Monday, May 17, 2021
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मनमाफिक मिला रिजल्ट तो खिले चेहरे

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  • देर रात तक चलती रही मतगणना, कई प्रत्याशियों के नाम आये सामने
  • प्रशासन की ओर से देर रात तक नहीं की गई घोषणा

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: मतगणना स्थलों पर दूसरे दिन भी देर रात तक मतगणना चलती रही। कई प्रत्याशियों के नाम देर रात तक ही सामने आने लगे। जिला पंचायत सदस्य के 33 वार्डों पर जो नाम सामने आये उनमें से ज्यादाता लोकदल, बसपा या सपा समर्थित रहे। भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की संख्या ना के मुकाबले रही।

बता दें कि जिला पंचायत सदस्य के 33 वार्डों पर 451 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे थे। मतदान 26 अप्रैल को संपन्न हुआ था। दो मई सुबह सात बजे से मतगणना जारी है, लेकिन सोमवार देर रात तक भी पूरी तरह से स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई। मतगणना स्थल पर जिला पंचायत सदस्य पद के नतीजे दोपहर बाद आने शुरू हुए। जिनमें कई प्रत्याशी खुश अपनी जीत पर खुश हुए तो कईयों के सपने टूटते नजर आये।

अश्वनी शर्मा ने राहुल को 515 वोटों से किया पराजित

सरधना: जिला पंचायत वार्ड-10 पर करीब आठ घंटे चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद जीता का ताज बसपा प्रत्याशी अश्वनी शर्मा के सिर सजा। दरअसल मतगणना के दौरान करीब चार बजे आरओ कुमार अरविंद किसी को बताए बिना ही अपनी सीट छोड़कर चले गए थे। उन्होंने अपना मोबाइल भी स्वीच आॅफ कर लिया था। जबकि जिला पंचायत वार्ड-10 का फाइनल फिगर घोषित होना बाकी था।

जिसके बाद अश्वनी शर्मा पक्ष ने धांधली का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया था। सैकड़ों की संख्या में अश्वनी के समर्थक मतगणना स्थल पर पहुंच गए थे। करीब तीन घंटे बाद आरओ यहां पहुंचे और कई घंटे तक कागज पलटते रहे। करीब आठ घंटे चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद साढे 12 बजे आरओ ने घोषणा करते हुए बताया कि अश्वनी शर्मा सबसे अधिक 8935 वोट लेकर प्रथम स्थान पर हैं।

राहुल चौहान 8420 वोट के साथ दूसरे स्थान पर, जबकि शबी खान 7177 वोट के साथ तीसरे स्थान पर हैं। इस तरह बसपा प्रत्याशी अश्वनी शर्मा ने भाजपा समर्थित प्रत्याशी राहुल चौहान को 515 वोटों से हराया है। परिणाम घोषित होने के बाद अश्वनी के समर्थकों में जश्न छा गया।

सरूरपुर में 27 में से 11 पदों पर महिला प्रधानों ने जमाया कब्जा

ब्लॉक की 27 ग्राम पंचायतों में से 11 ग्राम पंचायतों पर महिलाओं का दबदबा रहा। जबकि सरूरपुर ब्लॉक में एकमात्र पिठलोकर गांव से नाजरीन बेगम दूसरी बार प्रधान चुनी गई। इसके अलावा ब्लॉक से सभी प्रधान नए और पहली बार चुने गए। युवा चेहरा और नई राजनीति पैठ वाले हैं। 27 ग्राम पंचायतों में से अनारक्षित होने के बावजूद ज्यादातर लोगों ने महिलाओं पर दांव लगाया।

जिनमें से 11 ग्राम प्रधान के पदों पर महिलाओं ने दबदबा कायम किया। इसके अलावा ज्यादातर क्षेत्र पंचायत सदस्य पद पर भी महिलाओं का दबदबा रहा। जिला पंचायत का वार्ड सामान्य होने के बावजूद महिला प्रत्याशी होने के बावजूद धुरंधरों को पटखनी देते हुए सीट कब्जा ली है।

सरूरपुर ब्लॉक में केवल सात गांव में महिलाओं के लिए आरक्षित थी, लेकिन 11 सीटों पर महिलाओं ने कब्जा जमा कर आरक्षण व्यवस्था को चुनौती दी है। वहीं, दूसरी ओर रोहटा ब्लॉक में भी महिलाओं का खासा दबदबा रहा यहां 39 ग्राम पंचायत में से लगभग आधे पदों पर महिलाओं ने कब्जा जमा लिया। 18 ग्राम प्रधान के पदों पर महिलाओं ने कब्जा जमाते हुए आरक्षण व्यवस्था को चुनौती दी है।

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