जनवाणी संवाददाता |
रामपुर मनिहारान: श्री दिगम्बर जैन समाज के चल रहे दश लक्षण पर्व के समापन के उपरांत क्षमावाणी पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गया। रविवार को प्रातः आचार्य श्री 108 भारत भूषण जी महाराज ससंघ के सानिध्य में श्री जी का अभिषेक शांति धारा की गई। ततपश्चात सोलहकरण पूजा और क्षमावाणी पूजा विशेष रूप से की गई।
प्राचीन जैन मंदिर में आचार्य श्री भारत भूषण जी महाराज ने कहा कि किसी के मन में कोई बात न रह जाए कोई कषाय नही हो इसलिए आपस मे जाने अनजाने में हुई गलतियों की क्षमा याचना कर स्वच्छ दिल से जीवन यात्रा प्रारंभ कर देते है।जीवन यात्रा में चलते चलते यदि मेरे आचरण से, शब्दों से,अहंकारवश, क्रोधवश वाणी पर नियंत्रण नही होने के कारण, मेरे कार्यों एवं गलतियों से जाने अनजाने में आपके अंतरमन को कष्ट या पीड़ा हुई हो, सम्मान में त्रुटि हुई हो तो स्वार्थ, मोह, अज्ञानतावश हुई समस्त भूलो के लिये सच्चे स्वच्छ ह्रदय से क्षमायाचना करते हुए मैं आपके आशीर्वाद स्नेह भाव की कामना करता हूँ। इस प्रकार सभी एक दूजे से क्षमा मांगते हैं।

