Tuesday, September 21, 2021
- Advertisement -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
- Advertisement -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
HomeUttar Pradesh NewsSaharanpurमेला गुघाल क्षेत्र में जमकर हो रहा चोरी के वाहनों का कटान

मेला गुघाल क्षेत्र में जमकर हो रहा चोरी के वाहनों का कटान

- Advertisement -
  • पलक झपकते ही काट दिए जाते हैं चोरी के वाहन
  • पुलिस कभी झांकने तक नहीं जाती, मिलीभगत से चल रहा गोरखधंधा

वरिष्ठ संवाददाता |

सहारनपुर: चोरी के वाहन केवल ढोलीखाल में ही नहीं काटे जाते हैं बल्कि कुतुबशेर थाना क्षेत्र के मेला गुघाल एरिया में भी यह गोरखधंधा जोरों पर चल रहा है। यहां बड़े पैमाने पर पड़ोसी राज्यों से चोरी किए गए वाहनों को पलभर में काट दिया जाता है।

दो पहिया से लेकर चार और आठ टायरा ट्रकों के कल-पुरजे देखते ही देखते अलग कर दिए जाते हैं। इस काले कारनामे को अंजाम दिलाने में कुछ सफेदपोशों का भी हाथ बताया जाता है। फिलहाल ये गलीज धंधा बेरोक-टोक चल रहा है। हैरत की बात तो ये है कि कुतुबशेर थाना पुलिस यहां झांकने तक नहीं जाती।

चोरी के वाहनों के कटान के लिए पश्चिमी यूपी का मेरठ और सहारनपुर बदनाम है। सहारनपुर में ढोली खाल और चौक फव्वारा के पास मेला गुघाल क्षेत्र का गोदाम चोरी के वाहनों के कटान के काम आ रहा है। ढोली खाल में तो चोरी के वाहनों का कटान करने वाले सड़क तक पर कब्जा जमा लिए हैं।

इसी तरह मेला गुघाल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर चोरी के वाहनों का कटान किया जा रहा है। पुलिस हैं कि वह आंख मूंदे बैठी है। हालांकि, समय-समय पर पुलिस वाहन चोरी की वारदातों का खुलासा करती रही है। गुघाल क्षेत्र में वाहनों का जो कमेला है, वहां पड़ोसी राज्य हरियाणा, उत्तराखंड और पंजाब से चोरी किए वाहन काटे जाते हैं।

इस अवैध धंधे को अंजाम देने वालों के वाहन चोर गिरोहों से ताल्लुकात हैं। पुलिस जांच में कई बार पता चला है कि वाहन चोर गिरोह यहां आते हैं और बड़ी-बड़ी गाड़ियों को कम दामों में बेच देते हैं। चोरी की गाड़ियां नकली कागजात बनाकर यूपी के दूसरे जिलों में भी बेची जा रही हैं।

चाहे ढोली खाल हो या मेला गुघाल क्षेत्र का वाहनों वाला कमेला। यहां कोड वर्ड में ही बात होती है। सूत्रों का कहना है कि वाहन लाने के बाद रुपये गिरोह के मुखिया को दिए जाते हैं। छोटी कार के दस से बीस और बड़ी के 60 से अस्सी हजार दिए जाते हैं।

सूत्रों का यह भी कहना है कि वाहन पहुंचने के 15 मिनट बाद ही उसके कल-पुरजे अलग-अलग कर दिए जाते हैं। इंजन, पहिये, खिड़की, बाडी, सीट सब अलग-अलग दुकानों पर बेच दी जाती है। इंजन और चेचिस के नंबर हथियार से वार कर खराब कर दिए जाते हैं। चोरी के वाहनों का कमेला धड़ल्ले से यूं ही नहीं चल रहा है।

दरअसल, इसमें पुलिस की संलिप्तता बताई जाती है।ढोली खाल हो या मेला गुघाल क्षेत्र। यहां कभी भी पुलिस सख्ती से पेश नहीं आती। मेला गुघाल क्षेत्र में जिसकी देखरेख में चोरी के वाहन काटे जा रहे हैं, उसने यहां बड़े भूभाग पर गोदाम सा बना लिया है।

पुलिस यहां जाती भी है तो उल्टे पांव लौट आती है। इस संबंध में एसपी सिटी राजेश कुमार का कहना है कि ऐसा कदापि नहीं होने दिया जाएगा। पुलिस वाहन चोर गिरोहों को लेकर सख्त है। चोरी के वाहन कतई नहीं कटने दिए जाएंगे।

What’s your Reaction?
+1
0

+1
1

+1
0

+1
0

+1
0

+1
0

+1
0

- Advertisement -

Leave a Reply

- Advertisment -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Most Popular

- Advertisment -spot_img

Recent Comments