Saturday, December 4, 2021
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HomeUttar Pradesh NewsBaghpatसपाइयों ने कई गांवों में निकाली किसान पद यात्रा

सपाइयों ने कई गांवों में निकाली किसान पद यात्रा

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  • समाजवादी पार्टी की किसान यात्रा को कई दिनों से रोक रहा था पुलिस-प्रशासन
  • सिंघावली अहीर, लुहारा, पूठड़, बालैनी में सपाइयों ने निकाली पद यात्रा

मुख्य संवाददाता |

बागपत: किसानों के समर्थन में समाजवादी पार्टी की ओर से निकाली जा रही किसान पद यात्रा शनिवार को कई गांवों में निकाली गई। हालांकि पुलिस ने यहां भी यात्रा रोकने का काम किया। सिंघावली अहीर से शुरू हुई यात्रा लुहारा, पूठड़ व बालैनी में निकाली जा चुकी थी।

पुलिस ने पहुंचकर सपाइयों को रोक दिया। इसके अलावा समाजवादी पार्टी नेताओं ने 14 दिसंबर को जिला मुख्यालय पर होने वाले धरने प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए गांवों में जनसंपर्क किया और भारी संख्या में कलक्ट्रेट पहुंचने की अपील की।

समाजवादी पार्टी की ओर से किसानों के आंदोलन को पूर्ण समर्थन दे रखा है और किसान पद यात्रा निकाली जा रही है। पिछले कई दिनों से समाजवादियों को पुलिस-प्रशासन पद यात्रा नहीं निकालने जा रहा था। समाजवादियों को उनके घर पर ही नजरबंद किया जा रहा था।

 

बागपत में जिलाध्यक्ष बिल्लू प्रधान, बड़ौत में हाजी तराबुद्दीन के आवास पर सपाइयों को नजरबंद किया था। इसके अलावा सपाइयों के पीछे पुलिस-प्रशासन का सख्त पहरा था, लेकिन समाजवादियों ने शनिवार को पुलिस-प्रशासन के पहरे को चकमा देकर सिंघावली अहीर, बालैनी, पूठड़, लुहारा गांवों में किसान पद यात्रा निकाली।

पद यात्रा सिंघावली अहीर से शुरू हुई और पूठड, बालैनी, लुहारा गांवों में पहुंची। लुहारा गांव में पहुंचते ही सिंघावली अहीर थानाध्यक्ष शिव प्रकाश मय फोर्स पहुंचे और सपाइयों की पद यात्रा रोक दी। सपाइयों ने यहां सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।

जिलाध्यक्ष बिल्लू प्रधान ने कहा कि जिस तरह से सरकार के इशारे पर विपक्ष को रोका जा रहा है यह लोकतंत्र में कहीं भी वाजिब नहीं है। सभी को अपने हक की आवाज उठाने का अधिकार है, लेकिन समाजवादियों से सरकार घबराती नजर आ रही है। समाजवादी भी किसानों के समर्थन में सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेंगे।

पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी ने कहा कि भाजपा सरकार ने तीन नए कृषि कानून लागू कर किसानों को पूंजीपतियों के हवाले करने का कानून बनाया है। भाजपा पूंजीपतियों से दोस्ती निभा रही है और किसानों को सड़कों पर रहने को मजबूर कर दिया है। अर्जुन अवार्डी पहलवान शौकेंद्र तोमर ने कहा कि इस बार किसान भी आरपार की लड़ाई के मूड में है।

किसान अपना हक लेकर रहेंगे और समाजवादी भी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेगी। महिला सभा की जिलाध्यक्ष डॉ. सीमा यादव ने कहा कि सरकार की तानाशाही किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं होगी। जिस तरह से पुलिस-प्रशासन के माध्यम से उनकी यात्रा को रोका जा रहा है यह अलोकतांत्रिक है। उन्होंने कहा कि 14 दिसंबर को किसानों के साथ फिर सरकार को करारा जवाब दिया जाएगा।

प्रबुद्ध प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष नगेंद्र सिंह ने 14 दिसंबर को लोगों से भारी संख्या में कलक्ट्रेट पहुंचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि 14 दिसंबर को किसानों के समर्थन में होने वाले धरने प्रदर्शन में समाजवादी भी बढ़ चढ़कर भाग लेंगे और आंदोलन को सफल बनाएंगे।

पूर्व राष्ट्रीय सचिव एडवोकेट नितिन यादव ने कहा कि कड़ाके की ठंड में किसान सड़कों पर रहने को मजबूर है। सरकार को किसान की पीड़ा अगर समझ आ जाती तो शायद इस तरह के काले कानून को लागू न किया जाता। इस दौरान राहुल यादव, टीटू प्रधान, राजेंद्र यादव, राजकुमार, सुशील नैन, राधे गुर्जर, ब्रहमपाल प्रधान, कर्मवीर प्रधान, सुनील यादव आदि मौजूद रहे।

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