Friday, May 1, 2026
- Advertisement -

CJI पद पर आज सूर्यकांत का शपथ ग्रहण, गवई बोले- सरकारी पद स्वीकार नहीं करूंगा

जनवाणी ब्यूरो।

नई दिल्ली: जस्टिस सूर्यकांत सोमवार को देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) पद की शपथ लेंगे। वह जस्टिस बी.आर. गवई के उत्तराधिकारी होंगे। जस्टिस सूर्यकांत सुप्रीम कोर्ट की कई महत्वपूर्ण बेंचों का हिस्सा रहे हैं जैसे अनुच्छेद 370 हटाने, बिहार मतदाता सूची समीक्षा, और पेगासस स्पाइवेयर जांच से जुड़े मामले। उनका कार्यकाल लगभग 15 माह का होगा और वह 9 फरवरी 2027 को सेवानिवृत्त होंगे।

अपने सरकारी आवास पर मीडिया से अनौपचारिक बातचीत के दौरान निवर्तमान CJI ने कॉलेजियम प्रणाली का बचाव करते हुए कहा कि यह न्यायपालिका की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने माना कि कोई भी व्यवस्था पूर्ण नहीं होती और कॉलेजियम की आलोचना इस आधार पर होती है कि न्यायाधीश स्वयं अपनी नियुक्ति करते हैं, लेकिन इसी प्रक्रिया से न्यायपालिका की स्वतंत्रता सुनिश्चित होती है। उन्होंने बताया कि कॉलेजियम निर्णय लेते समय खुफिया ब्यूरो की रिपोर्ट और कार्यपालिका की राय पर भी विचार करता है, पर अंतिम निर्णय कॉलेजियम का होता है।

जूता फेंकने को लेकर जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने ऐसा करने वाले वकील को माफ क्यों किया, तो निवर्तमान सीजेआई ने कहा, मुझे लगता है कि यह फैसला मैंने अपने आप लिया था, शायद बचपन में बनी सोच की वजह से। मुझे लगा कि सही यही होगा कि मैं मामले को नजरअंदाज कर दूं।

आखिरी फैसला कार्यपालिका और संसद को लेना है।

उन्होंने अनुसूचित जाति (एससी) के लिए भी आरक्षण में भी क्रीमी लेयर की व्यवस्था लागू करने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इससे आरक्षण का फायदा उन लोगों तक पहुंचने में मदद मिलेगी, जिनको इसकी बहुत जरूरत है। इसके बिना आरक्षण का फायदा पीढ़ियों तक कुछ ही परिवारों को मिलता रहेगा। जिससे एक वर्ग के अंदर एक और वर्ग बन जाएगा। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि इस मुद्दे पर आखिरी फैसला कार्यपालिका और संसद को लेना है।

सीजेआई बीआर गवई ने कहा

सीजेआई बीआर गवई ने कहा कि सोशल मीडिया आजकल समस्या हो गई है। हम जो नहीं बोलते हैं, वह भी लिखा और दिखाया जाता है। लेकिन यह केवल न्यायपालिका के लिए समस्या नहीं, इससे सरकार के बाकी अंग भी प्रभावित हैं।

राज्यपाल अनिश्चितकाल के लिए विधेयकों को नहीं रोक सकते
राष्ट्रपति संदर्भ पर हाल ही में दिए गए फैसले पर उन्होंने कहा न्यायालय संविधान में शब्द नहीं जोड़ सकता, इसलिए राष्ट्रपति या राज्यपालों के लिए समय सीमा तय नहीं कर सकता। फैसले को संतुलित बताते हुए उन्होंने कहा कि इसमें इस बात पर जोर दिया गया है कि राज्यपाल विधेयकों को अनिश्चितकाल तक रोककर नहीं रख सकते। राज्य अत्यधिक देरी की स्थिति में उपाय अपना सकते हैं।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

बच्चों में जिम्मेदारी और उनकी दिनचर्या

डॉ विजय गर्ग विकर्षणों और अवसरों से भरी तेजी से...

झूठ का दोहराव सच का आगाज

जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर सारा बारबर द्वारा किए...

लोकतंत्र का आईना या मीडिया का मुखौटा

जब आंकड़ों की चकाचौंध सच का मुखौटा पहनने लगे,...

वेतन के लिए ही नहीं लड़ता मजदूर

मजदूर दिवस पर श्रमिक आंदोलनों की चर्चा अक्सर फैक्टरी...
spot_imgspot_img