 248 बसों की व्यवस्था का दावा किया था, लेकिन अभ्यर्थियों की भारी भीड़ और रास्तों में लगे जाम में बसों के फंसने से व्यवस्था बेपटरी हो गई। इस दौरान घंटों तक यात्री बसों का इंतजार करते रहे और परीक्षा देने के बाद अभ्यर्थियों को बसों की कमी का सामना करना पड़ा।

वही परीक्षा केंद्रों पर पेपर शुरू होने के आधे घंटे पहले एंट्री बंद कर दी गई थी। क्योंकि परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों को लगभग एक घंटे पहले पहुंचना था ताकि एंट्री मिल सके। जिला विद्यालय निरीक्षक गिरिजेश चौधरी ने बताया कि मेरठ में 59 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई।

सीबीएसई स्कूलों के अलावा सरकारी स्कूलों और डिग्री कालेजों को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। कोविड नियमों का पालन करते हुए हर केंद्र पर परीक्षा कराई गई है। 59 स्टेटिक मजिस्ट्रेट और 20 सेक्टर मजिस्ट्रेट लगाए गए थे। एडीएम सिटी नोडल अधिकारी रहे।


पुलिस व्यस्था फेल: आधा दर्जन छात्रों के मोबाइल, अन्य कागजात चोरी

मेरठ: पीईटी की परीक्षा देने आए आधा दर्जन छात्रों के मोबाइल व पर्स चोरी हो गए। जिसको लेकर छात्रों ने पहले कॉलेज गेट पर हंगामा किया, फिर लालकुर्ती थाने पहुंचकर सिक्योरिटी गार्डों के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने छात्रों की शिकायत पर सिक्योरिटी गार्ड को हिरासत में ले लिया। बाद में उनके बीच समझौता हो गया। हालांकि इस दौरान छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर भी लापरवाही के आरोप लगाए है।

शहर में मंगलवार को पीईटी की परीक्षा थी। परीक्षा देने के लिए विभिन्न जनपदों से हजारों छात्र आए हुए थे। वहीं, लालकुर्ती थाना क्षेत्र के एसएसडी कॉलेज में भी पीईटी परीक्षा के लिए केंद्र बनाया गया था।

जिसमें परीक्षा देने आए मुजफ्फरनगर के रहने वाले सचिन पुत्र सोहनवीर, मोहित कुमार पुत्र किशनपाल सिंह, नितिन गोयल पुत्र प्रदीप गोयल, अंकित कुमार पुत्र कालूराम और आदित्य राजपूत पुत्र नौबहार सिंह निवासी बिजनौर भी आए हुए थे।

उक्त छात्रों ने बताया कि परीक्षा में जाने से पहले उन्होंने कॉलेज गेट पर तैनात सिक्योरिटी गार्डों को अपने पर्स व मोबाइल जमा कराए थे। पर्स में उनके नगदी समेत अन्य कागजात भी थे। परीक्षा समाप्त होने के बाद जब छात्रों का एक साथ रैला बाहर निकला तो अपना सामान लेने के लिए सिक्योरिटी रूम में घुस गए।

जिसमें कुछ छात्र उनके मोबाइल व पर्स भी उठा ले गए। काफी तलाश करने के बाद भी जब उनका मोबाइल व पर्स नहीं मिला तो उन्होंने सिक्योरिटी गार्डों से इस संबंध में पूछा। लेकिन उन्होंने अपनी जिम्मेदारी नहीं होने की बात कहते हुए पल्ला झाड़ लिया।

इसके बाद उक्त छात्र लालकुर्ती थाने पहुंचे और इंस्पेक्टर अतर सिंह को पूरी बात बताते हुए सिक्योरिटी गार्डों के खिलाफ तहरीर दी। जिसके बाद थाना इंस्पेक्टर ने कॉलेज में पहुंचकर कॉलेज प्रशासन से इस बारे में पूछताछ की, लेकिन उन्होंने भी अपनी जिम्मेदारी नहीं होने की बात कहते हुए पल्ला झाड़ लिया।

इसके बाद पुलिस छात्रों की शिकायत पर सिक्योरिटी गार्डों को हिरासत में लेकर थाने ले आई। जहां पर सिक्योरिटी गार्डों ने पीड़ित छात्रों को 5-5 हजार रुपये देकर समझौता कर लिया।

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