- टकराव के हालात, आक्रोशित भीड़ ने भी ठोक दिया अपना ताला
- लालकुर्ती पुलिस करती रही दोनों पक्षों से बातचीत
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: तोपखाना क्षेत्र में आर्मी और जनता आमने-सामने आ गई हैं। वजह है सड़क पर लगाए गए गेट पर आर्मी ने तालाबंदी कर दी है। इसके बाद सिविल एरिया से किसी का भी आवागमन आर्मी क्षेत्र में बंद हो गया है। यहां सेना भी तैनात कर दी गई हैं। इसमें सबसे बड़ी दिक्कत तोपखाना क्षेत्र के लोगों को हुई है। आक्रोशित जनता ने गेट पर अपना भी ताला डाल दिया है। इस तरह से सेना का आवागमन भी तोपखाना क्षेत्र में बंद हो गया है। आर्मी और पब्लिक के बीच टकराव के हालात बढ़ गए हैं।
सोमवार को भारी भीड़ लोगों उस गेट पर पहुंची तथा अपना तला लगा दिया। वहां लोगों की भारी भीड़ लग गई थी। लालकुर्ती थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंची तथा ताला खुलवाने के लिए सेना के अधिकारियों से बातचीत की, लेकिन आर्मी ने गेट का ताला नहीं खोला। सेना के अफसरों का तर्क है कि गाय अंदर घुसने से तमाम हरियाली को नष्ट कर दिया है। आवारा पशु सैन्य क्षेत्र में घुस जाते हैं और जो हरियाली उगाई गई है, उसको नष्ट कर देते हैं। इसी वजह से गेट में तालाबंदी की गई है। तालाबंदी से तोपखाना क्षेत्र में रहने वाले लोगों को दिक्कत हो गई है।
जैसे ही लोगों को पता लगा की सेना ने गेट पर ताला डाल दिया है, इसके बाद पब्लिक भडक गई और लालकुर्ती थाने पहुंची। इसकी शिकायत की तथा ताला खुलवाने की मांग की, लेकिन सेना ताला नहीं खोला। देखते ही देखते सोमवार को लोगों की भीड़ गेट पर इकट्ठा हो गई। लालकुर्ती पुलिस भी इस दौरान मौके पर पहुंच गई, जिसके बाद टकराव बढ़ने लगा। पुलिस मध्यस्ता कराती रही। टकराव को टालने की कोशिश की।

लालकुर्ती पुलिस ने सेना के अफसर से भी बातचीत की, लेकिन सेना के अफसर से वार्ता के बाद भी ताला नहीं खोला गया। इसको लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। आक्रोशित लोगों ने अब आर्मी के इस गेट पर खुद का ताला लगा दिया है, जिसके बाद टकराव और ज्यादा बढ़ गया हैं। क्योंकि पब्लिक के तालाबंदी करने के बाद सेना का भी आवागमन बंद हो गया। इस गेट से पहले सेना का आवागमन रहता था, वो भी बंद हो गया हैं।
इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी साबित हो रही जानलेवा
मेरठ: शहर में इलेक्ट्रॉनिक्स स्कूटी की सवारी जानलेवा साबित हो रही है। एक पखवाडेÞ में चलते-चलते स्कूटी टूटने की तीन घटनाएं अब तक हो चुकी हैं। इलेक्ट्रॉनिक स्कूटियों को अब लोग जानलेवा मानने लगे हैं। एक मामले में तो इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी बनाने वाले एक कंपनी ने पीड़ित की ओर से कानूनी कार्रवाई के डर के चलते उसको एक लाख से ज्यादा का भगुतान भी कर दिया है। चलते-चलते रोड पर इलेक्ट्रानिक स्कूटियों के टूटने का सिलसिला जारी है।
महंगे तेल से आए दिन के खर्च से निजात दिलाने के नाम पर आटो कंपनियों ने बाजार में उपभोक्ताओं के लिए इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी उतारी हैं, लेकिन आए दिन इनके रोड पर टूटने की घटनाओं के चलते लोग इनसे तौबा करने लगे हैं। इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी टूटने के ज्यादातर मामले एक खास नाम वाली कंपनी की स्कूटियां के साथ हुए हैं। विगत दिनों गौरव मित्तल निवासी सरस्वती विहार रोहटा रोड का एम्पीयर ग्रीव्स कंपनी के इलेक्ट्रिक स्कूटर मैग्नस ए मॉडल 23 मार्च को बेगमपुल पर रात के समय चलते चलते बीच में से दो टुकड़ों में चेसिस से टूट गया था।
इस घटना में स्कूटी चला रहे गौरव मित्तल गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जनवाणी ने उक्त घटना को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। गौरव ने बताया कि उसके बाद कंपनी के सेल्स हेड अभिनव कुमार और सर्विस हेड सतगुरु सरन सोमवार को उनसे मिले। टूटे हुए स्कूटर में मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट का हवाला देते हुए कंपनी के अधिकारियों ने उनसे स्कूटर वापस लेकर खाते में एक लाख तीन हजार ट्रांसफर करा दिया। साथ ही स्कूटर का मूल्य देकर टूटा हुआ स्कूटर रिकवरी वैन में रख कर अपने साथ ले गए है। गौरव ने समाचार प्रकाशित करने के लिए ‘जनवाणी’ का तहेदिल से आभार भी जताया है।
मदद की बात कहकर लिया लूट
मेरठ: टीपीनगर थाना क्षेत्र के मलियाना फ्लाईओवर के समीप बाइक सवार दो बदमाशों ने बस से उतरे एक अधेड़ से मदद की बात कहकर हजारों की रकम व मोबाइल लूट लिया और फरार हो गए। लूट की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस पीड़ित को जीप में बैठाकर घंटों इधर-उधर घूमती रही। जानकारी के अनुसार टीपीनगर थाना के मलियाना फ्लाईओवर के समीप सोमवार की देर रात एक अधेड़ शख्स बस से उतरा। बस से उतरने के बाद वह सड़क किनारे खड़ा होकर पेशाव करने लगा।
उसी दौरान दो बदमाश वहां बाइक से पहुंचे। उन्होंने इस वृद्ध से पूछा कि कहां जाना है। वृद्ध ने उन्हें अपने घर का पता ठिकाना बता दिया। घर तक पहुंचाने में मदद की बात कहकर बाइक सवारों ने अधेड़ को बाइक पर बीच में बैठा लिया और वहां से चल दिए। कुछ दूर जाने के बाद बदमाशों ने अधेड़ से मारपीट कर पांच हजार की रकम और मोबाइल लूट लिया और रोड पर धक्का देकर मौके से फरार हो गए। लुटा-पिटा अधेड़ सड़क किनारे मदद के लिए बिलख रहा था।
कुछ लोग उसकी मदद को पहुंचे तो उसने आपबीती सुना दी। लोगों की मदद से उसने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची थाना टीपीनगर पुलिस की जीप में सवार पुलिस वाले लूट का शिकार हुए अधेड़ को लेकर वहां से तेजी से निकल गए। उसको घंटों इधर-उधर घुमाते रहे।
सिपाही ने लगाई फांसी, गंभीर
मेरठ: सिविल लाइन थाने में तैनात एक सिपाही ने गृह-क्लेश के चलते घर में फांसी लगाने का प्रयास किया। उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। उसको वेंटिलेटर पर रखा गया है। 36 वर्षीय सिपाही संदीप की पत्नी भी महिला थाने में तैनात है। बताया जाता है कि उनका परिवार पुलिस के लाइन के बी ब्लॉक में रहता है। सोमवार की रात को जब वह घर में था तो उसने कमरे में जाकर भीतर से कुंडी लगा ली।
कुछ देर बार खिड़की से जब झांका तो उसका शरीर फांसी पर झूल रहा था। यह देखकर वहां चीख-पुकार मच गयी। आसपास रहने वाले पुलिस कर्मियों के परिजनों ने किसी प्रकार से कमरे के दरवाजे को कई बार धक्के मारकर कुंडी को तोड़ा। तेजी से फांसी के फंसे से संदीप को नीचे उतारकर उसको लेकर अस्पताल की ओर दौडेÞ। डाक्टरों ने बताया कि उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। फिलहाल नाजुक हालते देखते हुए उसको वेंटिलेटर पर रखा गया है।
यदि उसने किसी प्रकार से स्थिर हालत में रात काट ली तो खतरा टल सकता है, फिलहाल उसकी स्थिति पर अस्पताल का स्टाफ नजर बनाए हुए है। परिजनों ने इसकी सूचना थाना सिविल लाइन को ही सबसे पहले दी। आलाधिकारियों को भी इस घटना की सूचना दी गयी है। सीओ अन्य अफसर सिपाही को देखने के लिए अस्पताल पहुंचे।

