- रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी किसान आंदोलन के बीच सिंधु बॉर्डर पर पहुंचे
- किसानों की सेवा में दिनभर लगे जयंत, बागपत से भी रालोद नेता व किसान आंदोलन में पहुंचे
मुख्य संवाददाता |
बागपत: दिल्ली के सिंधु बॉर्डर पर आंदोलित किसानों के बीच रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी पहुंचे और किसानों की दिनभर सेवा की। इनके अलावा बागपत जनपद से भी रालोद नेता और किसान यहां से किसानों के आंदोलन में पहुंचे और समर्थन दिया। जयंत चौधरी ने कहा कि किसानों की सेवा ही मेरे लिए सबसे बड़ा पुण्य है। किसान मेरा परिवार है। मेरे परिवार पर अगर कोई परेशानी आएगी तो वह हर समय उनके साथ खड़े रहेंगे।
पंजाब व हरियाणा से आए किसानों को सिंधु बॉर्डर पर रोक रखा है। कई दिनों से आंदोलित किसान सरकार की सभी बंदिशों को तोड़ते हुए दिल्ली की ओर कूच कर गए थे। जिसके बाद किसानों ने सिंधु बॉर्डर पर डेरा डाल रखा है। किसानों व सरकार के बीच वार्ता भी बेनतीजा रही। किसानों की पीड़ा सरकार भले ही न सुने, लेकिन राजनीति दल अब किसानों के बीच पहुंचने शुरू हो गए हैं। रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी बुधवार को सिंधु बॉर्डर पर पहुंचे।
यहां उन्होंने किसानों की दिनभर सेवा की। किसानों को खाना तक खिलाया और उनसे बातचीत की। किसानों के बीच जयंत ने बातचीत की और सरकार पर निशाना साधा। जयंत ने कहा कि किसान की सेवा ही उनके लिए सबसे बड़ा पुण्य है। किसान उनका परिवार है। अगर उनके परिवार को परेशानी होगी तो उन्हें भी होगी।
किसान के साथ वह खड़े हैं। हर कदम पर किसान का साथ देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आवाज को सुनना नहीं चाहती है। वह लाठी का दम किसान को दिखा रही है, लेकिन सरकार यह नहीं जानती है कि जब किसान अपनी ताकत का एहसास कराएगा तो सत्ता से दूर करने में देरी नहीं लगेगी।

किसानों का हक छीनने के कार्य सरकार कर रही है। नए कृषि कानून को लागू कर दिया, लेकिन आज किसानों को एमएसपी के बारे में गारंटी देने में हिचक रही है। सरकार जितना दम यहां किसानों को रोकने में लगा रही है अगर उतना ही सीमा पर लगाती तो शायद आतंकवाद पूरी तरह से खत्म हो जाता। परंतु सरकार को किसान सबसे बड़ा दुश्मन नजर आ रहा है। किसान की पीड़ा सरकार देखना नहीं चाहती है।
किसान कड़ाके की ठंड में किस तरह से सड़क पर है, यह सरकार देखना नहीं चाहती है। जयंत चौधरी ने कहा कि जब-जब किसान सड़कों पर उतरा है सरकारें हिलती नजर आई हैं। वह दिन दूर नहीं है जब किसान हर लाठी का बदला लेगा। किसानों की बात आज सुनी नहीं जा रही है। किसान की बात अगर सरकार सुनती तो शायद किसान विरोधी कानून को लागू नहीं किया जाता।
सरकार पूंजीपतियों के हवाले कृषि क्षेत्र करने में विश्वास रख रही है। हर चीज पूंजीपतियों को बेची जा रही है। देश को अन्न देने वाले अन्नदाता को अगर परेशान किया जाएगा तो वह भी चुप नहीं बैठेगा। उधर, बागपत जनपद से भी भारी संख्या में रालोद नेता व किसान दिल्ली पहुंचे और किसानों को समर्थन दिया।
दिल्ली पहुंचने वालों में ब्लॉक प्रमुख सुभाष गुर्जर, जिलाध्यक्ष सुखबीर गठीना, मंडल महासचिव ओमबीर ढाका, एडवोकेट जयवीर सिंह तोमर, धीरज उज्जवल, सतेंद्र प्रमुख, विकास प्रधान, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सतीश चौधरी, बसंत तोमर, रामकुमार चेयरमैन आदि मौजूद रहे।
पीछे नहीं हटेगा किसान: सुभाष गुर्जर
बागपत ब्लॉक प्रमुख एवं रालोद नेता सुभाष गुर्जर ने कहा कि किसान इस बार अपने हक के लिए सड़कों पर उतरा है। देश की पहली सरकार है जो किसानों की आवाज को दबाना चाहती है। किसानों की आवाज को सुनना नहीं चाहती है। कटीले तारों से किसान को रोकना चाहती है।
देश का पेट भरने के लिए किसान न दिन देखता है, न रात देखता है, न बरसात देखता है, न तेज धूप देखता है। बस उसे तो फसल तैयार कर देश के अन्नदाता होने का फर्ज निभाना है। जो किसान तमाम मुश्किलों को पार करते हुए फसल के लिए दिन रात लगा रहता है उसके सामने सरकार की हर बंदिश छोटी है। सरकार के कटीले तार किसानों के कदम नहीं रोक पाएंगे। इस बार किसान के कदम पीछे नहीं हटेंगे और आरपार की लड़ाई होगी।

