Wednesday, January 19, 2022
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रहिए सतर्क: कोरोना के बाद मौसमी बीमारियों का हमला

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  • प्रतिदिन बढ़ रहे चार से पांच गुना मरीज

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कोरोना के बाद जिले में अब डेंगू का डंक लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। जिलेभर में मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। पहले उमस भरी गर्मी और अब अचानक हुई बारिश के बाद डेंगू के मरीजों की संख्या लगभग चार से पांच गुना बढ़ गई है। डेंगू वार्ड के साथ अन्य वार्डों में भी मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। बारिश के बाद लोग और तेजी से बीमार पड़ रहे हैं।

शायद ही कोई घर ऐसा बचा हो जिसका एक भी सदस्य हाल ही में बीमार नहीं पड़ा हो। कहीं डेंगू बुखार का डंक फैला है तो कहीं वायरल बुखार का असर है। वहीं, कुछ लोग सर्दी, खांसी और सीजनल बुखार से भी पीड़ित है। पिछले कई दिनों से उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल थे, लेकिन अचानक से हुई तेज बरसात से मरीजों की संख्या और अधिक हो गई है। जिसके कारण जिलेभर के अस्पतालों में मरीजों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं।

बरसात के बाद लोग डेंगू बुखार के डंक के साथ ही अन्य बीमारियों से भी ग्रसित हो रहे हैं। वायरल बुखार ने लोगों को जकड़ लिया है। हालांकि तापमान गिरा है, लेकिन जगह-जगह पानी भरने से लार्वा बढ़ सकता है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। मेडिकल कालेज और जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों की संख्या बहुत अधिक है। यही हाल सामान्य वार्ड का भी है।

मरीजों की संख्या अधिक होने से डेंगू वार्ड के साथ-साथ अन्य वार्ड भी फुल हो गए हैं। वहीं, चिकित्सकों का कहना है कि कि जितने मरीज ठीक हो रहे हैं। कहीं उससे अधिक मरीज भर्ती हो रहे हैं। दिन के शुरुआती घंटों के दौरान मेडिकल और जिला अस्पताल के रजिस्ट्रेशन काउंटर एवं पर्चा काउंटर पर लंबी-लंबी कतारें लग रही है।

बुधवार को भी मेडिकल कॉलेज में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। मेडिकल कॉलेज की हालात काफी भयावह है। महिला काउंटर की भी यही स्थिति रही। महिलाओं को भी अपनी बारी का इंतजार करने के लिए घंटों लाइन में खड़े होकर इंतजार करना पड़ रहा है। कोई डेंगू बुखार से पीड़ित दिखा तो कोई वायरल बुखार की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचा। बारिश के बाद निकली धूप में मरीज बेहाल नजर आए।

हर घर में फैल रहा संक्रमण

मौसम में लगभग हर घर में कोई न कोई व्यक्ति वायरल बुखार से ग्रसित हो रहा है। इसकी शुरुआत पहले सर्दी खांसी से होती है। उसके बाद बदन दर्द, सिरदर्द जैसे लक्षण के साथ बुखार आता है। मेडिकल में दवा लेने आई रिंकी ने बताया कि सबसे पहले बेटे को सर्दी खांसी होने के बाद ठंड से बुखार आया। उसके ठीक होने के बाद बेटी बीमार हुई और फिर एक-एक करके परिवार के सभी सदस्य बीमार पड़ गए। परिवार के हर सदस्य को वायरल बुखार हुआ। अंत में वायरल बुखार ने उन्हें भी अपनी चपेट में ले लिया।

लगातार बढ़ रही बीमारी

चिकित्सकों की मानें तो हर साल मौसम बदलने के साथ मौसमी बीमारियां फैलती हैं। लगातार दवाओं के चलने से बीमारियों के वायरस, बैक्टीरिया, फंगस जैसे कारक अपने आप मेें बदलाव लाते हैं और दवाओं के प्रति प्रतिरोध बना लेते हैं। ऐसे में दवाएं धीरे-धीरे असर करती या एकदम बेअसर हो जाती हैं। इसके कारण मरीज को ठीक होने में करीब 10 से 15 दिन का समय लगता है। बीमारी अपना चक्र पूरा करके ही समाप्त होती है। डा. ब्रजभूषण ने बताया कि वायरल बुखार से ग्रसित मरीजों को बुखार की दवाओं के साथ एंटी बॉयोटिक लेनी की सलाह दी जा रही है।

डेंगू का प्रकोप, पर्चा काउंटर पर लापरवाही

मेडिकल कॉलेज में बड़ी संख्या में मरीज पर्चा बनवाने पहुंच रहे हैं। वहीं, मरीजों की संख्या ज्यादा होने के कारण दो गज की दूरी का मजाक बनाया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज में पर्चा काउंटर पर लोगों की भीड़ लगी हुई है। लोगों को घंटों लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, कोरोना अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। जबकि मेडिकल में पर्चा काउंटर पर शारीरिक दूरी को नजरअंदाज किया जा रहा है।

मेडिकल में मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। शारीरिक दूरी का पालन न करने से डेंगू बुखार के हालात और ज्यादा बिगड़ने की संभावना है। इससे डेंगू बुखार का संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैल सकता है। पर्चा काउंटर पर लापरवाही लोगों के लिए बहुत हानिकारक साबित हो सकती है।

डेंगू के प्रकोप से बचाएगी मच्छरदानी

डेंगू के बुखार से जिले के लोग तप रहे हैं। डेंगू बुखार की रफ्तार दिनप्रतिदिन बढ़ती जा रही है। जिसके कारण जिले के विभिन्न अस्पतालों में मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। डेंगू के डंक से बचाव के लिए मेडिकल के डेंगू वार्ड में मच्छरदानी की व्यवस्था की गई है। डेंगू वार्ड में हर एक मरीज के बेड पर मच्छरदानी लगाई गई है। जिससे डेंगू संक्रमण से बच सकें। इसके साथ ही वार्ड में साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

डेंगू के 29 नए मरीज मिले

डेंगू बुखार के मरीजों की संख्या बुधवार को 698 तक पहुंच गई। डेंगू के 29 नए मरीज मिले और वहीं घर पर इलाज पाने वाले मरीजों की संख्या 160 रही। शहर में डेंगू के सक्रिय मरीज 251 रहे।

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