Friday, July 26, 2024
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पर्यावरण मंत्रालय में लटकी है कांवड़ मार्ग की फाइल

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  • नयी गंगनहर पटरी के ऊपर मुजफ्फरनगर जिले में शामिल हैं दो बड़े निर्माण

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग के नवनिर्माण के लिए टेंडर भी हो चुका। केन्द्रीय पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से हरी झंडी का इंतजार पीडब्ल्यूडी कर रहा हैं। नौ मीटर चौड़ाई वाले इस मार्ग का निर्माण पीडब्ल्यूडी करेगा। गंगनहर से कभी सिल्ट नहीं निकाली गई, लेकिन अजीब शर्त इसमें लगा दी थी कि नहर के किनारे पर सिल्ट निकाली जाएगी, जिसके बाद पांच मीटर नगर से सटकर जगह छोड़कर सड़क का निर्माण किया जाएगा। इस प्रस्ताव पर मुहर लग चुकी हैं, लेकिन इसमें केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय में इसकी फाइल अटकी हुई हैं।

वन विभाग ने पेड़ों के ट्रांसप्लांट को लेकर तैयार तो की थी, लेकिन अभी इस पर भी कुछ फाइनल नहीं हुआ हैं। चौ. चरण सिंह कांवड़ मार्ग के दांयी तरफ पटरी के नवनिर्माण के साथ ही सेतु निगम 160 करोड़ की लागत से 13 पुलों का निर्माण करेगा, जिसमें सरधना में पुल का निर्माण कर दिया गया हैं। ये पुल सरधना और दौराला को आपस में कनेक्ट करता हैं। जनपद में तीन, मुजफ्फरनगर में छह और गाजियाबाद में चार पुलों के निर्माण इसमें शामिल हैं। नयी गंगनहर पटरी के उपर मुजफ्फरनगर जिले में दो बड़े निर्माण शामिल हैं, जो रेलवे ओवरब्रिज व एनएच-58 के उपर से गुजरेंगे।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसके लिए धनराशि भी अवमुक्त कर चुके हैं, जिसके बाद भी निर्माण अभी चालू नहीं हुआ। इसकी वजह केन्द्रीय पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से हरी झंडी नहीं मिलना हैं। चौधरी चरण सिंह कांवड़ गंगनहर के दांयी ओर मुजफ्फरनगर से गाजियाबाद तक 111.49 किमी पटरी मार्ग का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 100 करोड़ की धनराशि अवमुक्त हो चुकी हैं। मेरठ, गाजियाबाद और मुजफ्फरनगर जनपद में 222.98 हेक्टेयर का अधिग्रहण भी इसमें किया जाएगा।

भारत सरकार पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय केंद्र को रिपोर्ट भेजी है, जिसमें गंगनहर पटरी के दांयी ओर नवनिर्माण में उपयोग होने वाली वन विभाग की भूमि व पेड़ों की संख्या के बारे में जानकारी दी है। इसकी पूरी डिटेल केन्द्र सरकार के पास भेज दी हैं, अब इसको हरी झंडी मिलना बाकी हैं। पेड़ों व पौधों की संख्या 112722 है, जिसको लेकर फाइल केन्द्र सरकार के पास अटकी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कांवड़ पटरी मार्ग के नव निर्माण को 628.74 करोड़ की स्वीकृति प्रदान कर चुके हैं, जबकि 100 करोड़ की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी हैं।

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