जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत लगातार दूसरे सत्र में तेजी के साथ हुई। रियल्टी, मेटल और फार्मा शेयरों में खरीदारी से सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती कारोबार में हरे निशान में रहे। हालांकि, बाद में बाजार की शुरुआती बढ़त कमजोर पड़ गई और दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए।
कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 163.35 अंक यानी 0.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,701.07 के स्तर पर खुला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 187.95 अंक यानी 0.24 प्रतिशत चढ़कर 77,725.67 के दिन के उच्चतम स्तर तक पहुंचा, जबकि इसका निचला स्तर 77,445.86 रहा।
इसी तरह निफ्टी 50 ने 52.20 अंक यानी 0.22 प्रतिशत की मजबूती के साथ 24,284.05 के स्तर पर कारोबार शुरू किया। कारोबार के दौरान निफ्टी का उच्चतम स्तर 24,284.05 और निचला स्तर 24,206.80 रहा।
रियल्टी, मेटल और फार्मा में खरीदारी
व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप में 0.20 प्रतिशत की गिरावट रही, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 0.73 प्रतिशत मजबूत हुआ। सेक्टरों की बात करें तो निफ्टी रियल्टी सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सूचकांक रहा और इसमें 0.70 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। निफ्टी मेटल 0.48 प्रतिशत और निफ्टी फार्मा 0.32 प्रतिशत मजबूत रहा। इसके अलावा निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर में 0.32 प्रतिशत और निफ्टी रीट्स एवं रियल्टी में 0.28 प्रतिशत की बढ़त रही।
वहीं, निफ्टी आईटी 0.60 प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे कमजोर सेक्टर रहा। मिडस्मॉल आईटी एवं टेलीकॉम में 0.17 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो में 0.19 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई।
कच्चे तेल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ने बढ़ाई चिंता
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी भारतीय शेयर बाजार पर दबाव डाल रही है। ब्रेंट क्रूड करीब 94 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है। महंगे कच्चे तेल से भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ने की आशंका बाजार के लिए चिंता का कारण बनी हुई है।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के ईरान पर और कड़े प्रतिबंध लगाए जाने के संकेत के बाद तेल की कीमतों में तेजी देखी गई। बाजार में आशंका है कि प्रतिबंधों से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
तकनीकी संकेत दे रहे तेजी की संभावना
विशेषज्ञों के अनुसार लगातार सात कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद निफ्टी में डोजी पैटर्न बना है। इसे बिकवाली के दबाव में कमी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि यदि निफ्टी 24,060-24,000 के सपोर्ट जोन के ऊपर टिकता है, तो इसमें 24,317-24,380 और उसके बाद 24,400-24,545 के स्तर तक तेजी की संभावना बन सकती है।
घरेलू निवेशकों से बाजार को सहारा
विश्लेषकों का मानना है कि ऊंचे कच्चे तेल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के कारण निकट अवधि में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी और भारतीय अर्थव्यवस्था से जुड़े सकारात्मक संकेत बाजार को मजबूती दे रहे हैं।
गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, फार्मा तथा कॉन्ट्रैक्ट रिसर्च एवं मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज से जुड़ी कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है। विशेषज्ञों के मुताबिक ऊंचे वैल्यूएशन के बावजूद इन क्षेत्रों में खरीदारी जारी रहना बाजार की व्यापक मजबूती का संकेत है।

