जनवाणी संवाददाता |
मेरठ/मोदीपुरम: कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डा. आरएस सेंगर का कहना है कि वर्तमान बारिश रवि में खेतों में खड़ी फसलों के लिए लाभकारी है साथ ही साथ जायद की फसलों की जो बुवाई की जानी है इसके लिए भी यह बारिश संजीवनी का काम करेगी क्योंकि, इस वर्षा के साथ वातावरण में मौजूद 78 फ़ीसदी नाइट्रोजन जोकि सबसे अधिक मात्रा में मौजूद है उसका लगभग पांच प्रतिशत स्थरीकरण भौतिक विधि से होता है। शेष बची नाइट्रोजन का स्थिरीकरण बायोलॉजिकल विधि से होता है।
इसलिए वर्षा का पानी लाभकारी माना जाता है, क्योंकि उसके साथ वातावरण में मौजूद नाइट्रोजन सीधे फसलों को प्राप्त हो जाती है। इस समय खेत में खड़ी गेहूं की फसल गन्ना, चना, जौ, मसूर, आलू, धनिया, फूलगोभी, पत्तागोभी, शलजम, चुकंदर, पालक, मूली आदि फसलों के साथ-साथ बागों के लिए भी लाभकारी है। इस पानी के मिलने से पौधों में अच्छी वृद्धि होगी और उत्पादन बढ़ेगा यदि यह मौसम दो-तीन दिन तक ऐसा रहा तो इससे गेहूं की वृद्धि अच्छी होगी और उसका उत्पादन भी अच्छा होगा।
इस बारिश के कारण वातावरण में मौजूद धूल के कण बैठ गए हैं। जिससे वातावरण साफ दिखाई देगा और दो-तीन दिन तक पाला और धुंध नहीं छाई रहेगी, आसमान साफ रहेगा। इसके बाद ठंड फिर से बढ़ेगी और खेत में पाले की संभावना बन सकती है।
गेहूं की फसल के लिए संजीवनी बनी बारिश
हस्तिनापुर में शनिवार देर रात से क्षेत्र में हो रही बेमौसम बरसात से किसानों को राहत मिली तो मुश्किलें भी बढ़ रही है। बेमौसम बरसात गेहूं की फसल के लिए संजीवनी बन रही है तो सरसों और आलू की फसल के लिए बीमारियों की संभावना बढ़ा रही है। जिससे एक और किसान उत्साहित हैं तो दूसरी तरफ परेशान भी है।
क्षेत्र में शनिवार देर रात से हो रही बे मौसम बरसात से गेहूं की उत्पादक किसान काफी उत्साहित हैं। यह बारिश गेहूं की फसल के लिए संजीवनी बन रही है। वहीं क्षेत्र में बड़े पैमाने पर लगाई जाने वाली सरसों की फसल के लिए बीमारियों की संभावना बढ़ा रही है।
वैज्ञानिकों के अनुसार लगातार कई दिनों तक मौसम खराब होने से गेहूं की उत्पादक खेती करने वाले किसानों को फायदा होगा तो सरसों और आलू की खेती करने वाले किसानों की फसल में बीमारी की संभावना बढ़ जाएंगी। इस संबंध में स्वामी कल्याण देव कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डा. नवीन चंद्र ने बताया कि यह बारिश गेहूं की फसल के लिए संजीवनी बनेगी जिससे गेहूं की पैदावार बढ़ेगी।
सरसों व आलू की फसल लगातार खराब मौसम होने की वजह से कई बीमारियों की चपेट में आ सकती हैं सरसो में पाउडरी मिलडियू अल्टरनेरिया ब्लाइट, (जुल्सा) आने की संभावना है जिसे रोकने के लिए टाइथेन एम-45 को 600 लीटर पानी में प्रति हेक्टेयर स्प्रे करें लगातार कई दिनों तक मौसम खराब होने से आलू में भी झुलसा रोग आने की संभावना रहती है जिसे रोकने के लिये टाइथेन एम-45 का छिड़काव कर झुलसा रोग को रोका जा सकता है।
बारिश में चरमराई बिजली व्यवस्था
बिजली विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लाख दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर सच्चाई उसके उलट दिखाई देती है। जिसका नजारा रविवार को देखने को मिला। सुबह से लेकर शाम तक बारिश के कारण शहर से लेकर गांव तक बिजली की समस्या देखने को मिली। कई जगह लाइट न आने से उपभोक्ताओं को अंधेरे में ही समय बिताना पड़ा।
जबकि बिजली विभाग द्वारा दावे किए जाते हैं कि हर परिस्थिति में उपभोक्ताओं की समस्याओं का तत्काल निवारण किया जाता है। शिकायतों में परिचितों को प्राथमिकता एक दिन की बारिश से बिजली व्यवस्था पूरी तरीके से विफल नजर आई। जिसमें किस शहर भर के विभिन्न इलाकों में बिजली के कट के कारण लोगों को हाल बेहाल होना पड़ा। इतना ही नहीं कई घरों की बिजली घंटे तक गायब रही।
जिसके पश्चात उन्होंने बिजली विभाग को इस संबंध में कंप्लेंन भी की। लेकिन बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा और कर्मचारियों द्वारा आम उपभोक्ताओं से ज्यादा परिचित उपभोक्ताओं की बिजली व्यवस्था को सुधारने पर ज्यादा फोकस रहा। जिससे की आम उपभोक्ताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना।
रविवार सुबह से शुरू हुई बारिश रुकने का नाम ही नहीं लिया। इसी वजह से उपभोक्ताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, बिजली के सुबह से ही जाने का कारण पानी से लेकर अनेकों प्रकार की किल्लत है देखने को मिली।

सर्दी का सितम रहेगा जारी, अगले दो दिन बारिश आसार
नए साल से ही सर्दी का सितम जारी है। शनिवार रात को मौसम में बदलाव आया और बिजली की गड़गड़ाहट के बीच तेज बारिश हुई। रविवार देर शाम तक बारिश होती रही। कहीं-कहीं ओलावृष्टि हुई। हालांकि इससे फसल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से वेस्ट यूपी में बारिश व ओलावृष्टि हुई। अगले दो दिन बारिश के आसार बने रहेंगे।
इसके बाद तापमान में बढ़ोतरी व सात जनवरी के बाद शीतलहर का प्रकोप बढ़ने से ठंड में इजाफा होगा। रविवार को दिनभर बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त रहा, जिस कारण लोग अपने घरों में कैद रहे। कुछ देर के लिए मौसम जरूर खुला, परंतु इसके बाद आसमान में फिर से बादलों ने डेरा डाल लिया और शाम तक झमाझम बारिश होती रही। हालांकि शनिवार की रात में तापमान बढ़ने से रात में गर्मी का एहसास रहा।
न्यूनतम तापमान पांच डिग्री से बढ़कर 10 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम कार्यालय पर दिन का अधिकतम तापमान 15.7 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम आर्द्रता 98 व न्यूनतम आर्द्रता 89 दर्ज की गई। हवा की रफ्तार छह किमी प्रतिघंटा दर्ज की गई। शनिवार व रविवार देर शाम तक बारिश 22 मिमी दर्ज की गई।
इस संबंध में मौसम वैज्ञानिक डा. शमीम का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से अरब सागर से उठने वाली पूर्वी हवाओं के क्रिया स्वरूप अभी दो दिन बारिश के आसार बने रहेंगे। इसके बाद सात जनवरी से शीतलहर चलने से तापमान में गिरावट के साथ ठंड बढ़ेगी।

