- सक्रिय क्षय रोगी खोजी अभियान का दूसरा चरण शुरू
- अभियान में जुटीं स्वास्थ्य विभाग की 211 टीम
जनवाणी संवाददाता |
मुजफ्फरनगर: राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार से सक्रिय क्षय रोगी खोजी अभियान (एसीएफ) का दूसरा चरण शुरू हो गया। अभियान पांच मार्च तक चलेगा, इसमें स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर टीबी के मरीजों की पहचान करेंगी और जांच में टीबी की पुष्टि होने पर उनका उपचार किया जाएगा।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. लोकेश चंद गुप्ता ने बताया कि अभियान के दौरान शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की 20 प्रतिशत आबादी को कवर किया जाएगा। जिसमें 211 टीम और 32 सुपरवाइजरों को लगाया है। यह टीम 6.20 लाख आबादी में टीबी के सक्रिय मरीजों को घर-घर जाकर खोजेंगी। उन्होंने आम जनमानस से अपील की है कि जब टीम घरों में आये तो उनका सहयोग करते हुए सही जानकारी उपलब्ध कराएं, जिससे कि संबंधित रोगी की जल्द से जल्द टीबी की जांच कराने के पश्चात उसका उपचार शुरू कर दिया जाए।
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के जिला समन्वयक सहबान उल हक ने बताया- क्षय रोग विभाग की टीम भ्रमण के दौरान टीबी के बारे में जागरूक भी कर रही हैं। बताया जा रहा है कि टीबी से मिलते – जुलते लक्षण नजर आने पर अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर जांच अवश्य कराएं। टीबी पूरी तरह साध्य रोग है लेकिन इसे छिपाने से रोग गंभीर रूप धारण कर लेता है और साथ ही फेफड़ों की टीबी होने पर इस बीच आसपास रहने वाले अन्य लोगों को भी टीबी का संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि फेफड़ों की टीबी संक्रामक होती है। टीबी उन्मूलन तभी संभव है जब लक्षण नजर आते ही उसकी जांच और पुष्टि होने पर उपचार शुरू कर दिया जाए।
जिला पीपीएम कोऑर्डिनेटर प्रवीन कुमार ने बताया – यदि लगातार दो हफ्तों से ज्यादा खांसी, खांसी के साथ खून का आना, छाती में दर्द और सांस का फूलना, वजन का कम होना और ज्यादा थकान महसूस करना, शाम को बुखार आना और ठंड लगना जैसे लक्षण हैं तो टीम को जानकारी दें और अपनी जांच अवश्य करवाएं।

