- एक और वीडियो वायरल
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: हस्तिनापुर में भाजपा विधायक दिनेश खटीक के विरोध की दूसरी वीडियो वायरल हुई हैं। राज्यमंत्री का पद देकर दिनेश खटीक को हस्तिनापुर की भाजपा ने जिम्मेदारी दी थी, लेकिन वर्तमान में जिस तरह से उनका विरोध हो रहा है, उसको देखकर लगता है कि उनका चुनाव लगातार बिगड़ता जा रहा हैं। हालांकि जगह-जगह चल रहे विरोध को भाजपा प्रत्याशी हलके में ले रहे हैं, जो चुनाव में भारी नुकसान कर सकता हैं।
पहले वीडियो वायरल में तो दिनेश खटीक की धक्का-मुक्की तक हो गई थी, लेकिन दूसरी वीडियो जो वायरल हुई है, उसमें भाजपा विधायक दिनेश खटीक के खिलाफ लतीफपुर में नारेबाजी की गई। भाजपा के खिलाफ लोगों का आक्रोश जबरदस्त बढ़ गया हैं। इस आक्रोश को भाजपा रोक नहीं पा रही हैं। एक के बाद एक गांवों में विरोध होने की घटनाएं घट रही है। भाजपा का विरोध जाट बाहुल्य गांवों में ही हो रहा था, लेकिन अब अन्य जातियों के गांवों में भी भाजपा को विरोध का सामना करना पड़ रहा हैं।
देखते ही देखते विरोध की खबरें आने लगी हैं। गुर्जरों में पहले ही दिनेश खटीक के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा हैं। क्योंकि पिछले दिनों एक अधिवक्ता ने आत्महत्या कर ली थी तथा अधिवक्ता ने अपनी मौत का जिम्मेदार दिनेश खटीक को बताया था। मरने वाला अधिवक्ता गुर्जर बिरादरी से था तथा हस्तिनापुर के एक गांव का रहने वाला था। इसी वजह से गुर्जरों में दिनेश खटीक को विरोध का सामना करना पड़ रहा हैं। दिनेश खटीक की जो पहली वीडियो वायरल हुई थी, उसमें तो धक्का-मुक्की तक कर दी गई थी।
इंटरनेट मीडिया पर यह वीडियो खूब वायरल हो रही हैं। कुछ तो ग्रामीण क्षेत्रों में भाजपा विकास कार्य नहीं करा पाई हैं, जिसके चलते इस तरह से खुलकर लोग विरोध कर रहे हैं। फिर दूसरे किसान आंदोलन से जो माहौल पश्चिमी यूपी में तैयार हुआ है, उसके चलते भी भाजपा को भारी नुकसान हो रहा हैं। जगह-जगह से विरोध की खबर आ रही है।
डा. सोमेन्द्र का गुर्जर बहुल गांवों में विरोध
ये क्या हो रहा है? जाट बहुल गांवों में ही नहीं, बल्कि भाजपा के जो गढ़ रहे हैं, उनमें भी भाजपा प्रत्याशियों का भारी विरोध हो रहा है। मेरठ दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में भी भाजपा प्रत्याशी डा. सोमेन्द्र तोमर का भारी विरोध शुरू हो गया हैं। डूगरावली समेत कई गांवों में ग्रामीणों ने डा. सोमेन्द्र तोमर का विरोध कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि डा. सोमेन्द्र तोमर झूठे वादे करते हैं।
पांच वर्ष झूठे वादों में ही बीता दिये। हिंदू-मुस्लिम पूरे पांच वर्ष करते रहे तथा विकास कराने नहीं पहुंचे। रात में डूंगरावली समेत कई गांवों में उनका भारी विरोध हुआ, जिसके बाद भाजपा प्रत्याशी डा. सोमेन्द्र तोमर ने डेमेज कंट्रोल करने के लिए पत्नी को चुनाव मैदान में उतार दिया हैं। उनकी पत्नी गांव-गांव घूम रही हैं, ताकि किसी तरह से मतदाताओं की मान मनोव्वल की जा सके, लेकिन जो विरोध के स्वर उठे हैं, उसका भाजपा को भारी नुकसान हो सकता है।
शायद डा. सोमेन्द्र तोमर ने भी नहीं सोचा था कि इस तरह से उनका क्षेत्र के गांवों में पहुंचने पर विरोध का सामना करना पड़ेगा। जाट बहुल गांवों में इस तरह का विरोध हो तो समझ में आता हैं, लेकिन गुर्जर बहुल गांवों में ही विरोध का सामना करना पड़ रहा हैं। यूथ भाजपा से नाराज दिख रहा है, जिसका नतीजा है कि रात्रि में कई गांवों के लोगों ने डा. सोमेन्द्र तोमर की गाड़ियों के काफिले को गांवों में नहीं घुसने दिया।
इसकी दो अलग-अलग गांव की वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रही हैं। मतदाताओं की नाराजगी दूर करने के लिए भाजपा के लोग जुट गए हैं, लेकिन नाराजगी एक गांव में होती तो देखी जाती है, यह हालात तो कई गांवों में देखने को मिल रहे हैं। डूंगरावली गांव की गलियों पानी भरा हुआ हैं। इसे लोगों ने भाजपा विधायक को दिखाया तथा नसीहत दी कि पांच वर्ष में गलियों तक को नहीं बनवाया जा सका। पूरे पांच वर्ष विकास की बजाय हिंदू-मुस्लिम में ही गुजार दिये। इसको लेकर ग्रामीणों ने काफी नाराजगी व्यक्त की। विरोध के चलते डा. सोमेन्द्र तोमर और उनकी गाड़ियों का काफिला वापस लौट गया।

