- पांडव टीले में खुदाई के दौरान उत्खनन कार्य में मिल रही बेहद चौकाने वाली चीजें
जनवाणी संवाददाता |
हस्तिनापुर: महाभारत कालीन तीर्थ नगरी हस्तिनापुर की धरती ने महीनों से चल रहे उत्खनन कार्य में अब महाभारत काल के राज उगलने शुरू कर दिये हैं। वर्ष 1952 के बाद 2022 में हुए उत्खनन कार्य में जो चीजें मिली हैं, वो बेहद चौकाने वाली हैं। मसलन यहां लगभग 3500 साल पुराने महाभारत काल के राज मिले रहे हैं। खुदाई में 3500 साल पुराने मृदभांड, धूसर संस्कृति और जानवरों के अवशेष महाभारत युग के होने का इशारा करते साफ नजर आ रहे हैं।
हस्तिनापुर में पांडव टीले पर उत्खनन में मिल रहे अवशेष अब कौतूहल का विषय बनते जा रहे हैं। अधीक्षण पुरातत्वविद् डॉ. डीबी गणनायक का कहना है कि ये एएसआई की टीम को उत्खनन के दौरान लगभग 3500 साल पुराने मृदभांड, घोडेÞ, बकरी, कुत्ते आदि जानवरों की हड्डियों के अवशेष मिल हैं। डीबी गणनायक का कहना है कि 3500 साल पूर्व लोग घोड़े, कुत्ता, बकरी आदि का पालन करते थे।
साथ ही उत्खनन में कई ऐसे अवशेष जौ, गेहंू, चावल आदि के दाने भी मिले हैं। वो कहते हैं कि ये अवशेष 3500 साल पुराना हो सकता है। उत्खनन को लेकर ये बात यकीनी तौर पर कही जा सकती है कि हस्तिनापुर में वैदिक संस्कृति की झलक है। वो कहते हैं कि हस्तिनापुर को आइकॉनिक साइट के रूप में विकसित किया जाएगा। गौरतलब है कि एक बार फिर 1952 के बाद हस्तिानपुर की धरती पर 70 साल बाद उत्खनन हो रहा है।
कई बार उजड़ाने के साथ विकसित हुआ हस्तिनापुर
किंवदंतियों और जनश्रुतियों में हस्तिनापुर को ही महाभारतकालीन माना जाता है। कई बार उजड़े और बसे हस्तिनापुर से कई सभ्यताओं के साक्ष्य जिनमें महाभारत कालीन पीजीडब्ल्यू (चित्रित धूसर मृदभांड) तो मिले पर पुरातत्व विभाग अकाट्य प्रमाण के लिए 69 साल बाद फिर उत्खनन में जुट गया है।
1950-1952 में भारतीय पुरातत्व के पितामह माने जाने वाले विश्व प्रसिद्ध प्रो. बीबी लाल की अगुवाई में उत्खनन के दौरान लगभग 3200 वर्ष पुराने मृदभांड व अन्य अवशेष मिले थे। अब उल्टा खेड़ा के अमृत कूप के निकट डीबी गणनायक के नेतृत्व में चल रहे उत्खनन में ट्रेंच लगाकर एएसआइ की टीम को बुधवार को महाभारत कालीन अवशेष मिले।
3500 साल पूर्व मिले अवशेष कर रहे महाभारत काल की पुष्टि
उत्खनन के दौरान एएसआई की टीम को मिले 3500 साल पुराने अवशेष के बाद हस्तिनापुर में महाभारत कालीन अवशेष मिलने के संकेत दे रही है। लोगों के साथ पुरातत्वविद का कहना है कि 3500 साल पूर्व के मिले अवशेष महाभारत काल की और होने का इशारा कर रहे हैं। हालांकि एएसआई की टीम को कोई भी सदस्य इस बारे में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।

