- पीड़िता ने पुलिस पर लगाया कार्रवाई न करने का आरोप
- कहा-पति की प्रताड़ना से परेशान होकर कई बार की शिकायत
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: पति की प्रताड़ना से परेशान से महिला की थाना पुलिस ने जब कोई कार्रवाई नहीं की तो पीड़िता ने बुधवार को कमिश्नरी आफिस गेट के सामने पेट्रोल उड़ेलकर खुद को आग लगाकर आत्मदाह का प्रयास किया। इससे पहले महिला खुद को आग लगाती इससे पहले वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उससे माचिस और पेट्रोल से भरी बोतल को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद पुलिस पीड़िता को सिविल लाइन थाने ले गई। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर पीड़िता को थाने से छोड़ दिया।

मेडिकल थाना क्षेत्र के गांव सरायकाजी की रहने वाली नीतू ने बताया कि वर्ष 2014 में उसने जगदीश से कोर्ट मैरिज किया था। जगदीश उस वक्त उसे बिना शादी शुदा बताया था। कुछ दिनों बाद उसे पता चला कि जगदीश पहले से ही शादीशुदा और उसके बच्चे भी है तो उसने विरोध करना शुरू कर दिया। आरोप था कि इसके बाद जगदीश ने उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया और घर खर्च भी देने से मना कर दिया।
आरोप था कि पति जगदीश ने उसे कई बार जान से मारने का प्रयास किया, जिसके चलते एक बार उसका हाथ भी टूट चुका है। पति की प्रताड़ना की जब हद हो गई तो उन्होंने मेडिकल थाने में शिकायत दी, लेकिन एक सप्ताह तक थाने के चक्कर लगाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने महिला थाने और एसएसपी आॅफिस में भी शिकायत की। इसके बाद भी पति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
जिस कारण उसका उत्पीड़न बढ़ता चला गया। पति की प्रताड़ना और पुलिस की अनदेखी के चलते बुधवार को पीड़िता पेट्रोल की बोतल लेकर कमिश्नरी चौराहे पर पहुंची और खुद के ऊपर पेट्रोल उड़ेलकर आग लगाने का प्रयास किया। हालांकि वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने पीड़िता को आग लगाने से रोका और उसकी पीड़ा सुनने के बाद उसे सिविल लाइन थाने भेजा। जहां पर इंस्पेक्टर ने पीड़िता को कार्रवाई का आश्वासन देकर थाने से छोड़ दिया।

