जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: दक्षिण-पश्चिम मानसून ने देश के कई हिस्सों में रफ्तार पकड़ ली है। पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों में लगातार भारी बारिश हो रही है, जबकि मध्य प्रदेश में नौ दिन की देरी के बाद मानसून ने बुधवार को दस्तक दे दी। दूसरी ओर, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के कई इलाकों में अभी भी लू का असर बना हुआ है।
मुंबई में बारिश से जनजीवन प्रभावित
मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों से लगातार तेज बारिश हो रही है। भारी वर्षा के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। कई स्थानों पर पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे वाहनों को नुकसान पहुंचा है और यातायात प्रभावित हुआ है।
कई राज्यों में हुई भारी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, मध्य महाराष्ट्र और मिजोरम के कुछ क्षेत्रों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, गुजरात, असम, अरुणाचल प्रदेश, तटीय कर्नाटक और तेलंगाना के कई हिस्सों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक वर्षा रिकॉर्ड की गई।
मध्य महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में 81 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान भी दर्ज किया गया, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।
इन राज्यों में आगे बढ़ा मानसून
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून गुजरात और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों, महाराष्ट्र के शेष भागों, छत्तीसगढ़ तथा झारखंड के कुछ क्षेत्रों तक पहुंच चुका है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों में मानसून गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के शेष हिस्सों के साथ उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में आगे बढ़ सकता है। इसके बाद उत्तराखंड सहित उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में भी मानसून की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
भारी बारिश का अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने पश्चिमी तट और पूर्वोत्तर भारत के कई क्षेत्रों में आगामी दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। विशेष रूप से 27 और 28 जून को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अत्यधिक भारी बारिश होने का अनुमान है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बरतने और लोगों से मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।

