Monday, June 14, 2021
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तेज आंधी, बारिश से तबाह बाग मालिकों ने बहाए आंसू

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  • रात में तेज आंधी और बारिश ने बर्बाद की आम फसल

जनवाणी संवाददाता |

कैराना/झिंझाना: सोमवार की देर रात आई तेज आंधी और बारिश से आम की फसल को भारी नुकसान हुआ है। आंधी के कारण कच्चे आम टूटने के कारण हुए नुकसान से बाग मालिक अपना सिर पकड़कर बैठ गए।
सोमवार की रात करीब 11 बजे अचानक से तेज आंधी शुरू हो गई। आंधी के बाद बारिश भी हुई। तेज आंधी से कैराना क्षेत्र में आम की फसलों को भारी नुकसान हुआ है।

भूरा रोड स्थित 200 बीघा आम के बाग के ठेकेदार वाजिद ने बताया कि वह करीब पिछले 8 साल से आम के बाग लेने का काम करता है। उसने 200 बीघा आम का बाग एक साल के लिए करीब 25 लाख रुपये में ले रखा हैं। बताया कि देर रात आई आंधी के कारण कच्चे आम की फसल टूटकर नीचे गिर गई। ठेकेदार का कहना हैं कि लॉकडाउन लगने के कारण उनको पहले ही नुकसान उठाना पड़ रहा था।

अब ऊपर से तेज आंधी के कारण उनको काफी नुकसान हो गया है। दिल्ली मंडी में उनके कच्चा आम पिछली बार 30 से रुपये प्रति किलो बिका था, लेकिन अबकी बार लॉकडाउन होने के कारण 10 से 12 रुपये प्रति किलो बिक पाएगी। वहीं तेज आंधी के कारण हुए नुकसान से बाद अन्य बाग मालिक भी चिंतित नजर आ रहें हैं।

आम पर लॉकडाउन के बाद ब आंधी-बारिश की मार

मौसम के बिगड़ते मिजाज के चलते लगातार तीन दिन से आंधी तूफान ओर बारिश के चलते आम के बागों में भारी नुकसान हुआ है। क्योंकि इस समय आम की फसल आधे से अधिक पककर तैयार हो चुकी है। बाग में फल भी पहले से बहुत कम है और अब रही सही कमी मौसम ने पूरी कर दी।

इस बार बाग में फसल को बचाने के लिए कीटनाशक दवाई भी महंगी है। जिन बागों में आम सही आया था उनमें आंधी तूफान आने से आम टूट कर गिर गया। जिससे बागवानों को भारी नुकसान हुआ है। जब फसल तैयार हुई तो कोरोना वायरस संक्रमण ने बागबानी करने वालों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

फलों का राजा कहे जाने वाला आम इस बार मौसम व लॉकडाउन की मार झेल रहा है। आसपास के जनपदों में बागवानी ज्यादा है। इन जनपदों से देश के अलग-अलग हिस्सों में आम जाता है, लेकिन इस बार बागवानों को भारी नुकसान हो सकता है। जब बागों में बौर आ रहा था तभी बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि, चमक व आंधी की वजह से नष्ट हो गया था। जिससे बागों में आम कम आया। बाग की रखवाली करने वाले बागवानों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस वर्ष आम की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। मौसम व लॉकडाउन ने बर्बाद कर दिया है।

झिंझाना क्षेत्र से दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता व अन्य राज्यों को आम जाता था, लेकिन इस बार लकडाउन की वजह से व्यापारियों के आर्डर भी नहीं आ रहे हैं। जिससे हमें भारी नुकसान है। झिंझाना निवासी बाग ठेकेदार जावेद खान व साबिर खान ने बताया कि इस बार 100 बीघा बाग16 लाख रुपये में लिया है। लेकिन पिछली बार की तरह इस बार लकडउन व मौसम की मार ने हमारी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

इस बार बहुत घाटा नजर आ रहा है। अब तो मंडी के भाव सही होने पर ही उम्मीद की एक किरण नजर आ रही है। अगर मंडी के भाव सही नही मिले तो इस बार बागो से भारी नुकसान हो सकता है। कैराना निवासी बाग ठेकेदार नौशाद ने बताया मेरठ करनाल हाईवे के रज्जाकनगर के पास झिंझाना निवासी नासिर खान का बाग लिया है। इस बार मौसम और कोरोना वायरस संक्रमण ने आम की फसल को बर्बाद कर दिया है। आंधी तूफान व बारिश से पेड़ों पर आया फल टूट कर गिर गया। जिससे हमें भारी नुकसान हुआ है। इस बार बाग स्वामी को देने के लिए पैसे भी पूरे नहीं होंगे।

कैराना: विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त होने से 11 घंटे बंद रही सप्लाई

सोमवार की रात करीब 11 बजे कैराना क्षेत्र में तेज आंधी तूफान आ गया था। तेज आंधी तूफान के कारण जगह-जगह विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त होने के साथ ही कुछ स्थानों पर पेड़ तथा लोगों के बोर्ड भी टूट कर नष्ट हो गए। तेज आंधी के बाद कंडेला विद्युत केंद्र से कैराना बिजली घर पर आ रही 11 हजारी विद्युत लाइन के ऊ पर कुछ स्थानों पर पेड़ टूट कर गिर गए।

जिसके बाद 11 हजारी हाई वोल्टेज विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। हाई वोल्टेज लाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत सप्लाई लगातार 11 घंटे तक बाधित रही। सुबह 10 बजे लाइन सही कराने के बाद विद्युत सप्लाई चालू की गई। एसडीओ अतुल यादव ने बताया कि तेज हवा के कारण 11 हजार की विद्युत लाइन पर पेड़ों की टहनियां टूट कर गिर गई थी। विद्युत लाइन को ठीक कराया दिया गया।

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