- गांव के ही तीन युवक घर से बहला-फुसला कर ले गए, मांगे थे दो लाख रुपये
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: दौराला के मछरी निवासी इलम सिंह दो माह से जवान बेटे भूपेन्द्र की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। थाने से लेकर तमाम पुलिस अफसरों की ड्योढी चूम चुके हैं, लेकिन अभी तक भूपेन्द्र की खैरखबर नहीं मिल रही है। उन्होंने बताया कि बीती 30 जुलाई को गांव के ही तीन युवक उनके घर पर पहुंचे और भूपेन्द्र को अपने साथ ले गए। उन्होंने बताया कि भूपेन्द्र अविवाहित है। परिवार का वो सहारा था। इलम सिंह का कहन है कि उन्हें शक है कि गांव के जो लोग भूपेन्द्र को घर से ले गए थे।
उन्होंने हरिद्वार में ले जाकर कहीं उसको छिपा दिया है। इलम सिंह का आरोप है कि उक्त युवकों से जब उन्होंने बेटे के बारे में पूछा तो उन्होंने कह दिया कि वो उसको नहीं ले गए। फिर इन युवकों ने उनसे दो लाख मांगे और कहा कि यदि यह रकम दे दोगे तो तुम्हारे बेटे को तुम्हे सौंप दिया जाएगा। बूढ़े पिता अपने बेटे की सकुशल वापसी के लिए तमाम अफसरों के यहां फरियाद कर चुके हैं। दौराला पुलिस भी मदद नहीं कर रही है। वो बस इतना चाहते हैं कि भूपेन्द्र घर पर सुरक्षित वापस जा जाए।
मासूम का पुलिस नहीं लगा सकी सुराग
मेरठ: टीपीनगर क्षेत्र से बीते गुरुवार को गायब हुए नौ साल के बच्चे का पुलिस सुराग नहीं लगा सकी है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जाता है कि घर से खेलने निकला नौ साल का बालक गुरुवार शाम रहस्यमय तरीके से लापता हो गया। 10 घंटे तलाशने के बाद भी जब बालक का पता नहीं चला तो परिजनों ने थाना टीपीनगर पुलिस को सूचना दी। देर रात तक पुलिस बालक की खोजबीन में आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगालती रही। रेलवे ट्रैक व हाइवे किनारे झाड़ियों में भी टार्च लेकर सर्च किया गया, लेकिन बालक का कोई सुराग नहीं लगा। वहीं, कुछ लोगों ने बालक को साइकिल चलाते देखने की बात पुलिस को बताई है। आशंका जताते परिवार वाले पहले ही टीपीनगर थाने पर तहरीर दे चुके हैं।
करन के पिता को दी हत्या की धमकी
मेरठ: शहर के चर्चित करन कौशिक हत्याकांड में वादी और मृतक के पिता पिता राकेश कौशिक को जान से मारने की धमकी मिली है। इस मामले में सिविल लाइन पुलिस से शिकायत की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने दो नामजद और दर्जनभर अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। मामले की जांच की जा रही है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के सुभाष नगर निवासी राकेश कौशिक के बेटे करन कौशिक की अगवा करने के बाद हत्या कर दी गई थी। करन का शव कब्रिस्तान से बरामद किया गया था। इस हत्या से शहर में बवाल होते होते बचा। पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हालांकि वह जमानत पर चल रहे हैं।
वर्तमान में मामला न्यायालय में विचाराधीन है। 26 सितंबर को न्यायालय में बयान दर्ज किए जाने थे। राकेश कौशिक ने बताया कि वह अपने सुरक्षाकर्मी के साथ कोर्ट पहुंचे थे। दूसरे पक्ष से आरोपी ताज मोहम्मद उर्फ सोनी पुत्र सईद व सलमान लंगड़ा पुत्र नौशाद अपने करीब दर्जनभर से अधिक लोगों के साथ मौजूद थे। आरोप है कि देखते ही इन लोगों ने गाली-गलौज करनी शुरू कर दी। धमकी देने पर उतर आए कि अगर दोबारा कचहरी में दिखा तो बेटे के पास पहुंचा देंगे। हंगामा हुआ तो पुलिसकर्मी दौड़ पड़े।
दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जबकि उनके साथी बाइक व कार से भाग निकले। राकेश कौशिक ने पहले सिविल लाइन थाने और फिर सीओ सिविल लाइन से शिकायत की है। सीओ ने मामले की जांच कराई, जिसके बाद एफआईआर दर्ज कर ली गई। एफआईआर में ताज मोहम्मद उर्फ सोनी, सलमान लंगड़ा के अलावा दर्जन भर अज्ञात लोगों का जिक्र है। सीओ अभिषेक तिवारी का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

