Monday, August 2, 2021
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मरीजों में नई मुश्किलें, फूलती है सांस, जोड़ों के दर्द ने भी घेरा

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जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कोविड पीड़ित रोहित सिंह वेंटिलेटर पर रहने के बाद स्वस्थ्य होकर अपने घर लौट आये हैं, लेकिन नसो में कमजोरी, सांस फूलने और ठीक से नींद नहीं आने जैसी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस तरह के एक-दो नहीं, बल्कि बड़ी तादाद में मरीज डॉक्टरों के यहां पर आ रहे हैं।

डा. तनुराज सिरोही के क्लीनिक पर इस तरह के मरीजों की तादाद ज्यादा है। कोरोना के इलाज में लाखों रुपये खर्च किये, लेकिन अब नई परेशानियों ने घेर लिया है। नरेश शर्मा ने कुछ दिनों बाद ही कोरोना को मौत दे दी, लेकिन जमीन पर कदम रखते ही हार्ट बीट बढ़ जाती है। कभी बीपी बढ़ जाता है।

इस तरह की शिकायत मिल रही है। ऐसे मरीजों का डॉक्टर डी-डाइमर टेस्ट करा रहे हैं। यह टेस्ट नॉर्मल होने के बाद भी दिक्कत पैदा हो रही है। डॉक्टर इसको कमजोरी बता रहे हैं। दरअसल, लोग पोस्ट कोविड सिंड्रोम से जूझ रहे हैं। संक्रमण ठीक होने के बाद कमजोरी के साथ जोड़ों में दर्द और मूवेंट बंद होने जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में इन मरीजों की फिजियोथेरेपी की जरूरत भी पड़ रही है।

पहले तो डॉक्टर भी हैरान थे कि आखिर कोरोना संक्रमण निगेटिव आने के बाद ऐसी दिक्कत क्यों आ रही है। शरीर की कमजोरी को भी फोकस किया गया, लेकिन नसों की भी समस्या सामने आ रही हैं, जिसके चलते भी लोगों को दिक्कत पैदा हो रही है। एक-दो मरीजों के साथ नहीं, बल्कि बड़ी तादाद में मरीज डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं या फिर आॅनलाइन इलाज करा रहे हैं।

कुछ ऐसे मरीजों की जानकारी भी मिली है, जिनकी हार्ट बीट बढ़ने से मृत्यु तक हो गई है। इसमें हार्ट में समस्या होती है, जिसके बाद मरीज की मृत्यु हो जाती है। इस तरह के मामले भी डॉक्टरों के पास आये हैं। पिछले वर्ष कोरोना संक्रमण से इस तरह की दिक्कत नहीं थी। कोरोना का कहर इस बार ज्यादा है। कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी शरीर को समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।

ये हैं समस्याएं                                                                                  

निगेटिव हुए मरीजों को थकान, सांस में परेशानी, आॅक्सीजन लेवल डाउन जाना। सूखी खासी जैसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। मरीजों को तो हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने के बाद से भी आॅक्सीजन की जरूरत पड़ रही है।

बढ़ रही है हार्ट बीट: डा. तनुराज                                                                                                                               

डा. तनुराज सिरोही सीनियर फिजीशियन का कहना है कि उनके पास ऐसे ज्यादातर मरीज आ रहे हैं,जिनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आ गई हैं, लेकिन वो कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। नसों की दिक्कत है। नसों में लकवा भी हो सकता है। हार्ट बीट भी बढ़ रही है। आॅक्सीजन की भी कमी के मामले आ रहे हैं। यह तब है, जब कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद अस्पताल से छुटटी कराने के बाद मरीज अपने घर पहुंच गए हैं। यह कोरोना का इफेक्ट है। जोड़ों के दर्द की भी समस्या आ रही है।

ब्लैक फंगस भी बड़ी समस्या: डा. वीरोत्तम तोमर                                                                                                       

डा. वीरोत्तम तोमर फुलमोनोलोजिस्ट का कहना है कि कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद कुछ मरीजों को ब्लैक फंगस के मामले भी सामने आ रहे हैं। कोरोना से तो जंग जीत गए, लेकिन इसके बाद ब्लैक फंगस से मरीजों को मुसीबत बढ़ा दी है। यह ब्लैक फंगस डॉक्टरों के लिए भी बड़ी चुनौती है। क्योंकि इसके इंजेक्शन व दवाई भी मार्केट में नहीं है। मेरठ में करीब 50 केस आने की बात कही जा रही है। ब्लैक फंगस के मामलों में आॅपरेशन भी किये जा रहे हैं, लेकिन ब्लैक फंगस होने की वजह ज्यादा स्टोरॉयड का प्रयोग है तथा शुगर के मरीजों को यह ब्लैक फंगस ज्यादा हो रही है।

गांवों की पल-पल की देनी होगी रिपोर्ट                                                   

गांवों की स्थिति को लेकर प्रशासन गंभीर है। प्रशासन की ओर से निगरानी समितियों को मौके पर जाकर पल-पल की रिपोर्ट देने के लिये कहा गया है। इसके अलावा सभी सीएचसी प्रभारियों को निर्देश दिये गये हैं कि जांच की संख्या बढ़ाई जाये और किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाये। सीडीओ ने इस संबंध में अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किये हैं।

कोरोना वैश्विक महामारी को लेकर गांवों में स्थिति खराब होती जा रही है। इसे लेकर मुख्यमंत्री ने भी नाराजगी जताई थी और उन्हें गांव का दौरा तक किया था। अब प्रशासन की ओर से भी इस मामले में गंभीरता से कार्य किया जा रहा है।

मंगलवार को कमिश्नर ने भी कई गांवों का निरीक्षण किया था और अधिकारियों को दिशा निर्देश दिये थे। सीडीओ शशांक चौधरी ने भी बुधवार को कई गांवों का निरीक्षण किया और वहां निगरानी समितियों से वहां की स्थिति जानी। उन्होंने कहा कि निगरानी समिति सभी क्षेत्रों की पल-पल की रिपोर्ट देंगी और वह रिपोर्ट शासन को भेजी जायेगी। उन्होंने सभी सीएचसी प्रभारियों और अन्य स्टाफ को भी दिशा निर्देश दिये।

कहा कि जांच में तेजी लाये जाये और संदिग्धों को भी कोरोना किट दी जाये। अगर जो कोई कोरोना मरीज है तो उसे भी कोेरोना किट दी जाये और किट दी जाये। अगर स्थिति गंभीर हो तो उसे तत्काल भर्ती कराया जाये। उन्होंने क्षेत्रों में बनाये गये आइसोलशन वार्डों का भी निरीक्षण किया और वहां तैनात स्टाफ को दिशा निर्देश दिये। कहा कि किसी प्रकार की भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।


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