- घंटों चला हंगामा, खाली हाथ ही बैरंग लौटी टीम
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नगर निगम का प्रवर्तन दल अब अपने ही कर्मचारियों के खिलाफ अभियान चलाने के लिए पहुंच तो गया, लेकिन दबंग कर्मचारी ने नगर निगम में ही कार्यरत बेटे के साथ जमकर हंगामा किया तो प्रवर्तन दल को बैकफुट पर आना पड़ा। इसके बाद प्रवर्तन दल बिना कोई कार्रवाई किये बैरंग लौट आया। बताया जाता है कि पिछले 13 साल से कमिश्नरी चौराहे के पास बने सरकारी आवास में रह रहे श्रीराम के मकान को खाली कराने नगर निगम का प्रवर्तन दल गुरुवार को पहुंचा। इस दौरान उनकी परिजनों से उनकी काफी नोकझोंक हुई।
इसके बाद मकान में रह रहे लोगों ने मकान खाली करने से साफ इनकार कर दिया। काफी बहस के बाद प्रवर्तन दल को वापिस लौटना पड़ा। बताया जाता है कि नगर निगम के उद्यान विभाग में श्रीराम कुमार नियमित कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं। जबकि उनका पुत्र राहुल कुमार भी नगर निगम में आउटसोर्सिंग के रूप में स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत है। साथ ही वह आकस्मिक तौर पर नगर आयुक्त तथा अपर नगर आयुक्त की गाड़ी को भी चलाता है। श्रीराम पिछले 25 साल से नगर निगम के उद्यान विभाग में माली का कार्य कर रहे हैं। वह पिछले 13 साल से कमिश्नरी चौराहे के पास एक सरकारी आवास में रहते हैं।
प्रवर्तन दल की टीम संपत्ति अधिकारी के साथ गुरुवार को श्रीराम के घर पहुंची और मकान खाली करने को कहा। जिस पर मकान मालिक श्रीराम कुमार और प्रवर्तन दल की नोक झोंक हो गई। श्रीराम ने विरोध करते हुए कहा कि जब वह नगर निगम में कार्यरत है और उसको बाकायदा नगर निगम ने आवास आवंटित किया है। तो फिर किस आधार पर उसको निकालने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। श्रीराम ने प्रवर्तन दल से नोटिस मांगा तो प्रवर्तन दल बगलें झांकने लगा। संपत्ति अधिकारी के पास भी लिखित में कोई आदेश नहीं था।
काफी देर तक हंगामा और नोकझोंक चलती रही। आखिरकार नगर निगम की टीम आवास को बिना खाली कराए वापिस लौट आई। श्रीराम के पुत्र राहुल कुमार ने कहा कि वह खुद भी नगर निगम में ड्राइवर है और आउटसोर्सिंग पर अपर नगर आयुक्त और सहायक नगर आयुक्त की गाड़ी चला रहा है, लेकिन नगर निगम के कुछ लोग उसको और उसके परिवार को परेशान कर घर से निकलना चाहते है। जिसकी शिकायत वह नगर आयुक्त डा. अमित पाल शर्मा से करेगा

