Wednesday, December 1, 2021
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ट्रैफिक पुलिस की हाइवे पर लूट

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  • टीआई अपनी टीम को लेकर हाइवे पर रुकवाते है ट्रकों को, फिर की जाती है वसूली

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: हाइवे पर वाहन सरपट दौड़ रहे थे। अचानक ट्रैफिक पुलिस कर्मी डंडा लेकर एनएच-58 पर वाहनों को रुकवा रहे थे। वाहन भी सिर्फ ट्रक, जिनमें माल लदा था। ट्रकों को खड़ौली के पास सड़क किनारे खड़ा कराकर उनके कागज चेक किये जा रहे थे। कागज चेकिंग के नाम पर आर्थिक उत्पीड़न ट्रक चालकों का किया जा रहा है। नेशनल हाइवे पर चेकिंग के नाम पर जो लूट चल रही थी, उसे जनवाणी ने कैमरे में कैद कर लिया।

जब ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने कैमरा चलते हुए देखा तो हड़कंप मच गया। ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने ट्रक चालकों को भगा दिया, फिर उनके कोई दस्तावेज चेक नहीं किये। यह हालत अब ट्रैफिक पुलिस की हो गई है कि नेशनल हाइवे पर ट्रकों को डंडा दिखाकर रुकवाया जाता है, फिर वसूली की जाती है। इसके बाद ही ट्रकों को जाने दिया जा रहा है।

यह एक दिन की प्रक्रिया नहीं, बल्कि हर रोज चल रहा है। पिछले पांच दिन से जनवाणी ट्रैफिक पुलिस की वीडियो ग्राफी करा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीरो टोलरेंस के दावे को ट्रैफिक पुलिस कर्मी मुंह चिढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही ईमानदारी से काम कर रहे हैं, मगर नौकरशाही बेलगाम है।

क्योंकि जिस तरह से ट्रैफिक पुलिस हाइवे पर ट्रकों को रोककर वसूली अभियान चला रही है, उसको देखकर तो ऐसा ही लगता है। यहां पर एडीजी भी कह चुके हैं कि टैÑफिक पुलिस गैर राज्यों की गाड़ियों को चेक नहीं करेगी, नहीं किसी तरह का उत्पीड़न किया जाएगा। उनके इन आदेशों को भी ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी धत्ता बता रहे हैं।

ट्रैफिक पुलिस भ्रष्टाचार का जो खेल खेल रही है, उससे प्रदेश सरकार की छवि धूमिल हो रही है, मगर इसकी चिंता एसपी ट्रैफिक को भी नहीं है। मंगलवार को टीआई मशगुल हसन पूरी टीम के साथ खड़ौली एनएच-58 पर जीप लेकर खड़े थे। टीआई जीप में बैठे थे, बाकी चार पुलिस कर्मी ट्रकों को रोक रहे थे, फिर साइड में लगवाकर वसूली में जुटे थे। घंटों तक यहीं काम यहां हाइवे पर हर रोज चलता है।

यह भ्रष्टाचार टीआई स्तर से अधिकारी कर रहे हैं। बड़ा सवाल यह है कि नेशनल हाइवे पर ट्रकों की चेकिंग के लिए किसने अनुमति दी? हाइवे पर कोई जाम भी नहीं लगता है। ट्रैफिक पुलिस का काम है कि शहर के ट्रैफिक को कंट्रोल करें। हाइवे पर किसी तरह का जाम लगता भी नहीं है, लेकिन ट्रैफिक पुलिस किस तरह से शहर से बाहर हाइवे पर अपना डेरा लगा रही है। क्योंकि तमाम ट्रक यहां से निकलते हैं।

ट्रकों को पकड़ने का इससे अच्छा मौका ट्रैफिक पुलिस को कहां मिलेगा? इतना भ्रष्टाचार ट्रैफिक को लेकर हो रहा है, मगर आला पुलिस अफसर मौनी बाबा बने हुए हैं। यही नहीं, हैरत कर देने वाली बात यह है कि जनप्रतिनिधि भी चुप्पी साधे हुए हैं तथा भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। जिस तरह से सड़कों पर भ्रष्टाचार हो रहा है, ऐसा तो पिछली सरकारों में भी नहीं हुआ था। ऐसा तब है जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जीरो टोलरेंस की बात करते हैं, मगर नौकरशाही क्या कर रही हैं, इसको कौन देखेगा? ये बड़ा सवाल है।

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