- बसंत पंचमी को लेकर तैयार होने लगा है खैरनगर बाजार
- प्लास्टिक मांझे की भी दोबारा शुरु हुई बिक्री
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: बसंत पंचमी को अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में शहर में पतंगों का बाजार भी गुलजार होने लगा है। इस बार बसंत पंचमी के दिन आसमान में भी राजनीतिक दंगल देखने को मिलेगा। जी हां! बसंत को लेकर बाजारों में राजनीतिक पार्टियों के नेताओं की भी पतंगे आ गई हैं।
जिनकी डिमांड भी अब धीरे धीरे बढ़ने लगी है। ऐसे में दुकानदार भी इन पतंगों को तवज्जो दे रहे हैं। खैरनगर का पतंग बाजार बसंत पंचमी के नजदीक आते ही सजने लगा है। दुकानों पर तरह तरह की पतंगे और मांझा भी पहुंच गया है। पतंगबाजाी के लिए भी बच्चों से लेकर युवाओं ने तैयारियां तेज कर दी हैं, लेकिन इस बार रजनीतिक पाटियों के नेताओं के पेच भी लड़ते दिखाई देंगे।
जिसमें भाजपा, कांग्रेस और किसान नेताओं की पतंगे भी बाजारों में मिलने लगी हैं। किसान और सरकार के बीच चल रहे मुद्दे को भी पतंगों के रूप में देखा जा रहा है। जिसमें बाजारों में प्रधानमंत्री मोदी और किसान नेता राकेश टिकैत की पतंगे भी बाजारों में देखी जा रही हैं। ऐसे में बसंत पंचमी के दिन आसमान में भी अलग ही राजनीतिक दंगल देखने को मिलेगा।
प्लास्टिक मांझे पर नहीं लग सकी रोक
प्लास्टिक मांझे को बैन को लेकर कई बार प्रशासन और सरकार कदम उठाती रही है, लेकिन हर साल मांझा बाजारों में धड़ल्ले से बेचा जाता है और हर साल ही कई लोग इसका शिकार भी होते हैं। इंसानों से लेकर जानवर तक प्लास्टिक मांझे की चपेट में आकर घायल होते हैं।
वहीं, दोपहिया वाहन चालकों और पक्षियों के लिए यह मांझा जानलेवा साबित होता है। खैरनगर और गोला कुआं पर प्लास्टिक का मांझा इस बार भी बिकने लगा है। वहीं, बसंत के नजदीक आते ही सड़कों पर भी मांझा दिखाई दे रहा है। जिला प्रशासन द्वारा भी पहले कई बार इस पर बैन लगाया गया है, लेकिन सब विफल ही रहा।

