- कोर्ट के आदेश से थाने में रिपोर्ट दर्ज, जांच अधिकारी भी नहीं कर पाया किसान को जिंदा
जनवाणी संवाददाता |
बड़ौत: क्षेत्र के बिजरौल गांव के एक किसान को मलकपुर गन्ना समिति के गन्ना पर्यवेक्षक ने एक कलम से मृत दर्शा दिया। तब गन्ना किसान खुद को जीवित करने के लिए कोर्ट तक पहुंच गया। कोर्ट ने किसान को जिंदा न करने वाले सचिव व गन्ना पर्यवेक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश बड़ौत थाने को दिया। अब गन्ना किसान के साथ जांच अधिकारी भी ढ़ंग से बात नहीं कर रहा है। जांच अधिकारी के सामने साक्षात प्रकट होकर गन्ना किसान ने खुद का परिचय कई बार दे लिया। लेकिन अब जांच अधिकारी उसे जीवित नहीं कर रहा है।
बिजरौल गांव निवासी किसान धर्मवीर पुत्र गजे सिंह ने बड़ौत थाने में कोर्ट के माध्यम से दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि वह मलकपुर चीनी मिल में गन्ना आपूर्ति करता है। मलकपुर गन्ना समिति का वह सदस्य है। किसी कारणवश गन्ना पर्यवेक्षक मुकेश कुमार ने उसे मृत दर्शा दिया।
उसका मिल से बेसिक कोटा बंद करा दिया। वह कई बार गन्ना पर्यवेक्षक व मलकपुर गन्ना समिति के सचिव सुधीर कुमार कोई बार उनके सामने खड़ा होकर साक्षात अपने प्रमाणपत्र समेत खुद को जीवित बताया। उसकी बात उन्होंने नहीं सुनी। इससे उसका काफी नुकसान हो रहा है।
उसका बांड बंद होने से उसे गन्ना औने-पोने दामों में कोल्हुओं पर डालना पड़ रहा है। कोर्ट में उसने इस संबंध में प्रार्थनापत्र दिया था। कोर्ट ने बड़ौत थाने को जांच कर रिपार्ट दर्ज करने के आदेश दे रखे हैं। अब इसकी जांच महकार हसन कर रहे हैं। 27 जुलाई को दर्ज हुई रिपोर्ट को करीब चार माह हो गए हैं।
जांच अधिकारी भी किसान धर्मवीर को जीवित करने का प्रयास भी नहीं कर रहे हैं। चार माह से किसान जांच अधिकारी के सामने खड़े होकर खुद को धर्मवीर बता चुका है। अब किसान ने बताया कि यदि गन्ना पर्यवेक्षक व सचिव के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई और उसे जीवित नहीं दर्शाया गया तो उसके सामने और विकल्प मौजूद हैं।

