- विद्युत विभाग को अब तक लग चुका करोड़ों रुपये का चूना
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: बिजली विभाग को अब तक करोड़ों का चूना लग चुका है,1000 के करीब ट्रांसफार्मर चोरी हो चुके हैं। जिसमें से 746 मेरठ में और 350 के करीब बागपत से हुए हैं। 2021 से लेकर अब तक कई बार बिजली विभाग के द्वारा पुलिस महकमे के आलाधिकारियों को पत्र लिख कर इसकी जानकारी और कार्रवाई करने लिए कहा गया है, लेकिन पुलिस महकमे के कानों में अब तक जूं नहीं रेंगी है।
सिर्फ मेरठ में ऐसी 746 से ज्यादा घटनाएं हो चुकी है। फिर भी क्राइम कंट्रोल हैं। हर रोज ट्रांसफार्मर चोरी हो रहे हैं, पुलिस की नींद नहीं टूट रही हैं। साल 2021 के अप्रैल महीने से ट्रांसफार्मर चोरी होने की घटनाएं बढ़नी शुरू हुई। मेरठ जिले के ग्रामीण इलाकों में से चोरी की घटनाएं बढ़ने के बाद बिजली विभाग ने इसका संज्ञान लिया, साल 2023 तक हजार की संख्या में ट्रांसफार्मर चोरी होना पाया गया।
लगातार शिकायतों के बाद बिजली विभाग हरकत में आया और संबंधित थानों पर एफआईआर दर्ज करानी शुरू की। मेरठ लगभग हर देहात क्षेत्र के थानों में ट्रांसफार्मर चोरी होने के मुकदमे दर्ज है। साथ एंटी पावर थेफ्ट थानों में भी मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं, लेकिन पुलिस के द्वारा अब तक कोई ठोस कदम चोरी की घटनाओं को रखने के लिए नहीं उठाया गया है।
एमडी पावर ने भी लिखा है शिकायती पत्र
एमडी पावर पीवीवीएनएल चेत्रा वी द्वारा भी लिखत में एडीजी जोन राजीव सभरवाल समेत जिलाधिकारी और जिले के कप्तान रोहित सजवान को की गई है। उनके पत्र में लिखा गया है कि पीवीवीएनएल एनसीआर में शामिल है और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के समीप जिले मेरठ में आता है। इस पत्र में लिखा गया है कि पेशेवर गैंग द्वारा परिवर्तको यानी की ट्रांसफार्मर की अधिक चोरी होना पाया गया है

जिससे सरकारी राजस्व की हानि हो रही है। इसी पत्र में एमडी पावर पीवीवीएनएल ने चोरी घटनाओं की रोकथाम और चोरों को गिरफ्तार करने को मांग की है। बता दें ये पत्र 24 अगस्त 2023 को लिखा गया था। तब से अब तक भी इस मामले पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
ये बोले अधिकारी…
ऊर्जा विभाग के एक्जीक्यूटिव इंजन रोशन लाल ने बताया कि मेरठ से 746 ट्रांसफार्मर चोरी हुए हैं और बागपत जिले से भी 350 ट्रांसफार्मर चोरी हुए थे, कई बार पुलिस को पत्र विभाग द्वारा लिखा गया है। उन्होंने बताया कि जब इस तरह को घटनाएं काफी होने लगी
तब क्षेत्रीय स्तर पर और खंड के स्तर पर जानकारी जुटा कर पुलिस को पत्र उनके स्तर से और डिस्कॉम स्तर से भेजे गए हैं। हालाकि उन्होंने बताया कुछ लोग पकड़े गए थे, लेकिन कुछ अभी तक भी नहीं पकड़े गए। उन्होंने बताया कि मेरठ से चोरी हुए ट्रांसफार्मर की कीमत वैसे तो किलोवाल्ट के हिसाब से अलग अलग होती है लेकिन 2 से 3 करोड़ की चोरी हुई है।

