- दोपहर के समय कड़ाके की धूप में लोगों ने अब कम निकलना पसंद कर रहे
जनवाणी संवाददाता |
मोदीपुरम: मार्च का महीना खत्म हो गया है। अप्रैल के शुरू होते ही महीने ने लोगों को गर्मी का एहसास करा दिया है। मार्च के महीने में ही अधिक तपन होने के कारण लोग गर्मी से परेशान होने लगे हैं। दोपहर के समय कड़ाके की धूप में लोगों ने अब कम निकलना पसंद कर रहे हैं। क्योंकि तेज गर्मी के कारण लोगों का स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है।
दिल्ली का न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेंटीग्रेड दर्ज किया गया
जो सामान्य से लगभग चार डिग्री अधिक था। वहीं, दूसरी ओर पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश उत्तराखंड श्रीनगर में अब भी रुक-रुक कर बराबरी हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जलवायु परिवर्तन के कारण से मैदानी राज्यों में समय से पहले गर्मी और उच्च हिमालय राज्यों में देर तक व्यापारी का दौर जारी है। दिल्ली का अधिकतम तापमान लगभग 35 डिग्री के आसपास दर्ज किया जा रहा है। जिसको अब लगातार बढ़ने की उम्मीद है। यह तापमान सामान्य से तीन से चार डिग्री सेंटीग्रेड अधिक हो गया है।
दिल्ली में 29 मार्च को इस साल का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया था। इस दौरान अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री रहा जो सामान्य से 5 डिग्री अधिक था। हिमाचल कश्मीर और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बराबरी दर्ज की जा रही है। कश्मीर के गुलमर्ग और पहलगांव उत्तराखंड के गंगोत्री यमुनोत्री धाम बदरीनाथ हेमकुंड साहिब फूलों की घाटी में बराबरी का दौर जारी है।
क्या होती है हीटवेव?
तापमान 45 डिग्री के पार हो तो हीट वेव कहलाती है। इसके अलावा यदि तापमान 40 डिग्री से अधिक हो और सामान्य से 4.5 डिग्री ज्यादा दर्ज किया गया हो यह स्थिति दो दिन लगातार रहे तो हीट वेव कहलाती है। हीट स्ट्रोक से सिर्फ सावधानी ही बचा सकती है। बीपी शुगर चेक करते रहना चाहिए। नियमित दवाई भी लेते रहे, क्योंकि आगामी दोनों में हीट वेव की संभावनाएं अधिक है।
जलवायु परिवर्तन में प्रभाव देखने को मिलेगा
इस बार पश्चिम विक्षोभ देर से आए है। इसके चलते उच्च हिमालय क्षेत्र में हिमपात भी देर से शुरू हुआ है। अब भी हिमालय में ऊंचाई वाली जगह पर हिमपात जारी है पश्चिमी विक्षों के देरी से आने की कारण जलवायु परिवर्तन में यह प्रभाव देखने को मिल रहा है।
मतदान प्रतिशत भी हो सकता है प्रभावित
अप्रैल में के महीने में हीट वेव के बढ़ाने की संभावना है। इसके कारण प्राय देखा गया है कि कुछ लोग अपने घर से निकलकर मतदान करने नहीं जाते और कुछ लोग घूमने के लिए निकल जाते हैं। ऐसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र के लिए उनके मतदान एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए हीट वेव से डर कर घर में न बैठे रहे, अपने मतदान का प्रयोग अवश्य करें।

